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Prayagraj News: अतीक अहमद के करीबी ने कब्जाई सरकारी जमीन, प्लॉटिंग के लिए नदी पर बना डाला अवैध पुल

अतीक अहमद के करीबी भू-माफिया गुल बहार ने सरकारी जमीन पर कब्ज़ा कर नदी पर बना डाला अवैध पुल

अतीक अहमद के करीबी भू-माफिया गुल बहार ने सरकारी जमीन पर कब्ज़ा कर नदी पर बना डाला अवैध पुल

Prayagraj News: मामला सामने आने के बाद सरकारी अमले में हड़कंप मच गया है. बैकफुट पर आए सरकारी अमले ने इस मामले में अब भू माफिया गुल बहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

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प्रयागराज. यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने माफियाओं के खिलाफ सबसे ज्‍यादा कार्रवाई संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में की है, लेकिन इसके बावजूद यहां माफियाओं के कारनामों के किस्से खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद (Atiq Ahmad) के करीबी कहे जाने वाले एक ऐसे भू माफिया का है, जिसने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर उस पर अवैध तरीके से प्लॉटिंग करने के लिए नदी पर प्राइवेट पुल बना डाला. नदी पर अवैध तरीके से बनाया गया पुल मानकों के विपरीत और कमजोर है, लिहाजा इससे गुजरने वाले लोगों की ज़िंदगी कभी भी खतरे में पड़ सकती है.

बहरहाल मामला सामने आने के बाद सरकारी अमले में हड़कंप मच गया है. बैकफुट पर आए सरकारी अमले ने इस मामले में अब भू माफिया गुल बहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. अफसरों का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच के बाद न सिर्फ मिलीभगत या लापरवाही करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि नदी पर अवैध तरीके से बनाए गए पुल को तोड़ा भी जाएगा. वैसे भू माफिया भले ही कितना भी ताकतवर हो, लेकिन नदी के किनारों पर कब्जा कर उसके पाट को कम करते हुए प्रवाह को रोकने और अपने फायदे के लिए अवैध तरीके से प्राइवेट पुल बनाए जाने का काम सरकारी अमले की मिलीभगत के बिना कतई मुमकिन ही नहीं है.

अवैध  कब्जे से नाले में तब्दील हुई नदी
प्रयागराज का हैरान कर देने वाला यह मामला झलवा इलाके के देवघाट का है. यहां इन दिनों गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद माफिया घोषित पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद का करीबी कहे जाने वाला गुल बहार करीब सैंतीस बीघा जमीन पर प्लॉटिंग कर रहा है. उसने अपनी जमीनों के साथ बगल से गुजरने वाली ससुर खदेरी नदी के कछारी इलाकों यानी नदी के किनारे की सरकारी जमीनों पर रोलर चलवाकर उसे न सिर्फ समतल करा दिया, बल्कि अपनी जमीन में मिला भी लिया. जिस जगह प्लॉटिंग की जा रही थी, वहां ससुर खदेरी नदी की हालत ऐसी कर दी गई कि वह किसी नाले सरीखी नज़र आने लगी. तकरीबन सौ मीटर दूरी रेलवे इस नदी पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए इस नदी पर जो पुल बनवा रहा है वहां और सौ मीटर दूरी पर माफिया द्वारा अवैध तरीके से बनाए गए पल की जगह पर नदी की चौड़ाई में एक तिहाई का फर्क हो जा रहा है. माफिया गुलबहार उर्फ़ गुलबदन ने नदी पर अपने फायदे के लिए जो पुल बनाया है वह मानकों से खिलवाड़ करने वाला है. आम तौर पर नदियों पर पुल कंक्रीट से बनते हैं जबकि माफिया ने ससुर खदेरी नदी पर बनाए गए प्राइवेट पुल को ईंटों के ज़रिये खड़ा किया है.

गुलबहार हुआ फरार
एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी गुलबहार उर्फ़ गुलबदन फरार है. चर्चा इस बात की है कि गुलबहार तो सिर्फ मुखौटा था, जबकि हकीकत में परदे के पीछे से माफिया अतीक अहमद इस जगह प्लॉटिंग करा रहा था. प्रयागराज रेंज के आईजी कवीन्द्र प्रताप सिंह के मुताबिक, पुलिस जांच में इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि माफिया किस के लिए काम कर रहा था. इस मामले में अब एफआईआर भले ही दर्ज हो गई हो, लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि माफियाओं और बाहुबलियों पर शिकंजा कसने की योगी सरकार की मंशा को सरकारी विभागों के कुछ अफसर व कर्मचारी पलीता लगाने और उसके किये कराए पर पानी फेरने का कोई मौका छोड़ने से कतई बाज नहीं आ रहे हैं.

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Mahant Narendra Suicide: तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, तीनों आरोपियों को भेजा नैनी जेल

महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था और गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया.

Mahant Narendra Giri Death: संदीप तिवारी के वकील ने कोर्ट में जमानत अर्जी भी पेश की लेकिन कोर्ट ने फिलहाल उस पर कोई भी फैसला नहीं लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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प्रयागराज. महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्‍ध मौत के मामले में तीसरे आरोपी को भी एसआईटी ने सीजेएम कोर्ट में गुरुवार को पेश कर दिया. संदीप की बुधवार को ही गिरफ्तारी की गई थी. कोर्ट ने संदीप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी तीनों को ही नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है. महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में तीनों पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद यूपी पुलिस ने आनंद तिवारी को हरिद्वार से और आद्या व संदीप तिवारी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था.
वहीं गुरुवार को संदीप तिवारी की सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान उसके वकील ने जमानत याचिका भी दाखिल की थी लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र में पर्याप्त आधार नहीं है, मामला सत्र न्यायालय की ओर से परीक्षण अपराध है. संदीप के वकील का तर्क था कि उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप आधारहीन और झूठ हैं. आरोप केवल रंजिश के चलते लगा दिए गए हैं ऐसे में उसके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है.

आनंद और आद्या को भी न्यायिक हिरासत
इससे पहले बुधवार को मामले में आरोपी आनंद गिरि और आद्या तिवारी को पहले ही कोर्ट में पेश किया जा चुका है. दोनों को भी कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

वहीं आरोपी आनंद गिरि ने अपने ऊपर खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है. अपने वकील की तरफ से कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र देकर आनंद गिरि ने कहा है कि उनके ऊपर कल (बुधवार) कोर्ट में हमला हुआ था, जिसको देखते हुए जेल के अंदर और कोर्ट लाते वक्त भी उन पर हमला हो सकता है.

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, इलाहाबाद को दिए प्रार्थना पत्र में आनंद गिरि ने वकील के माध्यम से कहा है कि उन्हें और आद्या प्रसाद तिवारी को 22 सितंबर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है. जब पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, तब न्यायालय के बाहर कुछ अराजक तत्वों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई और दुर्व्यवहार किया गया. उन्हें आशंका है कि जेल के अंदर और जेल से न्यायालय लाते समय उनके साथ प्राणघातक हमला व दुर्व्यवहार हो सकता है.

