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UPPSC ने रद्द की RO/ARO प्री एग्जाम-2016, यहां जानें परीक्षा का नया डेट

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 15, 2020, 8:35 AM IST
UPPSC ने रद्द की RO/ARO प्री एग्जाम-2016, यहां जानें परीक्षा का नया डेट
यूपी लोक सेवा आयोग ने रद्द की समीक्षा/सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

RO/ARO प्री एग्जाम-2016: अब यह परीक्षा 3 मई को होगी. इस परीक्षा के लिए पूर्व में किया गया अभ्यर्थियों का आवेदन ही मान्य होगा और उन्हें नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी 2016 (RO/ARO Pre Exam 2016) की प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दी है. अब यह परीक्षा 3 मई को होगी. इस परीक्षा के लिए पूर्व में किया गया अभ्यर्थियों का आवेदन ही मान्य होगा और उन्हें नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. आयोग इसके लिए अलग से विज्ञापन जारी नहीं करेगा. यह परीक्षा 27 नवंबर 2016 को प्रदेश के कई जिलों में आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के कारण यह विवादों में आ गई और अब तक इसका परिणाम घोषित नहीं किया गया था. इसे लेकर प्रतियोगी छात्र आयोग पर लगातार दबाव बना रहे थे.

सीबीसीआईडी को नए सिरे से जांच के आदेश
बता दें कि परीक्षा में पेपर लीक की जांच सीबीसीआईडी ने करने के बाद इसमें अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी. कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया है. आरओ/एआरओ 2016 की प्री परीक्षा आयोग की सबसे विवादित परीक्षा में से एक रही है.

361 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

361 पदों के लिए हुई इस परीक्षा के दौरान दोनों पाली के प्रश्नपत्र आउट होने के मामले की रिपोर्ट लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने दर्ज कराई थी. इसकी जांच सीबीसीआईडी (लखनऊ) ने की. जांच के बाद सीबीसीआईडी ने 21 सितंबर 2018 को फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की, जिसके खिलाफ अमिताभ ठाकुर ने आपत्ति दर्ज कराई और विशेष न्यायाधीश सीबीसीआईडी ने 1 जनवरी 2020 को सीबीसीआईडी की फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करते हुए मामले की दोबारा जांच किए जाने का आदेश दे दिया.

आयोग के परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि ऐसी परिस्थिति में आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम अनिश्चितकालीन रूप से टालने की बजाय नए सिरे से परीक्षा कराना उचित समझा, क्योंकि जांच की स्थिति में विवादित होने के कारण परीक्षा का परिणाम जारी करना उचित नहीं होता.

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First published: January 15, 2020, 8:14 AM IST
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