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BSP के गढ़ अंबेडकर नगर में BJP को महागठबंधन से कड़ी टक्कर, निषाद के उतरने से मुकाबला दिलचस्प

अंबेडकर नगर से बीजेपी प्रत्याशी मुकुट बिहारी वर्मा.

अंबेडकर नगर से बीजेपी प्रत्याशी मुकुट बिहारी वर्मा.

BSP के गढ़ अंबेडकर नगर में निषाद फैक्टर काम कर सकता है. यानी जिसके निषाद उसकी जीत.

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यूपी में अंबेडकर नगर को फैजाबाद से अलग कर नया जिला बनाया गया. 29 सितंबर 1995 को यूपी की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश के नए जिले के रूप में अंबेडकर नगर की स्थापना की थी. अंबेडकर नगर संसदीय सीट को मायावती का गढ़ माना जाता है. मायावती ने अंबेडकर नगर संसदीय सीट से ही अपने सियासी सफर की शुरुआत की थी. यहीं से वो साल 1989 में चुनाव जीतकर संसद पहुंची थीं. अंबेडकर नगर से मायावती जीत की हैट्रिक 1998, 99 और 2004 में लगा चुकी हैं.

मायावती के बाद इस क्षेत्र से बीएसपी के राकेश पांडेय दो बार सांसद रहे लेकिन साल 2014 में मोदी लहर में उनको बीजेपी के हरिओम पांडेय ने हरा दिया था. लेकिन इस बार बीजेपी ने मौजूदा सांसद का टिकट काटकर यूपी सरकार में मंत्री रहे मुकुट बिहार वर्मा पर दांव खेला है. इस फैसले के पीछे कुर्मी वोटरों का गणित है.

कौन हैं हरिओम पांडेय?

अंबेडकर नगर से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाले हरिओम पहली बार संसद पहुंचे. वह लोकसभा में मानव संसाधन विभाग की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य हैं और उन्होंने एमए और बीएड की डिग्री हासिल की है.

कौन हैं मौजूदा प्रत्याशी?

बीजेपी की तरफ से मुकुटबिहारी वर्मा उम्मीदवार हैं. जबकि यहां से कांग्रेस ने उम्मेद सिंह निषाद को टिकट दिया है. वहीं सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से रीतेश पांडेय चुनाव मैदान में हैं.

कौन हैं मुकुटबिहारी वर्मा?

मुकुट बिहारी वर्मा


यूपी सरकार में सहकारिता मंत्री रहे मुकुट बिहारी वर्मा बहराइच के कैसरगंज विधानसभा से तीन बार विधायक रह चुके हैं. विद्यार्थी जीवन में आरएसएस से जुड़े रहे हैं.

कौन हैं उम्मेद सिंह निषाद?

अंबेडकर नगर सीट से कांग्रेस साल 1984 से अबतक एक भी लोकसभा चुनाव या उपचुनाव नहीं जीत सकी है. इस बार कांग्रेस ने जातीय गणित साधते हुए दस्यु सुंदरी रहीं पूर्व सांसद फूलनदेवी के पति उम्मेद सिंह निषाद को टिकट दिया है.

महागठबंधन का उम्मीदवार

रितेश पांडेय


बाहुबली पवन पांडेय के बड़े भाई राकेश पांडेय का बेटा रितेश पांडेय बसपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में है. साल 2009 में राकेश पांडेय बीएसपी की तरफ से यहां से चुनाव जीत चुके हैं.

जातीय समीकरण

अंबेडकर नगर में करीब ढाई लाख कुर्मी वोटर हैं इससिए बीजेपी ने मुकुट विहारी वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं निषाद वोटरों की वजह से कांग्रेस ने उम्मेद सिंह पर दांव खेला है. 2011 की जनगणना के मुताबिक अंबेडकर नगर की आबादी 24 लाख है और यहां पर 12.1 लाख  पुरुष और 11.9 लाख  महिलाएं हैं. इसमें 75% आबादी सामान्य वर्ग और 25% आबादी अनुसूचित जाति की है. धर्म के आधार पर 83% आबादी हिंदुओं का और 17% मुस्लिमों की है. अंबेडकर नगर में 12 मई को वोट डाले जाएंगे.
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UP Election: सपा का दामन थामेंगे BSP से निष्कासित लालजी वर्मा और रामअचल राजभर! अखिलेश से की मुलाकात

सपा का दामन थामेंगे BSP के बागी लालजी वर्मा और रामअचल राजभर!