Mahant Death Case: आनंद गिरि और आद्या तिवारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी पेशी: CJM कोर्ट

Mahant Narendra Giri Death: गिरफ्तार स्वामी आनंद गिरि ने न्यायालय से विशेष सुरक्षा की मांग की थी, जिस पर सीजेएम कोर्ट ने आदेश दिया है.

Prayagraj News: आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी की ओर से अर्जी दाखिल कर विशेष सुरक्षा की मांग की गई थी. सीजेएम कोर्ट ने जेल मैनुअल व अन्य विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया है.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Mahant Narendra Giri Death Case) मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आनंद गिरि (Anand Giri) और आद्या प्रसाद तिवारी (Aadya Prasad Tiwari) ने अपने ऊपर जान का खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है. मामले में सीजेएम कोर्ट ने आदेश दिया है कि आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होगी. कोर्ट ने अगले आदेश तक वीडियो कान्फ्रेसिंग से पेशी का आदेश दिया है.

दरअसल आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी की ओर से अर्जी दाखिल कर विशेष सुरक्षा की मांग की गई थी. सीजेएम कोर्ट ने जेल मैनुअल व अन्य विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई का निर्देश दिया है. आरोप है कि बुधवार को पेशी के दौरान आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी के साथ धक्का-मुक्की हुई थी. यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि दोनों के साथ मारपीट करने की भी कोशिश हुई थी. सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें बमुश्किल कोर्ट परिसर से सुरक्षित निकाला था.

दरअसल मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, इलाहाबाद को दिए प्रार्थना पत्र में आनंद गिरि ने वकील के माध्यम से कहा है कि उन्हें और आद्या प्रसाद तिवारी को 22 सितंबर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है. जब पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, तब न्यायालय के बाहर कुछ अराजक तत्वों द़वारा उनके साथ मारपीट की गई और दुर्व्यव्हार किया गया. उन्हें आशंका है कि जेल के अंदर और जेल से न्यायालय लाते समय उनके साथ प्राणघातक हमला व दुर्व्यवहार हो सकता है.

Mahant Death Case: आनंद गिरि ने खुद पर जानलेवा हमले का खतरा बताते हुए मांगी विशेष सुरक्षा

उन्होंने अपील की है कि न्याय के हित में आवश्यक है कि अधीक्षक, केंद्रीय कारागार, नैनी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इलाहाबाद को आदेश दिया जाए कि वह आवेदक को जेल में विशेष सुरक्षा प्रदान करें और जेल से न्यायालय लाते समय व न्यायालय से जेल ले जाते समय विशेष सुरक्षा प्रदान करें.

बता दें महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरि की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

Narendra Giri Suicide: महंत नरेंद्र गिरी के सुसाइड के बाद का पहला VIDEO, खड़े हो रहे कई सवाल

महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड के ठीक बाद का वीडियो आया सामने

Mahant Narendra Giri Suicide Case: मठ के कर्मचारी सर्वेश द्विवेदी ने बताया है कि उन्होंने ही फांसी का फंदा काटा था. उससे ही तीन चार दिन पहले महंत नरेंद्र गिरि ने नायलान की रस्सी कपड़े सुखाने के लिए मंगाई थी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड करने के बाद का पहला वीडियो (Video) सामने आया है, इसमें उन्हें फांसी के फंदे से नीचे उतार कर फर्श पर लिटाया गया है. वीडियो में साफ तौर पर नजर आ रहा है कि सबसे पहले आईजी रेंज प्रयागराज केपी सिंह मौके पर पहुंचे हैं और वे महंत की बॉडी को उतारने वाले लड़कों से पूछताछ कर रहे हैं. लड़के उन्हें वीडियो में बता रहे हैं कि फंदे पर लटका देखकर वे घबरा गए और उन्होंने आनन फानन रस्सी का फंदा काटकर इसलिए नीचे उतारा कि हो सकता है कि उनकी सांसें चल रही हों.

मठ के कर्मचारी सर्वेश द्विवेदी ने बताया है कि उन्होंने ही फांसी का फंदा काटा था. उससे ही तीन चार दिन पहले महंत नरेंद्र गिरि ने नायलान की रस्सी कपड़े सुखाने के लिए मंगाई थी. कमरे में पंखा चलने को लेकर सर्वेश द्विवेदी का कहना है कि भीड़ में किसी का हाथ स्विच पर लगा हो और पंखा चल गया होगा. जानबूझकर किसी ने पंखा नहीं चलाया होगा.

वीडियो से खड़े हो रहे कई गंभीर सवाल

कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर जब सब लोग घबराए हुए थे तो यह वीडियो किसने बनाया? क्या यह वीडियो सही है या फिर इसमें कुछ एडिट किया गया है? पंखा किसने चलाया? पुलिस के आने से पहले शव को क्यों नीचे उतारा गया? ऐसे तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं जिनके जवाब अब सीबीआई को तलाशने होंगे.

इस वीडियो के सामने आने के बाद सबसे पहले चश्मदीद सर्वेश द्विवेदी से भी न्यूज़18 ने बातचीत की. उसने बताया कि भोजन के बाद महाराज जी कमरे में गए थे. पांच बजे ताज जब वो नीचे नहीं आए तो उन्हें फ़ोन किया गया जो बंद बता रहा था. सर्वेश दुबे ने बताया जब उनका फोन बंद आ रहा था तो हमने दरवाजे की कुंडी तोड़कर देखा तो वे पंखे से लटके मिले. सर्वेश ने बताया हमने आनन-फानन चाकू मंगाया और रस्सी को काटकर शेव नीचे उतारा. रस्सी को कितने टुकड़े में कांटा यह याद नहीं है. सर्वेश ने बताया कि हमें लग रहा था कि महाराज जी जिंदा होंगे, लेकिन जब कोई हलचल नहीं हुई तो हम ने पुलिस को फोन किया. 15 से 20 मिनट में पुलिस वहां आ गई फिर उसने पूरी कार्रवाई की.

Mahant Death Case: आनंद गिरि ने खुद पर जानलेवा हमले का खतरा बताते हुए मांगी विशेष सुरक्षा

Mahant Narendra Giri Death: गिरफ्तार स्वामी आनंद गिरि ने न्यायालय से विशेष सुरक्षा की मांग की है.

Prayagraj News: आनंद गिरि ने वकील के माध्यम से कहा है कि पेशी के समय न्यायालय के बाहर कुछ अराजक तत्वों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई और दुर्व्यवहार किया गया. आशंका है कि जेल के अंदर और जेल से न्यायालय लाते समय उनके साथ प्राणघातक हमला व दुर्व्यवहार हो सकता है.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Mahant Narendra Giri Death ) मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आनंद गिरि (Anand Giri) ने अपने ऊपर खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है. अपने वकील की तरफ से कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र देकर आनंद गिरि ने कहा है कि उनके ऊपर कल (बुधवार) कोर्ट में हमला हुआ था, जिसको देखते हुए जेल के अंदर और कोर्ट लाते वक्त भी उन पर हमला हो सकता है.

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, इलाहाबाद को दिए प्रार्थना पत्र में आनंद गिरि ने वकील के माध्यम से कहा है कि उन्हें और आद्या प्रसाद तिवारी को 22 सितंबर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है. जब पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, तब न्यायालय के बाहर कुछ अराजक तत्वों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई और दुर्व्यवहार किया गया. उन्हें आशंका है कि जेल के अंदर और जेल से न्यायालय लाते समय उनके साथ प्राणघातक हमला व दुर्व्यवहार हो सकता है.

