UPPSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार की जमानत अर्जी खारिज

UPPSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजूलता कटियार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार अंजू लता कटियार की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 25, 2019, 11:43 PM IST
UPPSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार की जमानत अर्जी खारिज
UPPSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार की जमानत अर्जी खारिज. (फाइल फोटो)
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Updated: July 25, 2019, 11:43 PM IST
उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजूलता कटियार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार अंजू लता कटियार की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी एसटीएफ और राज्य सरकार की उस मांग को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने जांच पूरी करने के लिए 30 दिन की मोहलत मांगी है. किसी भी जांच एजेंसी को जांच पूरी करने और चार्जशीट दाखिल करने के लिए संविधान और कानून से 90 दिन की अवधि मिली होती है.

एसटीएफ की ओर से कहा गया है कि इस गंभीर मामले में जमानत मिलने के बाद जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए जांच के लिए बची समयावधि तीस दिन तक के लिए जमानत न दी जाए, जिसे कोर्ट ने इस आधार पर स्वीकार कर लिया कि इस अवधि में जांच एजेंसी अंजू लता कटियार और दूसरे आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटा सकती है. जस्टिस रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने जमानत याचिका खारिज करते हुए एक माह बाद नए सिरे से जमानत याचिका दाखिल करने को कहा है.

परीक्षा के संबंध में बात करना अनुचित नहीं
अंजू लता कटियार की ओर से जमानत याचिका पर बहस के दौरान कहा गया है कि उनके खिलाफ सरकार या फिर जांच एजेंसी के पास कोई सबूत मौजूद नहीं है. इसके साथ ही उनके आवास और कार्यालय में की गई छापेमारी में कोई ऐसे साक्ष्य भी नहीं मिले हैं जिससे पेपर लीक मामले में उनकी संलिप्तता उजागर होती हो. कोर्ट में एसटीएफ की ओर से इस बात को भी रखा गया कि पूर्व परीक्षा नियंत्रक की फोन पर प्रेस मालिक कौशिक कुमार से बात हुई थी. जिस पर अंजू लता कटियार के वकील की ओर से कोर्ट को बताया गया कि चूंकि साढ़े सात लाख अभ्यर्थी प्रदेश के 29 जिलों में परीक्षा दे रहे थे, इसलिए परीक्षा के कोआर्डिनेशन के लिए प्रेस मालिक से पूर्व परीक्षा नियंत्रक ने फोन पर बात की थी जो कि अनुचित नहीं है.

नियमों के मुताबिक ही प्रेस को प्रिन्टिंग का ठेका दिया गया
इसके साथ ही एसटीएफ की ओर से कोर्ट में ये भी मुद्दा उठाया गया कि एसटीएफ के पेपर लीक मामले में प्रेस की संलिप्पता बताने के बावजूद आयोग ने ठेका कैसे दे दिया गया? इस पर अंजू के अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि आयोग के नियमों के मुताबिक ही प्रेस को प्रिन्टिंग का ठेका दिया गया. कोर्ट में ये भी दलील दी गई कि एसटीएफ के द्वारा ऐसा कोई बात नहीं कही गई थी कि इस शिकायत के बाद प्रिन्टिंग प्रेस को ठेका न दिया जाए.

30 मई को अंजू लता को किया गया था गिरफ्तार
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गौरतलब है कि यूपी एसटीएफ ने यूपीपीएससी द्वारा आयोजित की गई एलटी ग्रेड भर्ती 2018 पेपर लीक मामले में कोलकाता के एक प्रेस मालिक कौशिक कुमार को 28 मई को वाराणसी से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसके बयानों के आधार पर यूपी एसटीएफ ने पूर्व परीक्षा नियन्त्रक के आवास और कार्यालय में 28 मई की रात दो बजे छापेमारी की कार्रवाई की थी और 30 मई को उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था. इसके बाद एसटीएफ ने वाराणसी की कोर्ट में उन्हें पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था. अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम वाराणसी ने 6 जून को आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद ही पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली थी.

रिपोर्ट - सर्वेश दुबे

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First published: July 25, 2019, 11:43 PM IST
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