UP Politics: बता दें कि दोनों ही नेताओं का अलग पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. इसके बावजूद राम अचल राजभर लगातार सभाएं कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं.

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लखनऊ. यूपी के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले राजनीतिक दलों में आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी कड़ी में शुक्रवार को बसपा (BSP) से निकाले गए दो बड़े नेता लालजी वर्मा (Lalji Verma) और राम अचल राजभर (Ram Achal Rajbhar) अगले महीने सपा का दामन थाम सकते हैं. दरअसल, लालजी वर्मा और राम अचल राजभर ने सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद कहा जा रहा है कि दोनों नेता जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं.

बताया जा रहा है कि अक्टूबर में अंबेडकर नगर में बड़ी जनसभा के दौरान अखिलेश यादव दोनों नेताओं की जॉइनिंग कराएंगे. सूत्रों के मुताबिक, अक्टूबर में अंबेडकर नगर में बड़ी जनसभा में अखिलेश यादव दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराएंगे. दोनों नेताओं के साथ मुलाकात की एक तस्वीर अखिलेश यादव ने ट्वीट की है. हालांकि, अखिलेश यादव ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है. अखिलेश ने बताया कि श्री लालजी वर्मा जी और श्री राम अचल राजभर जी से आज शिष्टाचार भेंट की.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

बता दें कि दोनों ही नेताओं का अलग पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. इसके बावजूद राम अचल राजभर लगातार सभाएं कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दिखाना चाहते हैं कि पिछड़ों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है. भारी संख्या में समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो सकते है.

UP Election: BSP ने बदला ब्राह्मण सम्मेलन का नाम, अब प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी, ये है पूरा कार्यक्रम

बसपा आज से यूपी में लगातार छह ब्राह्मण सम्मेलन करने जा रही है. अब इसका नाम बदलकर प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में गोष्ठी कर दिया गया है.  (File Photo: मायावती)

UP Assembly election News: अयोध्या से आगाज के बाद 29 जुलाई तक बसपा अलग-अलग ज़िलों में इस गोष्ठी का आयोजन करेगी. इसमें 24-25 को अम्बेडकर नगर, उसके बाद 26 जुलाई को इलाहाबाद में, फिर 27 को कौशाम्बी, 28 को प्रतापगढ़ और 29 जुलाई को सुल्तानपुर में कार्यक्रम होना है.

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लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) आज राम की नगरी अयोध्या (Ayodhya) से यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) के प्रचार अभियान का आगाज करने जा रही है. इसी क्रम में पार्टी का ब्राह्मण सम्मेलन आज अयोध्या में आयोजित होना है. हालांकि अब इस का नाम पार्टी ने प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी कर दिया है. जानकारी के अनुसार आज 23 जुलाई को अयोध्या में देवकाली के तारा जी रिजॉर्ट में ये कार्यक्रम होना है. इसमें बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ब्राह्मणों को संबोधित करेंगे. सतीश चंद्र मिश्रा दोपहर 1 बजे अयोध्या पहुंचेंगे. इस पूरी कवायद को विधानसभा चुनाव को लेकर ब्राह्मणों को बसपा के मंच पर लाने की कोशिश माना जा रहा है.

अयोध्या से आगाज के बाद 29 जुलाई तक अलग-अलग ज़िलों में इस गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इसमें 24-25 को अम्बेडकर नगर में कार्यक्रम होना है. उसके बाद 26 जुलाई को इलाहाबाद में गोष्ठी होगी, फिर 27 को कौशाम्बी, 28 को प्रतापगढ़ और 29 को सुल्तानपुर में कार्यक्रम होना है. इन सभी कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि सतीश चंद्र मिश्रा रहेंगे. वहीं नकुल दुबे व अन्य बसपा के विधायक व सांसद मौजूद रहेंगे.

वैसे बसपा द्वारा सम्मेलन का नाम बदलने के पीछे हाईकोर्ट का एक आदेश अहम कारण माना जा रहा है.  दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 जुलाई साल 2013 को मोती लाल यादव द्वारा दाखिल पीआईएल संख्या 5889 पर सुनवाई करते हुए यूपी में सियासी पार्टियों द्वारा जातीय आधार पर सम्मेलन- रैलियां व दूसरे कार्यक्रम आयोजित करने पर पाबंदी लगा दी थी. जस्टिस उमानाथ सिंह और जस्टिस महेंद्र दयाल की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि सियासी पार्टियों के जातीय सम्मेलनों से समाज में आपसी मतभेद बढ़ते हैं और यह निष्पक्ष चुनाव में बाधक बनते हैं.

