अम्बेडकरनगरः अकबरपुर चीनी मिल पर किसानों का 45 करोड़ दबाने का आरोप

किसान बताते हैं कि जिले में अकबरपुर शुगर मिल खुलने से उन्हें अपने अच्छे दिन की उम्मीद जगी थी और किसानों ने पिछले कई वर्षो से धान और गेंहू की पारम्परिक खेती से ऊब कर गन्ने की खेती पर अपना ध्यान लगा दिया था. लेकिन अब गन्ने खेती करके भी उन्हें पैसों के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 8, 2018, 11:34 PM IST
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Updated: September 8, 2018, 11:34 PM IST
अम्बेडकरनगर जिले के किसान अकबरपुर चीनी मिल द्वारा उनका बकाया 45 करोड़ रुपए दबाने से काफी परेशान है. किसान गन्ने की फसल के बकाए राशि के भुगतान के लिए बड़े अधिकारियों और नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इनका दर्द सुनने वाला कोई नहीं है.

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गन्ना किसानों का कहना है कि गन्ने का भुगतान नहीं होने से उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है और वो बच्चों की अच्छे स्कूलों में पढ़ाई नहीं करवा पा रहे है. यही नहीं, बकाया पैसा नहीं मिलने खेती के लिए खाद और बीज की समस्या भी खड़ी हो गई है, लेकिन शिकायत करने पर अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन अभी तक उन्हें बकाए रुपए में से कुछ नहीं मिला है.

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गौरतलब है बकाया भुगतान के लिए किसानों को आजकल जिला गन्ना विकास अधिकारी के कार्यालय पर देखा जा सकता है, जहां बकाया भुगतान के लिए बूढ़े-बुजुर्ग ऑफिस में डेरा लगाए बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ उन्हें जल्द पैसा मिलने की दिलासा देकर वहां निकल जाते हैं.

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किसान बताते हैं कि जिले में अकबरपुर शुगर मिल खुलने से उन्हें अपने अच्छे दिन की उम्मीद जग गई थी और किसानों ने पिछले कई वर्षो से धान और गेंहू की पारम्परिक खेती से ऊब कर गन्ने की खेती पर अपना ध्यान लगा दिया था. लेकिन अब गन्ने खेती करके भी उन्हें पैसों के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है.

(रिपोर्ट-केके पांडेय, अंबेडकरनगर)
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