सवालों के घेरे में इलाहाबाद पुलिस का ये एनकाउंटर, सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर हुई शिकायत

आरोप लग रहे हैं कि पुलिस ने एनकाउंटर वाहवाही लूटने के लिए एक फोटो भी सोशल मीडिया पर जारी कर दिया, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि घायल युवक इश्तियाक के हाथ में जो तमंचा है, उसमें ट्रिगर ही नहीं है, जबकि उसके पैर में गमछा बंधा हुआ है.

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 27, 2019, 5:19 AM IST
सवालों के घेरे में इलाहाबाद पुलिस का ये एनकाउंटर, सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर हुई शिकायत
सवालों के घेरे में आया उत्तर प्रदेश पुलिस का एनकाउंटर. (फाइल फोटो)
Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 27, 2019, 5:19 AM IST
प्रयागराज जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. अपराध रोकने में पूरी तरह से नाकाम प्रयागराज पुलिस अब अपराधियों के एनकाउंटर में जुट गई है. प्रयागराज पुलिस ने बुधवार तड़के मऊ आइमा थाना क्षेत्र में इलाहाबाद बैंक के मैनेजर अनिल कुमार दोहरे हत्याकांड में शामिल आरोपियों के साथ मुठभेड़ होने का दावा किया है.

पुलिस ने एक युवक इश्तियाक के पैर में गोली लगने पर उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस ने एनकाउंटर वाहवाही लूटने के लिए एक फोटो भी सोशल मीडिया पर जारी कर दिया, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि घायल युवक इश्तियाक के हाथ में जो तमंचा है, उसमें ट्रिगर ही नहीं है, जबकि उसके पैर में गमछा बंधा हुआ है. अब सवाल यह उठता है कि पुलिस ने गमछा बांधने से पहले आरोपी युवक के हाथ से तमंचा क्यों नहीं हटाया? पुलिस को आखिर कैसे मालूम था कि तमंचे में गोली नहीं है और वह गोली नहीं चला सकता है.

गैंगस्टर ने लगाया घर से उठाने का आरोप
इसके साथ ही इस पर भी सवाल उठ रहा है कि बगैर ट्रिगर का तमंचा लेकर गैंगस्टर का आरोपी क्यों चल रहा था? वहीं पुलिस की गोली लगने से घायल इश्तियाक ने पुलिस पर ही गम्भीर आरोप लगाये हैं. उसके मुताबिक उसे रात बारह बजे घर से पुलिस ने उठाया और एक-दो जगह दबिश देने के बाद पुलिस उसे लेकर बांका जलालपुर आ गई.

मुंह में कपड़ा भरकर, पैर में सटाकर मार दी गोली
इश्तियाक के मुताबिक पुलिस ने उसके मुंह में कपड़ा भरा, आंख पर पट्टी बांधी, पैर पर भिगोकर दो गमछे बांधे और पैर में सटाकर गोली मार दी. वहीं आरोपी युवक के परिजनों का कहना है कि 2012 में लूट के मामले में वह जेल गया था, लेकिन अब वह आटो चलाकर जिंदगी गुजर-बसर कर रहा है. परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनसुनवाई पोर्टल पर की है. परिजनों ने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है.

कानून भी किसी व्यक्ति को पकड़कर गोली मारने की नहीं देता है इजाजत
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वहीं इस पूरे मामले में पुलिस का कोई भी आलाधिकारी मुंह बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन पुलिस के एनकाउंटर पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध पर जहां राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. वहीं पुलिस द्वारा आरोपियों को पकड़कर गोली मारे जाने को गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि एनकाउंटर सही ही होने चाहिए और बल का उतना ही प्रयोग होना चाहिए जितने की जरूरत हो. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि कानून भी किसी व्यक्ति को पकड़कर गोली मारने की इजाजत नहीं देता है.

पुलिस की कहानी से मेल नहीं खा रही है मुठभेड़ के बाद वायरल फोटो
बहरहाल, मऊ आइमा के बांका जलालपुर में पुलिस एनकाउंटर की कहानी में कई झोल नजर आ रहे हैं. जहां पुलिस की पूरी कार्रवाई सवालों के घेरे में है. वहीं मुठभेड़ के बाद वायरल फोटो भी पुलिस की कहानी से मेल नहीं खा रही है, जबकि इस मामले में पुलिस की बढ़ती फजीहत को देखते हुए और मुठभेड़ में घायल युवक इश्तियाक के मीडिया में बयान देने की खबरों के बाद पुलिस ने उसे नैनी जेल में शिफ्ट कर दिया है.

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First published: July 27, 2019, 5:19 AM IST
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