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UP Chunav 2022: यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लड़ेंगे चुनाव, जानिए कौन सी है वो तीन सीट?

UP Chunav 2022: यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लड़ेंगे चुनाव, जानिए कौन सी है वो तीन सीट?

Prayagraj: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या तीन सीटों से लड़ सकते हैं चुनाव

Prayagraj: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या तीन सीटों से लड़ सकते हैं चुनाव

UP Assembly Election 2022: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों और कौशांबी की एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं. केशव प्रसाद मौर्य के कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट और प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों फाफामऊ और शहर उत्तरी में से किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है.

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प्रयागराज. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर बीजेपी (BJP) पूरी ताकत से चुनाव की तैयारियों से जुड़ गई है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और दोनों उप मुख्यमंत्रियों डॉ दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) को भी चुनाव में उतारने का फैसला किया है. दोनों उप मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री उच्च सदन यानी विधान परिषद के सदस्य हैं. ऐसे में इन नेताओं के चुनाव लड़ने के लिए अब विधानसभा सीट की तलाश भी शुरू हो गई है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों और कौशांबी की एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं. केशव प्रसाद मौर्य के कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट और प्रयागराज की दो विधानसभा  सीटों फाफामऊ और शहर उत्तरी में से किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है.

बीजेपी नेताओं का मानना है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का कद पार्टी में काफी बड़ा है और तीनों विधानसभा सीटों में जहां से भी केशव प्रसाद मौर्य चुनाव लड़ेंगे निश्चित तौर पर भारी मतों से जीत भी दर्ज करेंगे। बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ शैलेश कुमार पांडेय का दावा है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बीजेपी के बड़े जनाधार वाले सर्वमान्य नेता हैं. ऐसे में अगर वह प्रदेश के किसी भी कोने से किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं तो न केवल भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे बल्कि उनकी जीत का अंतर भी एक लाख से ज्यादा मतों का होगा.

राजनीतिक विश्लेषक भी मान रहे प्रबल दावेदार
वहीं राजनीतिक विश्लेषक भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कद को देखते हुए उनके जीत की प्रबल संभावनाएं जता रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार अनंतराम कुशवाहा के मुताबिक डिप्टी सीएम सिराथू से 2012 में पहले भी विधायक रह चुके हैं और रिकॉर्ड मतों से उन्होंने वहां पर चुनाव जीता था. इसलिए उनके उस सीट से चुनाव लड़ने में कोई परेशानी नहीं है और कौशांबी उनका गृह जनपद भी है. इसके साथ ही साथ अगर प्रयागराज की दो विधानसभा सीटों शहर उत्तरी और फाफामऊ से चुनाव लड़ने की बात करें तो यहां पर भी उनके चुनाव लड़ने पर कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि दोनों सीटें फूलपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आती हैं और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य 2014 में फूलपुर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव भी जीत चुके हैं. उनकी इस जीत में फाफामऊ और शहर उत्तरी से उनको अच्छी लीड भी मिली थी.

इन तीन सीटों से लड़ सकते हैं चुनाव
इसके साथ ही साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लगातार शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं और हर छोटे-बड़े कार्यों में उनकी सहभागिता भी रहती है. शहर उत्तरी से बीजेपी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी की अपेक्षा डिप्टी सीएम की इस विधानसभा क्षेत्र में बढ़ी सक्रियता भी इस बात को बल दे रही है कि डिप्टी सीएम यहां से चुनाव लड़ सकते हैं. इसके साथ ही साथ बीजेपी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी जहां कुछ समय पहले तक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साए की तरह उनके साथ रहते थे. वहीं अब डिप्टी सीएम के कार्यक्रमों में उसकी मौजूदगी भी थोड़ी कम नजर आ रही है. इसके साथ ही साथ बीजेपी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य यह भली-भांति जानते हैं कि यह सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोगों की विधानसभा है और इसे बीजेपी का गढ़ भी माना जाता है, इसलिए तीनों विधानसभा सीटों में सबसे ज्यादा संभावना शहर उत्तरी से ही केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव लड़ने की है.

मौजूदा विधायक ने कहा खुशी-खुशी साइट छोड़ने को तैयार
इसके साथ ही साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल जो कि केशव प्रसाद मौर्य के राजनीति गुरु हैं वह भी इसी क्षेत्र से में निवास करते थे. यह विधानसभा क्षेत्र आरएसएस और बीजेपी का गढ़ भी माना जाता है. वहीं फाफामऊ विधायक विक्रमाजीत मौर्य ने खुद कहा है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती और अगर केशव प्रसाद मौर्य उनकी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो उनके लिए खुशी खुशी सीट छोड़ने को भी तैयार हैं.

विकास कार्यों का मिल रहा समर्थन
इसके साथ ही साथ फूलपुर संसदीय सीट से संसद सदस्य रहने से लेकर अब तक उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों से भी उनको भारी जनसमर्थन मिल रहा है. खास तौर पर 2019 के कुंभ के पहले प्रयागराज शहर को कई फ्लाईओवर की सौगात डिप्टी सीएम और लोक निर्माण मंत्री रहते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दी है. उन्होंने कौशांबी से लेकर प्रयागराज में विकास की जो गंगा बहायी है उसके चलते उनकी जीत में कोई दिक्कत नहीं है. हालांकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पूरे प्रदेश में विकास किया है, लेकिन प्रयागराज और कौशांबी में जो विकास कार्य उन्होंने किए हैं वह लोगों को धरातल पर दिखाई दे रहा है.

ऐसा रहा है केशव प्रसाद मौर्य का पॉलिटिकल सफर
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के राजनीतिक सफर की अगर बात करें तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विश्व हिंदू परिषद के साथ राजनीति शुरू की. विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल के शिष्य बने और उनकी सेवा करते हुए उन्होंने 2005 में शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा, हालांकि चुनाव हार गए. 2007 में एक बार फिर से शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और इस बार भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। जिसके बाद 2012 में कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े और यहां पर जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे थे. जिसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2014 में उन्हें फूलपुर संसदीय सीट से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया और पहली बार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यहां पर कमल खिलाया। जिसके बाद 2017 में सांसद पद से उन्होंने त्यागपत्र दिया और सूबे में डिप्टी सीएम बनाए गए. डिप्टी सीएम बनने के बाद मौजूदा समय में केशव प्रसाद मौर्य उच्च सदन यानी विधान परिषद के सदस्य हैं.

Tags: Deputy CM Keshav Maurya, Prayagraj, Prayagraj News, UP Assembly Election 2022, UP Assembly Election News, UP Assembly Elections 2022

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