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काशी और मथुरा में अगर मंदिर बन जाए तो हम सब कुछ भूलने को तैयार हैं: सुब्रह्मण्यम स्वामी

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 2, 2019, 11:36 PM IST
काशी और मथुरा में अगर मंदिर बन जाए तो हम सब कुछ भूलने को तैयार हैं: सुब्रह्मण्यम स्वामी
डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने प्रयागराज में कहा कि हिन्दुओं के साथ जो कुछ हुआ, उसे सुधारने की आवश्यकता है. 

राम मंदिर (Ram mandir) के पक्ष में फैसला आने के बाद काशी और मथुरा को भी मुक्त कराने को लेकर बहस तेज हो गई है. राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी (Subrahmanyam Swamy) ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार काशी और मथुरा की जमीनों का राष्ट्रीयकरण कर सकती है?​

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प्रयागराज. अयोध्या विवाद का फैसला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राम मंदिर के पक्ष में आने के बाद काशी और मथुरा को भी मुक्त कराने को लेकर बहस तेज हो गई है. डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने प्रयागराज में रविवार को कहा कि, 'देश में मुगलकाल में बहुत से मंदिर तोड़े गए हैं, लेकिन अयोध्या के बाद काशी (Varanasi) और मथुरा (Mathura) में अगर मंदिर बन जाए तो हम सब कुछ भूलने को तैयार हैं. उन्होंने कहा है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) की .31 एकड़ जमीन को लेकर ही विवाद था. बाकी जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार को कहा था कि उसे अधिग्रहीत कर सकती है और जिसे चाहे, दे भी सकती है.'

विश्वनाथ मंदिर और कृष्ण जन्म भूमि को लेकर केंद्र की नीति क्या है: सुब्रह्मण्यम स्वामी
बीजेपी से राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने प्रयागराज में केंद्र सरकार से सीधा सवाल पूछ लिया है कि राममंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर (Vishwanath Temple) और कृष्ण जन्मभूमि को लेकर सरकार की क्या नीति है. उन्होंने सवाल दोहराते हुए कहा है कि क्या केंद्र सरकार काशी और मथुरा की जमीनों का राष्ट्रीयकरण कर सकती है? हालांकि उन्होंने कहा है कि इसके लिए देश में सही माहौल बनाना होगा और उचित मुआवजा भी देना होगा.

अशोक सिंघल स्मृति व्याख्यान में बोल रहे थे स्वामी

डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि, ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड को मैं बार-बार कहता था कि क्यों मुकदमा लड़ रहे हो? अयोध्या में विवादित भूमि का केंद्र सरकार राष्ट्रीयकरण कर देगी. दरअसल डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी रविवार को अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से प्रयागराज के मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित अशोक सिंघल स्मृति व्याख्यान में शिरकत करने पहुंचे थे.

हिंदुओं और उनके पूर्वज भी एक हैं
व्याख्यान की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने 1951 में कानून बनाया था कि सरकार राष्ट्रहित में किसी भी जमीन का राष्ट्रीयकरण कर सकती है और किसी को दे भी सकती है. उन्होंने कहा है कि देश की आजादी की लड़ाई में पूरा योगदान हिन्दुओं का ही था.हिंदुओं के पुर्नउत्थान की आवश्यकता है
डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि हिंदुओं के पुर्नउत्थान की आवश्यकता है और संस्कृत भाषा को दोबारा स्थापित करने की भी जरुरत है क्योंकि संस्कृत सभी भाषाओं को जोड़ने वाली भाषा है. हर भाषा में संस्कृत के शब्द हैं. संस्कृत भाषा का जानबूझकर मुगलों और अंग्रेजों ने नुकसान किया है.

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First published: December 2, 2019, 11:16 PM IST
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