अयोध्या में BSP के ब्राह्मण सम्मेलन से पहले पढ़ लें हाईकोर्ट का यह आदेश

अदालत ने जातीय सम्मेलनों पर पाबंदी लगाते हुए चुनाव आयोग और सरकार के साथ ही चार प्रमुख पार्टियों कांग्रेस -बीजेपी, सपा और बसपा को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब कर लिया था और सभी से हलफनामा देने को कहा था.

इनपुट: मोहम्मद शबाब

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग: पांच जिलों से होकर गुजरेगा हाइवे, जानें इसका रूट

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का मैप.

 Ministry of Road Transport द्वारा बनाया जा रहा 275 किमी. लंबा Chaurasi Kosi Parikrama Marg पांच जिलों से होकर गुजरेगा. इसमें एनएच 27 और एनएच 28 के तमाम शहर शामिल होंगे.

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नई दिल्‍ली. सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) द्वारा चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग (Chaurasi Kosi Parikrama Marg) को नेशनल हाइवे (National Highway) में शामिल करने के बाद अयोध्‍या उत्‍तर प्रदेश का सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्‍थल के रूप में विकसित होगा. परिक्रमा मार्ग उत्‍तर प्रदेश के पांच जिलों से होकर गुजरेगा. यह मार्ग इन पांच जिलों के अलावा आसपास के अन्‍य जिलों के लिए वरदान साबित होगा. 275 किलोमीटर लंबा यह मार्ग फैजाबाद, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, गोंडा और बस्‍ती जिलों से होकर गुजरेगा.

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पांच जिलों के 107 गांवों के आसपास से गुजरेगा. इस मार्ग का डिजाइन पीक आवर में आने वाले ट्रैफिक को ध्‍यान में रखते हुए किया गया है, जिससे भविष्‍य में ट्रैफिक जाम की समस्‍या न हो. सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए सड़क के बीचोंबीच से 8 से 30 मीटर की खाली जगह यानी आरओडब्‍ल्‍यू (राइट आफ वे) उपलब्‍धता के अनुसार छोड़ी जाएगी. सड़क परिवहन मंत्रालय ने इसका पूरा डिजाइन तैयार कर लिया है. केन्‍द्रीय सड़क परिवहन और हाइवे मंत्री न‍ितिन गडकरी ने स्‍वयं ट्वीट कर प्रोजेक्‍ट को हाइवे में शामिल करने की जानकारी दी है.

इन शहरों से गुजरेगा मार्ग
यह पांचों जिलों के तमाम शहरों से होकर गुजरेगा. छावनी (एनएच-27 के पास) -आश्रम- महबूबगंज (सूर्यकुंड) अमोरा-कटरिया श्रृंगी ऋषि गोसाईगंज-तरुण-रामपुर भगन द्राबगंज (सीताकुंड)-बीकापुर भगवती नगर-रेवतीगंज-अस्थाना अधियोना चौराहा-सिरसीर (जनमे) जयकुंड - अमरगंज-अमनीगंज-रुदाली-रोजागांव - मियां का पुरबा-मेरामान-पत्रंगा बरेनबाग-कामियार अलीयाबाद- नियामतगंज भोरीगंज- राजापुर- बाबा उमरी चारसारी सुभीरन दास कुट्टी- नरहरदास की कुट्टी (पस्का) बेगमगंज-दीकसीर-पकरी बार-गोहानीजारही चरहा-राम नगर चौराहा (तुलसीपुर) नबाबगंज-नबवा-कल्याणपुर हैदराबाद बेरका-नदुला-रामगढ़छवानी (एनएच-28 पर) से होकर गुजरेगा.

अयोध्‍या का वह स्‍थान जहां से चौरासी कोसी परक्रिमा मार्ग शुरू और खत्‍म होगा.
अयोध्‍या का वह स्‍थान जहां से चौरासी कोसी परक्रिमा मार्ग शुरू और खत्‍म होगा.


इन शहरों को होगा लाभ
महबूब गंज गोसाईगंज-इनायत नगर- मिया का पुरवा-पतरंगा-अलियाबाद-नियामत गंज- बारिन बाग-मुर्तियां घाट-देवी गंज-पस्का किनौना चौराहा- राम गढ़ दीकिर राम नगर- नवाब गंज- बर्टा चौराहा-छवानी (एनएच-27)- कटारिया.

