औरैया सड़क हादसे को लेकर दाखिल PIL पर हाईकोर्ट से योगी सरकार को बड़ी राहत
Allahabad News in Hindi

औरैया सड़क हादसे को लेकर दाखिल PIL पर हाईकोर्ट से योगी सरकार को बड़ी राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंसा की जांच को लेकर निर्देश दिए हैं. (सांकेतिक फोटो)

हाईकोर्ट (HC) ने कहा है कि हादसे के बाद औरैया के डीएम और राज्य सरकार ने जरूरी कदम उठाए हैं. कोर्ट ने याची अधिवक्ता को इस मामले को उचित फोरम या सक्षम अधिकारी के समक्ष उठाए जाने की छूट दी है.

  • Share this:
प्रयागराज. औरैया जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे (Auraiya Road Accident) में 24 कामगारों की मौत के बाद उनके शवों और घायलों को एक ही वाहन में भेजे जाने के मामले में योगी सरकार (Yogi Government) को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औरैया सड़क हादसे को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हस्तक्षेप से इंकार कर दिया है.

हाईकोर्ट ने कहा है कि हादसे के बाद औरैया के डीएम और राज्य सरकार ने जरूरी कदम उठाए हैं. कोर्ट ने याची अधिवक्ता को इस मामले को उचित फोरम यह सक्षम अधिकारी के समक्ष उठाए जाने की छूट दी है. यह आदेश चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने अधिवक्ता कमल कृष्ण राय व 4 अन्य की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है.

याची का कहना था कि दुर्घटना के 40 घंटे बाद मृतकों व घायलों को एक ही वाहन मे रखकर झारखंड भेजने की घटना अमानवीय है. ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए. इसके साथ ही घायलों को राज्य में न भेजकर वहीं इलाज कराये जाने की भी याचिका में मांग की गई थी. जनहित याचिका में और घायलों के लिए उचित मुआवजा दिए जाने की सरकार को नीति बनाने का निर्दे‍श दिए जाने की भी मांग की गई थी. जनहित याचिका में कहा गया था कि मृतकों के शवों के साथ भी सम्मानजनक मानवीय व्यवहार किया जाए.



झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने किया था ट्वीट
गौरतलब है कि 17 मई को औरैया में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था. इसके बाद कामगारों के शवों के साथ ही ट्रकों में घायल कामगारों और उनके परिजनों को भेज दिया गया था. इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्वीट के बाद शासन ने शवों को शव वाहन और घायलों को एंबुलेंस में भेजने का निर्देश दिया था, जिसके बाद रविवार 18 मई को रात लगभग 9 बजे ट्रकों को प्रयागराज के नवाबगंज में रोककर एम्बुलेंस में शिफ्ट कराकर उन्हें आगे के लिए रवाना किया गया.

हाइवे पर ट्रक रोककर शव एंबुलेंस में भेजे गए

औरैया से 24 कामगारों के शवों और घायलों व परिजनों को 3 डीसीएम ट्रकों से पश्चिम बंगाल और झारखंड भेजा जा रहा था. 3 डीसीएम में कुल 17 कामगारों के शव भेजे जा रहे थे. 6 पश्चिम बंगाल पुरुलिया के थे, जबकि 11 शव बोकारो झारखंड के कामगारों के थे. इस कार्रवाई को पूरा करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगा था. जिसके बाद पुलिस के वाहन से एस्कॉर्ट करते हुए एम्बुलेंस को रवाना कर दिया गया था और इसकी सूचना शासन को भी दे दी गई थी.

ये भी पढ़ें:

69000 टीचर भर्ती: 1-2 नंबर से मेरिट से बाहर हुए हजारों अभ्यर्थी पहुंचे हाईकोर्ट, 27 मई को सुनवाई

Lockdown में चली गई नौकरी तो न हों परेशान, UP सरकार की इन योजनाओं से बनाएं नया करियर
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज