कमाल का कुंभ: ये हैं हाईटेक युवा साध्वियां, जो इंग्लिश में सुनाती हैं भागवत कथा

आज के बदलते दौर में जब हम आधुनिकता की चादर ओढ़े हुए हैं, ऐसे में युवा महिला सन्यासी प्रैक्टिकल तरीके से कथा सुनाकर कथा वाचन को भी आधुनिक बना रही हैं.

News18Hindi
Updated: February 5, 2019, 8:43 PM IST
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कुंभ क्षेत्र में नई उम्र, नया जोश, नए इरादों के साथ युवा महिला सन्यासियों ने अपनी कथा से सभी का दिल जीत लिया है. कुंभ में कई महिला संत हैं जिनकी उम्र सिर्फ 30 से 35 साल है. किसी ने एमबीए किया है, किसी ने एमटेक किया है, तो कोई पीएचडी है. ये महिला युवा सन्यासी जब अंग्रेजी या हिंदी में कथा वाचन करती है तो लोग मंत्रमुग्ध होकर सुनते हैं. 30 या 32 साल की उम्र में एमबीए, डॉक्टर इंजीनियर का करियर  छोड़कर आखिर ये युवा महिलाएं संत क्यों बन गई ?

साध्वी रुचिका त्यागी देश-विदेश में भागवत कथा वाचन करती हैं. कुंभ क्षेत्र में भी वह अंग्रेजी में कथा वाचन कर रही हैं. देश विदेश से आए विदेशी श्रद्धालु जब साध्वी रुचिका भारती के मुख मंडल से भागवत कथा सुनकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. आत्मिक शांति के लिए आज के इस आधुनिक युग में यह युवा महिला संत अध्यात्म की राह पर चल निकली. साध्वी रुचिका भारती अंग्रेजी में भागवत कथा सुनाती है, ताकि विदेशी भी भारतीय संस्कृति को अच्छी तरह समझ सकें. साथ ही साध्वी प्रज्ञा भारती ने एमबीए किया है लेकिन वह भी अध्यात्म के रंग में ऐसा रंगी कि 14 साल पहले उन्होंने सन्यास धारण किया और आज तक पीछे मुड़कर नहीं देखा.

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इन युवा महिला सन्यासियों को हाईटेक युवा महिला सन्यासी भी कह सकते हैं. यह युवा महिला सन्यासी न सिर्फ कथा वाचन नहीं करती है बल्कि जिंदगी को बहुत प्रैक्टिकल तरीके से समझती हैं और लोगों को कथा के माध्यम से प्रैक्टिकल जिंदगी जीने की सीख देती हैं. कह सकते हैं कि आज के बदलते दौर में जब हम आधुनिकता की चादर ओढ़े हुए हैं, ऐसे में युवा महिला सन्यासी प्रैक्टिकल तरीके से कथा सुनाकर कथा वाचन को भी आधुनिक बना रही हैं.

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