24 ब्रिज और 217 पुलिया बनेंगी
चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग में 241 छोटे बड़े ब्रिज और पुलिया बनेंगे. इनमें 3 बड़े और 21 छोटे ब्रिजों का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा 217 पुलिया भी बनाई जाएंगी.

UP Block Pramukh Chunav: नामांकन के दौरान कई जिलों में हिंसा, सीतापुर में फायरिंग, देखिए पूरी रिपोर्ट

UP: महाराजगंज में ब्लॉक प्रमुख नामांकन के दौरान एक प्रत्याशी को नामंकन से रोकने की कोशिश हुई, जिस पर हंगामा हो गया.

UP Panchayat Chunav 2021: उत्तर प्रदेश में आज ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान कई जिलों में हिंसा, झड़प, लाठीचार्ज से लेकर प्रत्याशी के अपहरण, पर्चा छीनने की बात सामने आई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव (Block Pramukh Election) को लेकर गुरुवार को सभी जिलों में प्रत्याशियों ने नॉमिनेशन (Nomination) दाखिल किए. इस दौरान कई जगह हिंसा (Violence) की घटनाएं, झड़प, लाठीचार्ज, फायरिंग देखने को मिली हैं. कहीं नामांकन से पहले प्रत्याशी के अपहरण को लेकर बवाल मचा, कहीं पर्चा छीनने की बात सामने आई है.  एक दिन पहले ही डीजीपी मुकुल गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सख़्ती बरतने के निर्देश दिए थे लेकिन जिलों में डीजीपी के निर्देशों का असर नहीं दिखा. डीजीपी ने कहा है कि सभी घटनाओं में सख़्त विधिक कार्यवाही की जाएगी.

घटनाओं की बात करें तो सीतापुर में नामांकन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की गुंडई आई सामने आई. आरोप लगा है कि उन्होंने नामांकन करने पहुंचे निर्दलीय प्रत्याशी के दो प्रस्तावकों का अपहरण कर लिया. यही नहीं विरोध करने पर जमकर हाथगोले दागे और गोलियां चलाईं. इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं आक्रोशित लोगों ने कमलापुर थाना क्षेत्र का हाईवे जाम कर दिया है.



वहीं सीतापुर में नामांकन के दौरान हुई हिंसक घटना मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस दबिश दे रही है. एसपी आरपी सिंह माके पर कैंप कर रहे हैं. एसपी ने साफ किया है कि किसी का अपहरण नहीं हुआ है.

ये हैं प्रदेश की प्रमुख घटनाएं

आजमगढ़ में पवई ब्लॉक के गेट पर नामांकन के दौरान सपा-भाजपा प्रत्याशी भिड़ गए. नामांकन के दौरान भाजपा प्रत्याशी वरुण यादव और सपा प्रत्याशी में जमकर नोकझोंक देखने को मिली. बता दें वरुण यादव सपा नेता बाहुबली रमाकांत यादव के पुत्र हैं. पुलिस ने दोनों पक्षो को समझाकर मामले को शांत कराया.

आजमगढ़ में ही भाजपा के ब्लॉक प्रमुख पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगा है. यहां भाजपा प्रत्याशी अनुराग सिंह सोनू ने नामांकन के पहले जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए सोनू सिंह नामांकन स्थल पहुंचे. इस दौरान कोविड- नियमों को ताख पर रख दिया गया. बता दें अनुराग सिंह सोनू पल्हना ब्लाक से भाजपा प्रत्याशी हैं.

वहीं कानपुर में आरोप लगा है कि नामांकन से पहले सपा के बिल्हौर और शिवराजपुर ब्लॉक से प्रत्याशी लापता हो गए हैं. मामले में सपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर प्रत्याशियों के अपहरण का आरोप लगाया है.

संभल में सपाइयों को दौड़ाते पुलिसकर्मी

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UP: संभल में पुलिस ने सपाइयों को लाठी लेकर दौड़ाया. सपा विधायक के पुत्र की प्रशासनिक अधिकारियों से गर्मागर्मी के बाद पुलिस कार्रवाई.


वहीं कानपुर देहात में राजपुर ब्लॉक पर सपा और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़ गए. इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता ने ब्लाक गेट पर सपा प्रत्याशी का कुर्ता फाड़ दिया. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने मामला शांत कराया.

