प्रयागराज: मोबाइल की लत छुड़ाएगा 'मोबाइल नशा मुक्ति केंद्र', शुरू हुई ओपीडी

समाज में मोबाइल की बढ़ती लत की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए प्रयागराज के मोतीलाल नेहरु मंडलीय अस्पताल में प्रदेश के पहले मोबाइल नशा मुक्ति केन्द्र की शुरुआत हुई है.

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 16, 2019, 12:55 PM IST
प्रयागराज: मोबाइल की लत छुड़ाएगा 'मोबाइल नशा मुक्ति केंद्र', शुरू हुई ओपीडी
मोबाइल नशे की लत छुड़ाने के लिए प्रयागराज में शुरू हुई ओपीडी सेवा
Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 16, 2019, 12:55 PM IST
मौजूदा दौर में मोबाइल और इंटरनेट ने एक ओर जहां लोगों का काम आसान किया है, तो वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग इसके लती भी हो रहे है. बच्चों के साथ ही साथ बड़े और महिलायें भी मोबाइल के आदी हो चुके हैं. लोग मोबाइल पर गेम खेलने के साथ ही चैटिंग, फोटो अपडेट करने और कमेंट करने के आदी हो रहे हैं. जिससे न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि मोबाइल न मिलने पर लोगों के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. जिससे लोग चिडचिड़ेपन और बेचैनी के शिकार भी हो रहे हैं. समाज में मोबाइल की बढ़ती लत की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए प्रयागराज के मोतीलाल नेहरु मंडलीय अस्पताल में प्रदेश के पहले मोबाइल नशा मुक्ति केन्द्र की शुरुआत हुई है.

मोबाइल से हो रहे लोग बीमार

मोबाइल और इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है. मोबाइल के बिना अब जीवन अधूरा सा लगता है. लेकिन विज्ञान की ये तकनीक लोगों को नुकसान भी पहुंचा रही है. बच्चों से लेकर किशोर और युवा जहां मोबाइल के लती हो रहे हैं, वहीं पबजी जैसे खतरनाक गेम के जरिए अवसाद में जाकर आत्महत्या तक कर रहे हैं. इसके साथ ही कई वयस्क और महिलायें भी अकेलेपन का शिकार होकर मोबाइल के लती हो रही हैं. जो लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है. बच्चों के मोबाइल के लती होने में ज्यादातर माता-पिता ही जिम्मेदार होते हैं. दरअसल घर में अकेली महिलायें कई बार बच्चों के हाथों में मोबाइल पकड़ाकर घर के कामों में लग जाती है. जिससे बच्चे काफी देर तक मोबाइल में बिजी रहते हैं और वे उसके आदी हो जाते हैं. अभिभावक भी अपनी गलती स्वीकार कतरे हैं, लेकिन इसके पीछे अपनी मजबूरियां भी बताते हैं. अभिभावकों का ये भी तर्क है कि मोबाइल से बच्चों को कई जानकारियां भी मिलती है. जैसे उन्हें कवितायें और गीत मोबाइल देखकर दी याद हो जाते हैं. वहीं शिक्षक बच्चों में मोबाइल को लेकर बदलते व्यवहार को लेकर चितिंत नजर आ रहे हैं और अभिभावकों को भी सजग रहने की सलाह दे रहे हैं.



मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए यह पहली ओपीडी सेवा

मोबाइल की बच्चों और युवाओं में बढ़ती लत की समस्या को देखते हुए प्रयागराज के मोती लाल नेहरु मंडलीय अस्पताल में सोमवार से मोबाइल नशा मुक्ति केन्द्र की शुरुआत हुई है. जिसमें मोबाइल और इंटरनेट की लत छुडाने के लिए खास ओपीडी शुरू हुई है. इसमें मरीजो की काउंसिलिग के साथ उन्हें जरूरत पड़ने पर दवायें भी उपलब्ध कराई जायेगी. इसके साथ ही कुछ खास थिरेपी व योग भी बताया जाएगा. मोबाइल व इंटरनेट का प्रयोग बच्चो से लेकर बड़े तक कर रहे है. हाल यह है कि अब चार से पांच साल तक के बच्चे भी मोबाइल मे गेम व कार्टून देखे बिना नहीं रह पा रहे है. घरवालों के कहने पर भी बच्चे मोबाइल मे गेम खेलने ले बाज नही आ रहे है.


Loading...

मनोचिकित्सकों के मुताबिक यह लत उनके मानसिक विकास के लिए घातक साबित हो सकती है. वहीं मोबाइल के आदी हो चुके लोग बड़े तेजी से डिप्रेशन के शिकार होते जा रहे है. इस समस्या के समाधान के लिए ही काल्विन अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन खास ओपीडी शुरू हुई है. अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ वीके सिंह के नेतृत्व मे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ कार्यक्रम के नोडल अफसर डॉ राकेश पासवान की ओर से सफ्ताह मे तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुकवार को ओपीडी चलेगी.

ये भी पढ़ें:

मुजफ्फरनगर: पुलिस पर हमला कर फरार होने वाला एक लाख का इनामी रोहित साथी संग मुठभेड़ में ढेर

ऐसे शुरू हुई काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक की परंपरा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इलाहाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 16, 2019, 12:54 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...