न्याय के हित में आवश्यक है कि अधीक्षक, केंद्रीय कारागार, नैनी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इलाहाबाद को आदेश दिया जाए कि वह आवेदक को जेल में विशेष सुरक्षा प्रदान करें और जेल से न्यायालय लाते समय व न्यायालय से जेल ले जाते समय विशेष सुरक्षा प्रदान करें.

बता दें महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरि की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया. सीजेएम कोर्ट में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश हुई, जिसे सीजेएम हरेंद्र नाथ ने देखा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात सामने आई है. अपराध की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया. आरोपी आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया.

आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी का प्रार्थनापत्र

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Prayagraj News: आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी का प्रार्थनापत्र

5 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी. एसआईटी अध्यक्ष सीओ अजीत सिंह चौहान, विवेचक इंस्पेक्टर महेश सिंह समेत टीम कोर्ट में मौजूद रही. विवेचक ने कोर्ट में मृतक के दो मोबाइल, चाकू, नायलान की रस्सी और सुसाइड नोट पेश किया. साक्ष्यों को देखने के बाद सीजेएम के आदेश पर सील कर दिया गया. डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद्र अग्रहरि ने ये जानकारी दी.

गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था. आनंद गिरि उस दौरान अपने आश्रम में था और उत्तराखंड पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. बाद में यूपी पुलिस की एक टीम ने पहुंच कर उसे गिरफ्तार कर यूपी लाई थी.

Mahant Death: पंच परमेश्वरों की बैठक संपन्न, जानिए उत्तराधिकार पर क्या बोले कैलाशानंद?

Prayagraj News: आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में पंच परमेश्वरों के साथ बैठक की.

Prayagraj News: कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी को जो अच्छा लगा उन्होंने किया. योगी जी हमारी परंपराओं का ध्यान रखते हैं, हमारी मठ परंपराओं का भी ध्यान रखते हैं. मुझे लगता है कि इस जांच से अब दूध और पानी अलग-अलग हो जाना चाहिए.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Mahant Narendra Giri Death) के बाद संत-समाज में काफी सरगर्मी है. आज निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में पंच परमेश्वरों के साथ बैठक की. बैठक के बाद कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया गया है क्योंकि जांच सीबीआई को सौंप दी गई है.

कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी को जो अच्छा लगा उन्होंने किया. योगी जी हमारी परंपराओं का ध्यान रखते हैं, हमारी मठ परंपराओं का भी ध्यान रखते हैं. मुझे लगता है कि इस जांच से अब दूध और पानी अलग-अलग हो जाना चाहिए. महंत नरेंद्र गिरि द्वारा वसीयत लिखे जाने के बारे में उन्होंने कहा है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि महाराज जी कभी कोई पत्र नहीं लिखते थे. उन्होंने जो पत्र लिखा है, उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, तब बात सामने आएगी. उन्होंने कहा कि हो सकता है महाराज जी ने पत्र लिखा हो लेकिन कभी पत्र नहीं लिखते थे. अब पूरा घटनाक्रम सीबीआई को चला गया है.

महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत को लेकर कहा उन्होंने कहा है कि कोई वसीयत सामने नहीं आई है. श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के निरंजनी अखाड़े से स्वतंत्र होने के सवाल पर कहा कि मठ का कोई विवाद नहीं है. आज से लगभग 15 साल पूर्व महंत यहां पर आये थे और मठ को लेकर कोई विवाद नहीं है और आगे भी कोई विवाद नहीं होगा. महंत नरेंद्र गिरि स्वतंत्र गद्दीपति अधिकारी थे. अगर महाराज के सुसाइड नोट सही होगा. महंत नरेंद्र गिरि की लिखावट सही होगी तो गद्दी को लेकर कोई विवाद नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि अगर वसीयत सही है, बलवीर गिरि को ही गद्दी देने की बात लिखी होगी तो उन्हें ही मिलेगी. उन्होंने कहा है कि बलवीर गिरि भी उनके अखाड़े का उनका शिष्य हैं इसलिए कोई अखाड़े का ही व्यक्ति इस गद्दी पर बैठेगा. उन्होंने कहा है कि उत्तराधिकार को लेकर कोई विवाद नहीं है. आगे भी नहीं होगा. सीबीआई जांच हो रही है. जांच के बाद ही उत्तराधिकार परंपराओं को ध्यान में रखकर आगे का कार्य करेंगे.

Allahabad University Recruitment: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कल से नॉन टीचिंग स्टाफ भर्ती प्रक्रिया होगी शुरू

Allahabad University Recruitment: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कल से नॉन टीचिंग स्टाफ भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी.

Allahabad University Recruitment: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नॉन टीचिंग स्टाफ भर्ती प्रक्रिया के लिए विस्तृत विज्ञापन और आवेदन फार्म कल यानी 24 सितंबर से विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे. इच्छुक अभ्यर्थी इन पदों पर भर्ती के लिए 23 अक्तूबर तय आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 15:04 IST
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नई दिल्ली. Allahabad University Recruitment: नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इलाहाबाद से अच्छी खबर है. दरअसल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय कल यानी 24 सितंबर से गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. इसके लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संक्षिप्त विज्ञापन जारी कर गैर शैक्षणिक पदों की भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है.

इस बारे में इलाहाबाद विश्वविद्याल के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने बताया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विज्ञापन जारी करके विभिन्न गैर शैक्षणिक पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं. ऐसे में इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी विश्वद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट में विजिट करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

23 अक्टूबर है आवेदन करने की लास्ट डेट
बता दें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नॉन टीचिंग स्टाफ भर्ती प्रक्रिया के लिए विस्तृत विज्ञापन और आवेदन फार्म कल यानी 24 सितंबर से विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे. इच्छुक अभ्यर्थी इन पदों पर भर्ती के लिए 23 अक्तूबर तय आवेदन कर सकते हैं.

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तो अनपढ़ नहीं थे महंत नरेंद्र गिरि? इस सर्टिफिकेट से पढ़िए कैसे प्रयागराज के कोऑपरेटिव बैंक में की थी नौकरी

महंत नरेंद्र गिरि की हाईस्कूल की ट्रांसफर सर्टिफिकेट आई सामने

Mahant Narendra Giri Suicide Case: ट्रांसफर सर्टिफिकेट में स्पष्ट है कि महंत नरेंद्र गिरि ने 1978 में हाईस्कूल की परीक्षा सेकेंड डिवीज़न में पास की थी. इतना ही नहीं उनके व्यवहार के बारे में भी लिखा है कि वे अच्छा था.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil BHartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के सुसाइड नोट को लेकर न्यूज़ 18 ने बड़ा खुलासा किया है. सोमवार को उनकी संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद जो सवाल उठ रहे थे कि वे पढ़े लिखे नहीं थे अब उस पर विराम लग गए हैं. महंत नरेंद्र गिरि न सिर्फ हाईस्कूल पास थे बल्कि उन्होंने प्रयागराज के डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक में एक साल तक नौकरी भी की थी. महंत नरेंद्र गिरि का हाईस्कूल का ट्रांसफर सर्टिफिकेट सामने आया है.