वहीं सन्दलपुर ब्लॉक में नामांकन के दौरान विवाद हो गया. इस दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी. माहौल बिगड़ते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

पूर्व मंत्री लालजी वर्मा से पर्चा छीनकर फाड़ने का आरोप

इसी तरह अम्बेडकरनगर में भी टांडा ब्लॉक प्रमुख नामांकन में बवाल देखने को मिला. यहां भाजपा प्रत्याशी तेजस्वी जायसवाल पर बसपा के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के हाथ से नामांकन का पर्चा छीनकर फाड़ने का आरोप लगा है. तनवा बढ़ते देख भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई. जिले के डीएम एसपी मौके पर पहुंच गए हैं.

चित्रकूट में नामांकन स्थल को ही भाजपा प्रत्याशी और समर्थिकों द्वारा कैद करने का मामला सामने आया है. यहां नामंकन स्थल के अंदर सीओ को भी भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों ने गेट के अंदर घुसने नहीं दिया. इस पर सपा प्रत्याशी ने जमकर हंगामा काटा. पुलिस प्रशासन और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे.

जौनपुर में नामांकन से पहले जमकर बवाल

jaunpur crime
जौनपुर में नामांकन से पहले हिंसा का दृश्य


हरदोई में ब्लॉक प्रमुख टिकट वितरण को लेकर भाजपा संगठन में अंतर्द्वंद मचा है. यहां जनसंघ के जमाने के पुराने भाजपा नेता सुरसा पूर्व ब्लाक प्रमुख रामपाल सिंह ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. उनके पौत्र सुरसा भाजपा मंडल के अध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है. सुरसा ब्लाक प्रमुख पद के लिए घोषित भाजपा समर्थित उम्मीदवार के विरोध में नाराजगी जताते उन्होंने इस्तीफा दिया है.

महिला प्रत्याशी के साथ धक्का-मुक्की

महाराजगंज में भाजपा प्रत्याशी ने सदर ब्लाक परिसर में नामांकन दाखिल किया. इस दौरान दूसरे प्रत्याशी को नामांकन से रोकने की कोशिश हुई, जिस पर मारपीट और हंगामा हो गया. यहां एक प्रत्याशी समर्थक द्वारा दूसरी महिला प्रत्याशी के साथ धक्का-मुक्की, छीना-झपटी देखने को मिली. इस दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही.

वहीं बागपत के छपरोली ब्लॉक में आरएलडी प्रत्याशी को नामांकन करने से रोकने पर हंगामा हो गया. आरोप है कि जिला प्रशासन ने आरएलडी प्रतियाशी अंशु हलालपुर को नामांकन करने से रोका गया. आरएलडी कार्येकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक देखने को मिली. आरएलडी कार्येकर्ताओ का हंगामा चल रहा है.

बस्ती में पुलिस ने किया लाठीचार्ज

इसी तरह बस्ती के गौर ब्लॉक में पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया. यहां बीजेपी कार्यकर्ता ब्लॉक गेट पर नामांकन के दौरान उपद्रव कर रहे थे. बता दें बीजेपी से जटा शंकर शुक्ला चुनाव के मैदान में हैं, वहीं विपक्ष में महेश सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. पर्चा दाखिल करने को लेकर ये बवाल हुआ.

वहीं पीलीभीत के अमरिया ब्लॉक में निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन के दौरान भाजपा के प्रत्याशी की तरफ से गुंडई करने का आरोप लगा है. आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी और समर्थकों ने बीच सड़क पर गाड़ी लगाकर नामांकन करने से रोकने का प्रयास हुआ. भाजपा प्रत्याशी के संरक्षण में अज्ञात बदमाशों ने निर्दलीय प्रत्याशी की गाड़ी पर हमला किया, जबकि पुलिस मूक दर्शक बनी रही. हंगामे के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दबंगों को खदेड़ा.

झांसी में पथराव

झांसी के बड़ागांव ब्लॉक प्रमुख के लिये हो रहे नामांकन में भी जमकर बवाल और पुलिस का लाठीचार्ज देखने को मिला है. यहां सपाइयों ने नामांकन नहीं करने देने का आरोप लगाया है. इसे लेकर जमकर ईंट पत्थर चले. सपा भाजपा के समर्थक आपस में भिड़ गए. जमकर बवाल के बाद पुलिस ने लाठियां भांजी. भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है.

