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आरक्षण विवाद में घिरी यूपी लोक सेवा आयोग की APO भर्ती परीक्षा, RTI से हुआ गड़बड़ी का खुलासा

आरक्षण विवाद में घिरी यूपी लोक सेवा आयोग की APO भर्ती परीक्षा, RTI से हुआ गड़बड़ी का खुलासा

UPPSC की APO भर्ती परीक्षा विवादों में घिरती नजर आ रही है

UPPSC की APO भर्ती परीक्षा विवादों में घिरती नजर आ रही है

UPPSC APO Recruitment Exam: आरटीआई से यूपी लोक सेवा आयोग की एपीओ भर्ती 2022 में आरक्षण के नियमों के उल्लंघन का बड़ा खुलासा हुआ है. प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पाण्डेय ने आरटीआई द्वारा कार्मिक मंत्रालय से सूचना मांगी थी. उन्होंने आरटीआई में पूछा था कि 2018, 2019, 2020, 2021 और 2022 को मिलाकर एपीओ यानि सहायक अभियोजन अधिकारी के कुल कितने पदों पर अधियाचन प्राप्त हुआ है और किस वर्ग के कितने-कितने पद हैं.

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हाइलाइट्स

संविधान के मूल भावना के प्रतिकूल है व आरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन
60 फीसदी से ज्यादा आरक्षण किसी भी भर्ती में नहीं दिया जा सकता

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग भर्तियों को लेकर अक्सर विवादों में रहता है. यूपीपीसीएस 2021 में पूर्व सैनिकों को 5 फीसदी आरक्षण न दिए जाने को लेकर पूरी भर्ती प्रक्रिया पहले से ही सवालों के घेरे में आ गई हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पीसीएस प्री 2021 का रिजल्ट रद्द कर पूर्व सैनिकों को 5 फ़ीसदी आरक्षण देते हुए नए सिरे से रिजल्ट घोषित करने का आदेश दिया है. वहीं यूपी लोक सेवा आयोग की एक और भर्ती आरक्षण को लेकर विवादों में घिरती नजर आ रही है. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक आयोग की ओर से 4 साल बाद निकाली गई एपीओ की भर्ती में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तकरीबन 80 फ़ीसदी आरक्षण दिया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक किसी भी भर्ती में 50 फ़ीसदी से ज्यादा का आरक्षण नहीं दिया जा सकता. एपीओ भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा 21 अगस्त 2022 को 2 शहरों लखनऊ और प्रयागराज में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर होनी है.

दरअसल, आरटीआई से यूपी लोक सेवा आयोग की एपीओ भर्ती 2022 में आरक्षण के नियमों के उल्लंघन का बड़ा खुलासा हुआ है. प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश  पाण्डेय ने आरटीआई द्वारा कार्मिक मंत्रालय से सूचना मांगी थी. उन्होंने आरटीआई में पूछा था कि 2018, 2019, 2020, 2021 और 2022 को मिलाकर एपीओ यानि सहायक अभियोजन अधिकारी के कुल कितने पदों पर अधियाचन प्राप्त हुआ है और किस वर्ग के कितने-कितने पद हैं. जिसके जवाब में आरटीआई से मिली सूचना चौंकाने वाली है. 2018 से 2022 तक के सम्मिलित एपीओ के 44 पदों में सामान्य वर्ग के मात्र 8 पद हैं, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 8 पद, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 3 पद, ईडब्ल्यूएस के  4 पद व महिला आरक्षण के  तहत 8 पद महिलाओं के लिए हैं, जबकि  पिछड़ा वर्ग के तहत 21 पदों पर भर्ती का विज्ञापन किया गया है.

कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय के मुताबिक यह आरक्षण पूरी तरह से संविधान के मूल भावना के प्रतिकूल है व आरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन है. इस बारे में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पाण्डेय का कहना है कि इस प्रकार सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ सरकार द्वारा जाति के आधार पर भेदभाव बेहद ही दुखद है. उन्होंने कहा है कि इसके लिए छात्र हर स्तर पर लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि साथ ही यह संविधान के अनुच्छेद 14 का भी उल्लंघन है. इस प्रकार की तानाशाही को प्रतियोगी छात्र कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय ने कहा है कि एपीओ भर्ती में आरक्षण के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

60 फीसदी से जयादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता
वहीं कानून के जानकार और इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी ने भी कहा कि सरकारी नौकरियों में 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ओबीसी को 27 फ़ीसदी, एससी को 21 फीसदी और एसटी को 2 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है. इसके साथ ही 2019 में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए 10 फ़ीसदी आरक्षण को मिलाकर भी 60 फीसदी से ज्यादा आरक्षण किसी भी भर्ती में नहीं दिया जा सकता है. अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी के मुताबिक अगर आरक्षण के नियमों का उल्लंघन कर कोई विज्ञप्ति जारी होती है तो कोर्ट में चुनौती दिए जाने पर अदालत उसे शून्य घोषित कर देगी.

Tags: Prayagraj, UP latest news, UPPSC

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