ट्रांसफर सर्टिफिकेट में स्पष्ट है कि महंत नरेंद्र गिरि ने 1978 में हाईस्कूल की परीक्षा सेकेंड डिवीज़न में पास की थी. इतना ही नहीं उनके व्यवहार के बारे में भी लिखा है कि वे अच्छा था. महंत नरेंद्र गिरि के मामा प्रो महेश सिंह ने कहा है कि महंत नरेंद्र गिरी पढ़े लिखे थे. वे पढ़ना-लिखना दोनों जानते थे. प्रो महेश सिंह के मुताबिक 1978 में सरयू प्रसाद इंटर कालेज आमीपुर गिर्दकोट हंड़िया प्रयागराज से उन्होंने 10वीं पास की थी. उनके मामा प्रो महेश सिंह के मुताबिक, नरेंद्र गिरि ने हाई स्कूल की परीक्षा उनके साथ ही रहकर स्कूल से की थी. जब वे इंटर की पढ़ाई कर रहे थे तभी उनकी बैंक में नौकरी लगी और उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. उन्हें धार्मिक ग्रंथ भी पढ़ना आता था. वे रामायण भी पढ़ते थे.

न्यूज़18 से बातचीत में प्रो महेश सिंह ने कहा कि जो लोग कई दिन से कह रहे हैं कि उन्हें पढ़ना लिखना नहीं आता था वे सरासर गलत हैं. पिछले तीन दिनों से यह इसे सुनकर आहत हूं. उन्हें पढ़ना भी आता था और लिखना भी आता था. प्रो महेश सिंह ने कहा कि उनकी राइटिंग जरूर खराब थी. महेश सिंह ने कहा कि जो लोग उनके सुसाइड नोट पर सवाल खड़े कर रहे हैं उन्हें सच नहीं मालूम है. हालांकि उन्होंने कहा कि वे महंत नरेंद्र गिरी हैंड राइटिंग नहीं पहचानते.

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महंत नरेंद्र गिरि का हाईस्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट

2001 में उनके संन्यासी बनने की बात पता चली 
महेश सिंह ने कहा कि जब उनकी शादी की बात चल रही थी तो वे अचानक से गायब हो गए. इसके बाद 2001 कुंभ में प्रयागराज आए तो कहीं से मेरा नंबर लेकर मुझे फ़ोन किया और कहा मैं महंत नरेंद्र गिरि बोल रहा हूं. इस पर मैंने कहा कि मैं किसी नरेंद्र गिरि को नहीं जानता. फिर उन्होंने कहा कि मैं गुड्डू (बचपन का नाम) बोल रहा हूं.

इसके बाद नरेंद्र गिरि ने बताया कि उन्होंने संन्यास ले लिया है और संन्यासी आखिरी प्रक्रिया के लिए मां और नानी की भिक्षा जरूरी है. जिसके बाद मैंने घर का रास्ता बताया और वे आए थे. प्रोफेसर महेश सिंह ने बताया कि उनकी उनसे अक्सर बात होती रहती थी. अभी 14 सितंबर को ही मेरी पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करवाने को लेकर हुई थी. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरी समाजसेवी भी थे. वे गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें और फीस भी देते थे.

महंत केस की जांच के लिए 5 सदस्यीय CBI टीम पहुंची प्रयागराज, केस टेकओवर की प्रक्रिया शुरू

Prayagraj News: प्रयागराज में 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि अपने बाघंबरी मठ में मृत पाए गए थे.  (File photo)

Prayagraj News: महंत नरेंद्र गिरि केस हैंडओवर लेने से पहले सीबीआई की एक टीम केस की जानकारी ले रही है. सीबीआई की टीम में पांच सदस्य हैं. सीबीआई एफआईआर की कॉपी लेने के लिए पुलिसलाइन पहुंची है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 14:29 IST
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लखनऊ. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Mahant Narendra Giri Death Case) मामले में योगी सरकार (Yogi Government) ने सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश कर दी है. उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम प्रयागराज पहुंच गई है. सीबीआई की टीम में पांच सदस्य हैं. केस हैंडओवर लेने से पहले सीबीआई की एक टीम केस की जानकारी ले रही है. सीबीआई एफआईआर की कॉपी लेने के लिए पुलिसलाइन पहुंची है. पुलिस लाइन में एसआईटी टीम और प्रयागराज पुलिस के आलाधिकारी भी मौजूद हैं. जल्द ही सीबीआई केस को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू करेगी.

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है और निष्पक्ष जांच को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

गौरतलब है कि नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में लगातार सवाल उठ रहे हैं और कई राजनेताओं से लेकर संत-समाज से जुड़े लोग भी इसे आत्महत्या का मामला मानने से इनकार कर रहे हैं. पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी.

अभी तक इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी को मौत का जिम्मेदार बताया गया था. उसमें लिखा था कि ये तीनों ब्लैकमेल कर रहे हैं और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं. नरेंद्र गिरि ने तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार सुसाइड लेटर में बताया था, जिसके आधार पर यूपी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था.

इससे पहले सीजेएम कोर्ट में पेश की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नरेंद्र गिरि के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं. उनकी मौत दम घुटने के कारण बताई गई है. रिपोर्ट में हैंगिंग की बात भी आई है. उनके गले पर वी शेप का निशान पाया गया है, जो फंदा लगाने के कारण ही आता है. ऐसे में पुलिस कुछ हद तक स्पष्ट है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है और उनकी मौत फंदे से लटकने के कारण ही हुई है.

दोपहर 3 से साढ़े तीन बजे के बीच हुई मौत: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि की मौत दोपहर में 3 से साढ़े तीन बजे के बीच हुई है. इससे स्पष्ट है कि खाना खाने के बाद आराम करने गए नरेंद्र गिरि ने पहले वीडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वे बाहर नहीं आए तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो गिरि पंखे में रस्सी डालकर फंदे से लटके हुए थे. इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया. लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

इनपुट: सर्वेश दुबे

Exclusive: महंत नरेंद्र ग‍िर‍ि की डेड बॉडी पंखे से नीचे उतारने वाला चश्‍मदीद पहली बार आया सामने, उसने बताया...

महंत नरेंद्र ग‍िर‍ि की फाइल फोटो

Mahant Narendra Giri Death Case: चश्‍मदीद सर्वेश ने बताया क‍ि हमें लग रहा था कि महाराज जी जिंदा होंगे लेकिन जब कोई हलचल नहीं हुई तो हमने पुलिस को फोन किया. उसके 15 से 20 मिनट में पुलिस वहां आ गई और फिर उसने पूरी कार्रवाई की.

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महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड केस में पहली बार वह चश्‍मदीद सामने आया है, ज‍िसने डेड बॉडी को पंखे से नीचे उतारा था. न्‍यूज 18 से बातचीत के दौरान चश्‍मदीद सर्वेश ने बताया क‍ि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का जब फोन बंद आ रहा था, तो मैंने दरवाजे की कुंडी तोड़ दी. जब दरवाजा खुला तो मैंने देखा क‍ि महंत जी पंखे से लटके हुए थे. इसके बाद हमने आनन-फानन में चाकू मंगाया और रस्सी को काटकर उनके शव को नीचे उतारा.