वहीं रायबरेली के हरचंदपुर ब्लॉक प्रमुख नामंकन के दौरान जमकर गाली गलौज देखने को मिली. यहां बीजेपी प्रत्याशी पीयूष सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी अशोक कुमारी के समर्थक आमने सामने आ गए. पुलिस के सामने हंगामा होता रहा.

अयोध्या में धरने पर बैठे सपाई

अयोध्या के मया ब्लॉक नामांकन स्थल पर सपा भाजपा में मारपीट हो गई, जिसके विरोध में मया बाजार तिराहे पर सपाइयों ने अंबेडकरनगर रोड जाम कर दिया. मौके पर एएसपी पलाश बंसल व एसडीएम सदर ज्योति सिंह पहुंचे और सपाइयों को आश्वासन दिया. उन्होंने आश्वासन दिया है कि सपा समर्थित प्रत्याशी धर्मवीर वर्मा को सुरक्षा दी जाएगी. धर्मवीर देंगे तहरीर तो मुकदमा दर्ज होगा. आश्वासन पर जाम खुल गया. बता दें धर्मवीर वर्मा के प्रस्तावक राजेश कुमार को चोटें आई हैं.

उन्नाव में भाजपाइयों पर निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा छीनने का प्रयास करने का आरोप लगा है. दरअसल नवाबगंज खंड विकास कार्यालय पर ब्लॉक प्रमुख पद का नामांकन कराने दो निर्दलीय प्रत्याशी पहुंचे थे. आरोप है कि खंड विकास कार्यालय गेट पर पहुंचते ही भाजपाइयों ने प्रत्याशियों को घेरा और हाथापाई कर पर्चा छीनने का प्रयास किया. मौके पर पुलिस ने डंडा पटक कर भाजपाइयों को खदेड़ा. फिर पुलिस की मौजूदगी में दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया.

अम्बेडकरनगर- शराब पीने से 5 लोगों की मौत, आबकारी निरीक्षक सहित चार निलम्बित

अम्बेडकर नगर में शराब पीने से मौतों के बाद निलंबन की कार्रवाई हो रही है. . (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Ambedkar Nagar News: अंबेडरकनगर डीएम के पत्र पर आबकारी आयुक्त ने आबकारी निरीक्षक कौशलेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही दीप नारायण वर्मा, आबकारी सिपाही सर्वेश कुमार व प्रदीप कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है.

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अम्बेडकरनगर. उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर (Ambedkar Nagar) में शराब (liquor) पीने से 5 लोगों की मौत के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है. मामले में डीएम के पत्र के बाद अबकारी आयुक्त ने ने आबकारी निरीक्षक सहित चार को निलंबित (Suspend) कर दिया है. निलंबित होने वालों में आबकारी निरीक्षक कौशलेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही दीप नारायण वर्मा, आबकारी सिपाही सर्वेश कुमार व प्रदीप कुमार सिंह के नाम प्रमुख हैं.

बता दें जैतपुर थाना क्षेत्र के मखदूमपुर का ये मामला है. मामले में पहले ही एसओ समेत 4 पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है.

ये है पूरा मामला

बता दें अम्बेडकर नगर में शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार की हालत गम्भीर है. आशंका जताई जा रही है कि शराब पीने के बाद ही इनकी तबियत बिगड़ी. ग्रामीणों ने आनन-फानन में तीन लोगों का अंतिम संस्कार भी कर दिया जबकि दो युवकों के शव पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

मामला थाना जैतपुर के मखदूमपुर और शिवपाल गावों का है. शराब पीने से मौत की सूचना पर जलालपुर से सपा विधायक गांव में पहुंच गए. इसके बाद पुलिस भी गांव पहुंची. मरने वाले चार लोग एक ही गांव के हैं, जबकि एक बगल के दूसरे गांव का रहने वाला है. बताया जा रहा है कि लॉक डाउन के बाद भी यही व्यक्ति शराब लेकर आया था. जिला अस्पताल में भर्ती मरीज जैसराज के साथ आये परिजनों ने बताया कि गांव के एक दर्जन लोगों ने ये शराब पी थी, जिसके बाद इनकी तबियत खराब हुई. जिसमे से मखदूमपुर गांव के 4 लोगों की मौत हो गई है. जबकि शिवपाल गांव निवासी एक की मौत हुई है. जिसके बारे में बताया जा रहा है कि उसके द्वारा ही लोगों को शराब उपलब्ध कराई गयी थी.

