कमाल का कुंभ: उज्जैन से पैदल आए इस साधु को मेकअप में लगते हैं 7 घंटे!

स्वामी जी अपना सिंगार करने में भी 7 घंटे लगाते हैं. सुबह 3:00 बजे स्वामी सिंगार करना शुरू करते हैं तो फिर 10:00 बजे के बाद ही विचरण करना शुरू करते हैं.

News18Hindi
Updated: February 6, 2019, 12:09 PM IST
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Updated: February 6, 2019, 12:09 PM IST
प्रयागराज में लगे कुंभ मेले में साधु से लेकर साध्वियों, सबकी अपनी अलग दिलचस्प कहानी है. इसी बीच कुंभ के मेल में हमें मिले ये अद्भुत स्वामी. इनकी वेशभूषा देखकर जरूर ही आप दंग रह जाएंगे. स्वामी जी ऊपर से लेकर नीचे तक फूल माला रुद्राक्ष से लदे रहते हैं.

इन्हें देखने के लिए देश विदेश से लोगों की भीड़ जुटी रहती है. अद्भुत स्वामी अपने चेहरे पर पेंटिंग कर मोतियों की माला लगाते हैं. सिर के ऊपर एक अनोखी पगड़ी हैं और इस वेशभूषा में जिस तरफ से भी ये गुजरते हैं लोग बस इन्हें देखते ही रह जाते हैं. हरे रामा हरे कृष्णा का गीत गाते हुए जब ये कुम्भ में विचरण करते हैं तो सभी अवाक रह जाते हैं.

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स्वामी जी का कहना है कि 13 साल पहले महाकाल ने उन्हें दर्शन दिए थे, तभी से उन्होंने यह रूप धारण कर लिया और हमेशा इसी तरह से रहते हैं. स्वामी जी अपना सिंगार करने में भी 7 घंटे लगाते हैं. सुबह 3:00 बजे स्वामी सिंगार करना शुरू करते हैं तो फिर 10:00 बजे के बाद ही विचरण करना शुरू करते हैं. इनका कहना है कि ये उज्जैन से पैदल चलकर प्रयागराज आए हैं.

हरे रामा हरे कृष्णा बांसुरी लिए हुए, गीत गाते हुए, मुस्कुराते हुए स्वामी जी आजकल कुम्भ की गलियों में कहीं भी देखे जा सकते हैं. स्वामी जी का ये रूप देखकर सभी दंग रह जाते हैं कि आखिर ये कौन आ गया. स्वामी सबसे यही कहते हुए नजर आते हैं कि वे कल की चिंता नहीं करते, वे आज में जीते हैं इसलिए हमेशा खुश रहते हैं.

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