सर्वेश ने बताया क‍ि हमें लग रहा था कि महाराज जी जिंदा होंगे लेकिन जब कोई हलचल नहीं हुई तो हमने पुलिस को फोन किया. उसके 15 से 20 मिनट में पुलिस वहां आ गई और फिर उसने पूरी कार्रवाई की. सर्वेश ने बताया कि महंत जी ने ज‍िस कमरे में सुसाइड क‍िया था वह उस कमरे में परमानेंट नहीं रहते थे. जब भी वह आते थे तो वहां बैठते थे विश्राम करते थे उस दिन भी यही हुआ हम लोगों ने फोन किया तो उनका फोन बंद था फिर दरवाजे की कुंडी तोड़ी गई.

नरेंद्र ग‍िरी ने आत्‍महत्‍या वाले द‍िन की थी सतुआ बाबा से बात
वहीं सूत्रों के हवाले से पता चला है क‍ि महंत नरेन्द्र गिरि ने मौत वाले दिन संत सतुआ बाबा से बात की थी. सतुआ बाबा से उन्होंने बहुत कुछ बातें भी शेयर की थी, लेकिन सतुआ बाबा अभी तक किसी के सामने नहीं आए हैं. सतुआ बाबा ने पुलिस से सभी बातों को साझा किया है, जिसकी पड़ताल पुलिस और एसआईटी कर रही है. पुलिस के पास नरेंद्र गिरी के नंबर की सारी कॉल डिटेल भी मौजूद है, जिसकी जांच हो रही है.

Mahant Narendra Giri Death: शक के दायरे में सुरक्षा ड्यूटी में तैनात 11 पुलिसकर्मी, गिर सकती है गाज

महंत नरेंद्र  गिरि की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी जांच के दायरे में

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की वाई श्रेणी की सुरक्षा में तैनात सभी 11 पुलिसकर्मियों से पूछताछ होगी उनकी भूमिका की भी जांच होगी कि मौत के वक्त सभी पुलिसकर्मी कहां थे?

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil BHartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत के मामले में सीबीआई जांच (CBI Probe) की सिफारिश उत्तर प्रदेश सरकार ने कर दिया है. महंत नरेंद्र गिरि की मौत हत्या थी या आत्महत्या अब इसकी जांच सीबीआई करेगी. लेकिन महंत नरेंद्र गिरि की मौत के पीछे कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, उसमें से एक यह है कि उन्हें सरकार की तरफ से वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी और उनके लिए 11 सुरक्षाकर्मी 24 घंटों तैनात रहते थे. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि अगर महंत नरेंद्र गिरि ने फांसी लगाई तो वे उस वक्त कहां थे.

फ़िलहाल पुलिस ने उनकी सुरक्षा में लगे गनर अजय सिंह, मनीष शुक्ल समेत चार सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की है. बताया जा रहा है कि पुलिस अन्य सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ कर सकती है. महंत नरेंद्र गिरि की वाई श्रेणी की सुरक्षा में तैनात सभी 11 पुलिसकर्मियों से पूछताछ होगी उनकी भूमिका की भी जांच होगी कि मौत के वक्त सभी पुलिसकर्मी कहां थे? बता दें कुछ पुलिसकर्मी एस्कॉर्ट में तैनात होते हैं जबकि कुछ मौके पर सुरक्षा में रहते हैं. कुछ की तैनाती आश्रम के अंदर रहती है. अब यह भी जांच की जा रही है कि घटना के वक्त पुलिसकर्मी कहां थे.

हो सकती है कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक भूमिका संदिग्ध होने पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर लापरवाही बरतने के आरोप पर कार्रवाई भी हो सकती है. बता दें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार स्वामी आनंद गिरि ने भी उनकी सुरक्षा में तैनात गनर अजय सिंह और मनीष शुक्ल पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि गुरूजी आत्महत्या नहीं कर सकते. उनकी हत्या कर उन्हें फंसाया जा रहा है. इस पूरी साजिश में गनर अजय सिंह और मनीष शुक्ल शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा था कि महारज जी ने मनीष शुक्ल की शादी करवाई थी और पांच से सात करोड़ रुपये घर बनवाने के लिए भी दिया था.

महंत नरेंद्र गिरि ने ही 5-6 दिनों में लिखा सुसाइड नोट, अब बस फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

महंत नरेंद्र गिरि सुसाइड पर अखाड़ा परिषद को संदेह है.

Mahant Narendra Giri Suicide Case: सूत्रों के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या का मन बना चुके थे और उन्होंने 5-6 दिनों में उन्होंने धीरे-धीरे सुसाइड नोट लिखा, जिसमें कई सारी बातों का जिक्र किया.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत मामले में सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है. पुलिस (Police) के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक जिस सुसाइड नोट को फर्जी बताया जा रहा है, उसे खुद महंत नरेंद्र गिरि ने ही लिखा है. सूत्रों के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या का मन बना चुके थे और उन्होंने 5-6 दिनों में उन्होंने धीरे-धीरे सुसाइड नोट लिखा, जिसमें कई सारी बातों का जिक्र किया. पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब सिर्फ फॉरेंसिक रिपोर्ट की औपचारिकता का ही इंतजार है. रिपोर्ट आते ही साफ हो जाएगा कि महंत नरेंद्र गिरि ने खुद ही सुसाइड नोट लिखा था.

गौरतलब है कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार स्वामी आनद गिरि के साथ ही अखाड़े से जुड़े कई साधु-संतों ने सुसाइड नोट पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि महंत नरेंद्र गिरि मुश्किल से अपने हस्ताक्षर कर पाते थे, ऐसे में सात पन्नों का सुसाइड नोट वे कैसे लिख सकते हैं? हालांकि पुलिस अपने स्तर से इस बात से संतुष्ट नजर आ रही है कि सुसाइड नोट की लिखावट महंत नरेंद्र गिरि की है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही इस बात की पुष्टि भी हो जाएगी.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की बात
बुधवार को महंत नरेंद्र गिरि का एसआरएन अस्पताल में पांच डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फांसी लगने की वजह से मौत की पुष्टि हुई. उनके गले पर वी का निशान मिला, जो कि फांसी लगने की पुष्टि करता है. हालांकि उनके विसरा को सुरक्षित रखा गया है. पोस्टमॉर्टम के बाद महंत नरेंद्र गिरि को संत परम्परा के मुताबिक श्री मठ बाघंबरी गद्दी में भू-समाधि दे दी गई. इस मौके पर देश भर के साधु-संत और अनुयायी उनके दर्शन के लिए उमड़े.

महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट विवाद पर मामा ने कहा- अनपढ़ नहीं थे, 10वीं तक की थी पढ़ाई

Prayagraj News: प्रयागराज में 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि अपने बाघंबरी मठ में मृत पाए गए थे. (File photo)

Mahant Narendra Giri Death Case: उनके मामा प्रो महेश सिंह के मुताबिक नरेंद्र गिरि ने हाई स्कूल की परीक्षा उनके साथ ही रहकर पाप के स्कूल से की थी. जब वे इंटर की पढ़ाई कर रहे थे तभी उनकी बैंक में नौकरी लगी और उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil BHartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के सुसाइड नोट को लेकर न्यूज़ 18 ने बड़ा खुलासा किया है. महंत नरेंद्र गिरि के मामा प्रो महेश सिंह ने कहा है कि महंत नरेंद्र गिरी पढ़े लिखे थे. वे पढ़ना-लिखना दोनों जानते थे. प्रो महेश सिंह के मुताबिक 1978 में सरयू प्रसाद इंटर कालेज आमीपुर गिर्दकोट हंड़िया प्रयागराज से उन्होंने 10वीं पास की थी. उनके मामा प्रो महेश सिंह के मुताबिक, नरेंद्र गिरि ने हाई स्कूल की परीक्षा उनके साथ ही रहकर स्कूल से की थी. जब वे इंटर की पढ़ाई कर रहे थे तभी उनकी बैंक में नौकरी लगी और उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी. उन्हें धार्मिक ग्रंथ भी पढ़ना आता था. वे रामायण भी पढ़ते थे.

न्यूज़18 से बातचीत में प्रो महेश सिंह ने कहा कि जो लोग कई दिन से कह रहे हैं कि उन्हें पढ़ना लिखना नहीं आता था वे सरासर गलत हैं. पिछले तीन दिनों से यह इसे सुनकर आहत हूं. उन्हें पढ़ना भी आता था और लिखना भी आता था. प्रो महेश सिंह ने कहा कि उनकी राइटिंग जरूर खराब थी. महेश सिंह ने कहा कि जो लोग उनके सुसाइड नोट पर सवाल खड़े कर रहे हैं उन्हें सच नहीं मालूम है. हालांकि उन्होंने कहा कि वे महंत नरेंद्र गिरी हैंड राइटिंग नहीं पहचानते.

2001 में उनके संन्यासी बनने की बात पता चली 
महेश सिंह ने कहा कि जब उनकी शादी की बात चल रही थी तो वे अचानक से गायब हो गए. इसके बाद 2001 कुंभ में प्रयागराज आए तो कहीं से मेरा नंबर लेकर मुझे फ़ोन किया और कहा मैं महंत नरेंद्र गिरि बोल रहा हूं. इस पर मैंने कहा कि मैं किसी नरेंद्र गिरि को नहीं जानता. फिर उन्होंने कहा कि मैं गुड्डू (बचपन का नाम) बोल रहा हूं.

इसके बाद नरेंद्र गिरि ने बताया कि उन्होंने संन्यास ले लिया है और संन्यासी आखिरी प्रक्रिया के लिए मां और नानी की भिक्षा जरूरी है. जिसके बाद मैंने घर का रास्ता बताया और वे आए थे. प्रोफेसर महेश सिंह ने बताया कि उनकी उनसे अक्सर बात होती रहती थी. अभी 14 सितंबर को ही मेरी पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करवाने को लेकर हुई थी. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरी समाजसेवी भी थे. वे गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए किताबें और फीस भी देते थे.

Mahant Narendra Giri Suicide: योगी सरकार ने की नरेंद्र गिरि मौत मामले में CBI जांच की सिफारिश

उत्तर प्रदेश सरकार ने अब महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

Mahant Narendra Giri Death: उत्तर प्रदेश के गृह मंत्रालय ने केंद्र सरकार को केंद्रीय जांच एजेंसी से मामले की पड़ताल करने को लेकर की सिफारिश, बुधवार को ही आई थी कि नरेंद्र गिरि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट.

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लखनऊ. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्‍थी सुलझाने के लिए अब योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है और निष्पक्ष जांच को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

गौरतलब है कि नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में लगातार सवाल उठ रहे थे और कई राजनेताओं से लेकर संत समाज से जुड़े लोग भी इसे आत्महत्या का मामला मानने से इनकार कर रहे थे. साथ ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग कर रहे थे.

तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
नरेंद्र गिरि मौत के मामले में पुलिस ने अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. नरेंद्र गिरि के मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी को मौत का जिम्मेदार बताया गया था. सुसाइड नोट में लिखा गया था कि ये तीनों ब्लैकमेल कर रहे हैं और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं. नरेंद्र गिरि ने तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार सुसाइड लैटर में बताया था जिसके आधार पर यूपी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था.

नहीं मिले चोट के निशान
वहीं सीजेएम कोर्ट में पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं उनकी मौत दम घुटने के कारण ही हुई है. रिपोर्ट में हैंगिंग की बात भी आई है. उनके गले पर वी शेप का निशान पाया गया है जो फंदा लगाने के कारण ही आता है. ऐसे में पुलिस कुछ हद तक स्पष्ट है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है और उनकी मौत फंदे से लटकने के कारण ही हुई है.

समय भी चला पता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि की मौत दोपहर में 3 से साढ़े तीन बजे के बीच हुई है. इससे स्पष्ट है कि खाना खाने के बाद आराम करने गए नरेंद्र गिरि ने पहले वीडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वे बाहर नहीं आए तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो गिरि पंखे में रस्सी डालकर फंदे से लटके हुए थे. इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया. लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

Mahant Narendra Suicide: मरने से पहले महंत गिरि ने बनाया था Video, लिया था आनंद, आद्या और संदीप का नाम

महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में पुलिस अब तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

Mahahnt Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरी ने फंदा लगाने से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो भी बनाया था. इस वीडियो में उन्होंने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी का नाम लिया था. उन्होंने कहा कि इन्होंने मुझे आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया.

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प्रयागराज. महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में बुधवार को बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में महंत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही उनके मोबाइल में मिले एक वीडियो के बारे में भी जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि नरेंद्र गिरि ने मरने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था और इस वीडियो में उन्होंने तीनों आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी का नाम लिया था. उन्होंने वीडियो में कहा था कि इन लोगों ने मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब उस मोबाइल को सील कर दिया गया है और वीडियो पुलिस के पास सुरक्षित है क्योंकि वो एक अहम सबूत है.

नहीं मिले चोट के निशान
वहीं सीजेएम कोर्ट में पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं उनकी मौत दम घुटने के कारण ही हुई है. रिपोर्ट में हैंगिंग की बात भी आई है. उनके गले पर वी शेप का निशान पाया गया है जो फंदा लगाने के कारण ही आता है. ऐसे में पुलिस कुछ हद तक स्पष्ट है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है और उनकी मौत फंदे से लटकने के कारण ही हुई है.

समय भी चला पता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि की मौत दोपहर में 3 से साढ़े तीन बजे के बीच हुई है. इससे स्पष्ट है कि खाना खाने के बाद आराम करने गए नरेंद्र गिरि ने पहले वीडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वे बाहर नहीं आए तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो गिरि पंखे में रस्सी डालकर फंदे से लटके हुए थे. इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया. लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

संदीप तिवारी गिरफ्तार
वहीं बुधवार को ही यूपी पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले के तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है. संदीप लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी का बेटा है. गौरतलब है कि पुलिस ने मामले में आनंद गिरि और आद्या तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी आनंद गिरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

Haridwar News: आनंद गिरि का आश्रम दूसरी बार हुआ सील, दर्ज हो सकती है FIR

अवैध निर्माण के चलते आनंद गिरि के हरिद्वार स्थित आश्रम को सील कर दिया गया है.