आजमगढ़ से लाई गई शराब!

बताया जा रहा है कि शराब आजमगढ़ से लाई गई थी. लॉकडाउन में जब शराब की बिक्री बन्द थी तो ये कैसे बेची जा रही थी? ये भी जांच का विषय है. आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्षेत्र में शराब बेची जा रही थी तो ये कहां थे? वहीं जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के आदेश पर इस पूरे मामले पर जांच शुरू हो गई है. शराब से मौतों के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जहां 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. जैतपुर एसओ पंडित त्रिपाठी और हल्का इंचार्ज सहित दो अन्य सिपाहियों को एसपी ने निलंबित कर दिया है. जबकि डीएम द्वारा आबकारी विभाग के कर्मचारियों पर कार्यवाही की तैयारी चल रही है.

मामले में मुख्य आरोपी सहित 4 गिरफ्तार हैं

जैतपुर थानाक्षेत्र के शिवपालपुर और मखदूमपुर गांव में जहरीली शराब से एक के बाद एक मौतों की सूचना जब जिले के प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची तो प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया. आनन-फानन में जिले के डीएम सैमुवल पॉल एन और एसपी आलोक प्रियदर्शी ने अपने दल-बल के साथ मृतकों के गांव पहुंच गए और एक-एक घर मे सर्च अभियान चलाकर शराब की तलाशी ली. साथ ही स्थानीय लोगो से पूछताछ की. डीएम और एसपी आजमगढ़ जिले के पवई बाजार पहुंचे, जहां से जहरीली शराब लाई गई थी. इसके बाद पुलिस ने शराब कांड के मुख्य आरोपी मोतीलाल सहित 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. एसपी ने इस मामले में जैतपुर एसओ पंडित त्रिपाठी और हल्का इंचार्ज सहित 4 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया. जहरीली शराब से बीमार 3 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं. एसपी ने कहा कि आगे की जांच जारी है.

UP Panchayat Chunav: हिंसा के बीच चौथे चरण में 75.38 फीसदी मतदान, अब 2 मई के लिए मतगणना की तैयारी

यूपी: पंचायत चुनाव में चौथे चरण में वोटिंग के साथ ही मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है.

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब 2 मई से मतगणना शुरू होगी. पूरे पंचायत चुनव में औसतन 72.72 फीसदी मतदान हुआ. पहले चरण में 71 प्रतिशत, दूसरे चरण में 72 फीसदी के बाद तीसरे चरण के चुनाव में 73.5 फीसदी वोट पड़े थे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) के चौथे और आखिरी चरण (Fourth Phase) में 75.38 प्रतिशत मतदान हुआ. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) से मिली जानकारी के मुताबिक चौथे चरण में 17 जिलों में हुए मतदान में औसतन छिटपुट हिंसा के बीच अधिकतर जगह शांतिपूर्ण रहा. आखिरी चरण में वोट पड़ने के साथ ही प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब 2 मई से मतगणना शुरू होगी. पहले चरण में 71 प्रतिशत, दूसरे चरण में 72 फीसदी के बाद तीसरे चरण के चुनाव में 73.5 फीसदी वोट पड़े थे. इस तरह से पूरे पंचायत चुनव में औसतन 72.72 फीसदी मतदान हुआ.

अब 2 मई को मतणगना के लिए काउंटिंग सेंटर पर राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन जारी हो गई है. राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि हर मतगणना केन्द्र पर मेडिकल हेल्थ डेस्क खोले जाएंगे. सभी आवश्यक दवाइयों के साथ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे. कोविड-19 के लक्षण दिखने पर मतगणना स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. मतगणना स्थल पर थर्मल स्कैनिंग कराना अनिवार्य रहेगा. नतीजों के बाद विजय जुलूस पर प्रतिबन्ध रहेगा. प्रत्याशियों और अभिकर्ताओं को कोविड नेगेटिव की रिपोर्ट अनिवार्य रहेगी, उनकी आरटीपीसीआर या एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी, कोविड-19 वैक्सिनेशन कोर्स पूरा करने की रिपोर्ट भी दिखा सकेंगे.

चौथे चरण में कुल 347436 उम्मीदवार मैदान में हैं. जिला पंचायत सदस्य की 738 सीटों पर 10679 प्रत्याशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य की 18356 सीटों पर 55408 प्रत्याशी, जबकि ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य की 177648 सीटों के लिए 114400 उम्मीदवार मैदान में हैं.