Uttarakhand News: अवैध निर्माण के चलते पहले भी रुड़की विकास प्राधिकरण ने मई में किया था सील, लेकिन नहीं रोका गया निर्माण कार्य, अब फिर कार्रवाई करते हुए कर दिया गया सील.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 20:01 IST
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हरिद्वार. महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपी आनंद गिरि की मुश्किलें कम नहीं होती दिख रही हैं. गिरफ्तारी के बाद आनंद गिरी पर एक और परेशानी आ गई है. आनंद गिरि का हरिद्वार स्थित आश्रम को सील कर दिया गया है. ये आश्रम श्यामपुर में स्थित है और इसको सील करने की ये दूसरी बार हुई कार्रवाई है. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई रुड़की प्राधिकरण ने की है. बताया जा रहा है कि इस आश्रम में अवैध निर्माण हो रहा था जिसकी शिकायत मिलने पर प्राधिकरण ने मई में इसे सील किया था. लेकिन बताया जा रहा है कि इसके बाद भी आश्रम में अवैध निर्माण को नहीं रोका गया और अंदर लगातार कंस्ट्रक्‍शन होता रहा.
इस बात की जानकारी मिलने पर रुड़की विकास प्राधिकरण ने इसे बुधवार को एक बार फिर सील कर दिया. वहीं अब बताया जा रहा है ‌कि आश्रम संचालक और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ अब प्राधिकरण एफआईआर भी दर्ज करवा सकता है.

संगठन से भी बाहर हुआ आनंद
वहीं नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी आनंद गिरी को अब युवा साधु संतों के संगठन युवा भारत साधु समाज ने भी अपने संगठन से निकाल दिया है. हरिद्वार स्थित गरीब दास आश्रम में बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक के दौरान संगठन ने कार्रवाई करते हुए आनंद गिरी को संगठने से निष्कासित कर दिया. आनंद गिरि संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर था, उसे इस पद से अब हटा दिया गया है.

14 दिन की न्यायिक हिरासत
वहीं महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया. गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था.

Mahant Giri Suicide: महंत नरेंद्र आत्महत्या मामले में आनंद गिरि को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

महंत नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड लैटर में आनंद पर ब्लैकमेल करने और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया था.

Mahant Narendra Giri Death: हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया था आनंद गिरि को, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड लैटर में आनंद गिरि पर लगाया था मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप.

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प्रयागराज. महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरी की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया. आज सीजेएम कोर्ट में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश हुई, जिसे सीजेएम हरेंद्र नाथ ने देखा. जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात सामने आई है. अपराध की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया. आरोपी आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया.

5 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी. एसआईटी अध्यक्ष सीओ अजीत सिंह चौहान, विवेचक इंस्पेक्टर महेश सिंह समेत टीम कोर्ट में मौजूद रही. विवेचक ने कोर्ट में मृतक के दो मोबाइल, चाकू, नायलान की रस्सी और सुसाइड नोट पेश किया. साक्ष्यों को देखने के बाद सीजेएम के आदेश पर सील कर दिया गया. डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद्र अग्रहरि ने ये जानकारी दी.

गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था. आनंद गिरि उस दौरान अपने आश्रम में था और उत्तराखंड पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. बाद में यूपी पुलिस की एक टीम ने पहुंच कर उसे गिरफ्तार कर यूपी लाई थी.

आनंद का आश्रम भी सील
वहीं हरिद्वार स्थित आनंद गिरि का आश्रम सील कर दिया गया है. श्यामपुर स्थित इस आश्रम पर ये दूसरी बार कार्रवाई हुई है. बताया जा रहा है कि रुड़की विकास प्राधिकरण ने ये सीलिंग की कार्रवाई की है. प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के चलते मई में भी आश्रम को सील कर दिया था. इसके बावजूद यहां पर निर्माण कार्य चलता रहा. अब एक बार फिर आश्रम को सील कर दिया गया है. वहीं बताया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर अब एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है.

नरेंद्र गिरि को दी गई समाधि
वहीं बुधवार को ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघम्बरी मठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्री मठ बाघंबरी गद्दी में उनके गुरु के बगल में भू-समाधि दे दी गई. महंत नरेंद्र गिरि पद्मासन मुद्रा में ब्रह्मलीन हुए. अब एक साल तक यह समाधि कच्ची ही रहेगी. इस पर शिवलिंग की स्थापना कर रोज पूजा अर्चना की जाएगी. इसके बाद समाधि को पक्का बनाया जाएगा.

आज गमगीन माहौल में महंत नरेंद्र गिरि को अंतिम विदाई दी गई. उन्हें पद्मासन मुद्रा में समाधि दी गई है. उन्हें योग की मुद्रा में बैठाया गया. इसके बाद मिट्टी, चंदन, इत्र डाला गया. यही नहीं गुलाब की पत्तियों से पूरे समाधि स्थल को भरा गया.

Mahant Narendra Suicide: आनंद और आद्या के बाद संदीप तिवारी को भी किया गिरफ्तार

महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में संदीप की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस को कुछ अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है.

Mahahnt Narendra Giri Death: आनंद गिरि और लेटे हनुमान जी मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी की गिरफ्तारी के बाद अब यूपी पुलिस ने तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है. संदीप आद्या तिवारी का बेटा है.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या मामले में अब यूपी पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले के तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है. संदीप लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी का बेटा है. गौरतलब है कि पुलिस ने मामले में आनंद गिरि और आद्या तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में खुद की मौत के लिए जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को बताया था.
नरेंद्र गिरि ने लिखा था कि तीनों उन्हें ब्लैकमेल करते हैं और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते हैं. साथ ही उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से इन तीनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की थी.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में आनंद
वहीं महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में आरोपी आनंद गिरी की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया. गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था.

संगठन से भी बाहर हुआ आनंद
वहीं नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी आनंद गिरी को अब युवा साधु संतों के संगठन युवा भारत साधु समाज ने भी अपने संगठन से निकाल दिया है. हरिद्वार स्थित गरीब दास आश्रम में बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक के दौरान संगठन ने कार्रवाई करते हुए आनंद गिरी को संगठने से निष्कासित कर दिया. आनंद गिरि संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर था, उसे इस पद से अब हटा दिया गया है.

UPMSCL Recruitment 2021: यूपी में स्नातक पास अभ्यर्थियों के लिए निकली है नौकरियां, जानें डिटेल

UPMSCL Recruitment 2021: पदों के लिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

UPMSCL Recruitment 2021: यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम लिमिटेड ने विभिन्न पदों के लिए भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं. अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:01 IST
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नई दिल्ली (UPMSCL Recruitment 2021). उत्तर प्रदेश चिकित्सा आपूर्ति निगम लिमिटेड (Uttar Pradesh Medical Supplies Corporation Limited) ने फार्मासिस्ट सहित विभिन्न पदों पर भर्तियां (UPMSCL Recruitment 2021) निकाली हैं. इन पदों के लिए 6 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी है. अभ्यर्थी इन पदों के लिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

अभ्यर्थी इस भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन को देख सकते हैं. चयनित अभ्यर्थी की नियुक्ति प्रदेश के विभिन्न जिलों में रिक्त पदों पर की जाएगी.

UPMSCL Recruitment 2021: रिक्त पदों की संख्या
असिस्टेंट मैनेजर (वेयरहाउस) सप्लाई चेन – 3 पद
बायोमेडिकल इंजीनियर (क्वालिटी कंट्रोल) – 1 पद
पर्सनल असिस्टेंट (मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर) – 2 पद
फार्मासिस्ट (ड्रग प्रोक्योरमेंट) – 2 पद
ऑफिस असिस्टेंट – 3 पद
कंपनी सचिव – 1
जनरल मैनेजर –  1
मैनेजर – 1
मैनेजर (एचआर) – 1
मैनेजर (लीगल) – 1

UPMSCL Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
कंपनी सचिव पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास सीएस की डिग्री होनी चाहिए. जनरल मैनेजर पद के लिए अभ्यर्थी के पास बीटेक की डिग्री होनी चाहिए. पर्सनल असिस्टेंट और ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए अभ्यर्थी का कंप्यूटर स्ट्रीम में ग्रेजुएशन होना अनिवार्य हैं.

UPMSCL Recruitment 2021: आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 40 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए. अभ्यर्थियों के आयु गणना 31 जुलाई 2021 से की जाएगी.

UPMSCL Recruitment 2021: चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा. अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के जरिए किया जाएगा.

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UPMSCL Recruitment 2021: इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि – 6 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि- 30 सितंबर 2021

यहां देखें नोटिफिकेशन

महंत नरेंद्र गिरि सुसाइड पर अखाड़ा परिषद को संदेह: अब संत करेंगे जांच, 16 दिन बाद फैसला

महंत नरेंद्र गिरि सुसाइड पर अखाड़ा परिषद को संदेह है.

Mahant Narendra Giri Death Investigation: महंत नरेंद्र गिरि की मौत को अखाड़ा परिषद भी संदिग्ध मानते हुए इसकी अपने स्तर से जांच शुरू करने जा रहा है. संतों की ओर से कहा गया है कि 16 दिन बाद सोलसी भंडारे का आयोजन किया जाएगा. भंडारे के बाद इस पर इस पर चर्चा की जाएगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परि​षद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) खुदकुशी मामले में अब अखाड़ा परिषद (Akhara Parishad) की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. महंत नरेंद्र गिरि की मौत को अखाड़ा परिषद भी संदिग्ध मानते हुए इसकी अपने स्तर से जांच शुरू करने जा रहा है. संतों की ओर से कहा गया है कि 16 दिन बाद सोलसी भंडारे का आयोजन किया जाएगा. भंडारे के बाद इस पर इस पर चर्चा की जाएगी. अखाड़ा परिषद की ओर से कहा गया है कि 16 दिन बाद शायद सरकारी जांच से भी कुछ जानकारी सामने आ जाएगी.

महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे पर लटका मिलने और सुसाइड नोट सामने आने के बाद कई तरह के सवाल शुरू से ही उठते रहे हैं. पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को महंत नरेंद्र गिरि का भू समाधि दिए जाने के बाद भी तस्वीर साफ नहीं है. इसी बीच बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी घोषित करने पर फैसला भी टाल दिया गया है. इसको लेकर निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वरकी बैठक 25 सितंबर के बाद होगी, जिसमें मठ के उत्तराधिकारी का फैसला हो गा. निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वरों की बैठक में उत्तराधिकारी घोषित करने पर निर्णय किए जाने की बात कही गई है.

महंत नरेंद्र गिरि ने जो सुसाइड नोट छोड़ा है उसमें बलवीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाने की बात लिखी गई. जबकि निरंजनी अखाड़े के सचिव रवीन्द्र पुरी ने सुसाइड लेटर को ही फर्जी बताया है.

महंत को दी गई अंतिम विदाई

गमगीन माहौल में महंत नरेंद्र गिरि को अंतिम विदाई दी गई. उन्हें पद्मासन मुद्रा में समाधि दी गई है. उन्हें योग की मुद्रा में बैठाया गया. इसके बाद मिट्टी, चंदन, इत्र डाला गया. यही नहीं गुलाब की पत्तियों से पूरे समाधि स्थल को भरा गया.

इस दौरान बड़े-बड़े संतों ने अपनी अंतिम विदाई दी. पूरी वैदिक परंपरा और सनातन धर्म की परंपरा के मुताबिक उन्हें अंतिम विदाई दी गई. हालांकि अभी भी उनकी मौत की जांच लगातार चल रही है, कई किरदार सामने आए हैं. कई किरदार सामने आने बाकी हैं लेकिन इस बीच उनके भक्तों ने उनके शिष्यों ने और संतों ने उन्हें पूरी सनातन धर्म की परंपरा के साथ अंतिम विदाई दी.

महंत के शिष्य बलबीर गिरि, जिन्हें उन्होंने उत्तराधिकारी बनाया, वह भी इस दौरान मौजूद रहे. सभी संतों के चेहरों पर गम दिखा यही नहीं उनके मन में गुस्सा भी दिखाई दे रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? कई संतों का कहना था कि जो उनकी समाज के अगुआ थे, अपनी बातों को प्रखर तरीके से रखे थे. आखिर ऐसी घटना क्यों हुई?

UP Education News: यूपी में 8वीं कक्षा का हेडमास्टर बनने के लिए देनी होगी परीक्षा, जानें डिटेल

UP Education News: यूपी में 8वीं तक रिक्त हेडमास्टर के पदों को जल्द भरा जाएगा.

UP Education News: यूपी में जल्द ही प्राथमिक स्कूलों में हेडमास्टर के रिक्त पदों को भरा जाएगा. राज्य सरकार इस वर्ष के अंत तक इन रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी करेगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 17:39 IST
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नई दिल्ली (UP Education News).  यूपी में कक्षा 8वीं का हेडमास्टर बनने के लिए अब नियुक्त सरकारी शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी. प्रदेश में हजारों की संख्या में प्राथमिक और 8वीं तक के हेडमास्टरों के पद रिक्त हैं. इन रिक्त पदों को राज्य सरकार इस वर्ष तक भरेगी. वहीं कुछ रिक्त पदों पर निर्धारित किए गए मानकों के आधार पर पदोन्नति भी की जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 1.59 लाख प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के 52,317 पद रिक्त हैं, इनमें 30,426 पद जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापकों के शामिल हैं.

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इस आधार पर भरे जाएंगे रिक्त पद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हेडमास्टरों के रिक्त पदों पर 40 फीसदी नियुक्ति विभागीय परीक्षा के जरिए की जाएगी, जबकि 60 फीसदी पदों पर निर्धारित किए गए मानकों के आधार पर पदोन्नति के जरिए भरा जाएगा. केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार के इस वर्ष के अंत तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया है. वहीं वार्षिक कार्य योजना की बैठक में केंद्र सरकार के प्रदेश सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि वह इन रिक्त पदों को विभागीय परीक्षाओं व मानकों के आधार पर प्रोन्नति देकर प्राथमिकता के आधार पर भरेगा.

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