इन जिलों में पड़े वोट

चौथे चरण में अंबेडकर नगर, अलीगढ़, कुशीनगर, कौशांबी, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, बस्ती, बहराइच, बांदा, मऊ, मथुरा, शाहजहांपुर, संभल, सीतापुर, सोनभद्र तथा हापुड़ जिलों में मतदान हुआ.

मतदान के दौरान फायरिंग
शाहजहांपुर के सिधौली ब्लॉक में परवाड़ी गांव में मतदान के दौरान प्रत्याशियों के एजेंटों के बीच विवाद हो गया है, जिसके बा हुई मारपीट में लाठी-डंडे चल गए और भगदड़ मच गई. इस दौरान कई लोगों के घायल होने की सूचना है. कुछ देर बाद मतदान पर फायरिंग भी हुई. पुलिस ने कई को हिरासत में लिया है.

मतदान कर्मी की मौत
शाहजहांपुर में ही चुनाव ड्यूटी के दौरान निगोही ब्लाक के हितेनी गांव में एक कर्मचारी सोबरन लाल की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत की खबर है. वहीं कलान ब्लॉक में एक महिला मतदान कर्मी अपर्णा ने तबीयत खराब होने पर वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मथुरा में हिंसा
मथुरा में रखोली ग्राम पंचायत के नेहरा गांव में मतदान के दौरान दो प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों के गुटों के बीच गोली चली, जिसमें आठ लोग घायल हुए. पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इसकी वजह से मतदान कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ. वहीं मऊ के बड़राव ब्लाक के अमिला ग्राम सभा स्थित रकबा गांव के बूथ पर मतपत्रों को लेकर विवाद हुआ. अधिकारियों द्वारा इस बूथ पर पुनर्मतदान कराए जाने के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ.

अम्बेडकरनगर: पुलिस की पिटाई से दलित युवक की मौत का आरोप, परिजनों ने दी तहरीर

अम्बेडकरनगर में दलित युवक की मौत मामले में पत्नी उर्मिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

Ambedkar Nagar News: अम्बेडकर नगर में टांडा थाना की पुलिस पर एक दलित युवक की पिटाई से मौत का आरोप लगा है. युवक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने थाने के दलाल के माध्यम से 32 हजार रुपए भी लिए. उधर पुलिस ने आरोपों से इंकार कर युवक का चालान करने की बात कही है.

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अम्बेडकरनगर. उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर (Ambedkar Nagar) जिले में पुलिस कस्टडी में हुई जियाउद्दीन की मौत (Police Custody Death) का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि टांडा थाना क्षेत्र के कोंडरा गांव में भी एक दलित युवक की पुलिस की पिटाई से मौत का मामला सामने आया है. परिजनों ने पुलिस की पिटाई से हुई मौत का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दिया है.

टाण्डा थाना क्षेत्र के कोडरा गांव निवासी चन्दन पुत्र निरंजन के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे पुलिस ने 24 मार्च को उस समय उठा लिया, जब वह त्रिमुहानी बाजार में सब्जी खरीदने गया हुआ था. हिरासत में लिए जाने के बाद 26 मार्च को देर शाम छोड़ा गया. उसे बताया गया कि उसका 151 में चालान किया गया है. परिजनों का यह भी कहना है कि अभी तक उन्हें चालानी रिपोर्ट नहीं मिली है और उसे बाद में देने को कहा गया है.

पत्नी ने लगाए ये गंभीर आरोप

वहीं दूसरी तरफ चन्दन की पत्नी उर्मिला का आरोप है कि पुलिस ने थाने के दलाल अजय चौरसिया के माध्यम से उनसे ₹32000 भी ले लिए. उर्मिला का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसके पति को गंभीर चोटे आई थीं, जिसके कारण 28 मार्च की शाम उनकी हालत अचानक बिगड़ गई. अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी.

पुलिस का दावा: तेरहवीं का खाना खाने के बाद तबियत हुई थी खराब

ambedkarnagar police tweet
अम्बेडकर नगर पुलिस का ट्वीट


पुलिस ने पिटाई के आरोपों से किया इनकार

पत्नी ने बताया कि उसके पति ने आने के बाद बताया था कि उसको बहुत मारा-पीटा गया था. परिजनों ने इस मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है. फिलहाल आरोपो के बीच पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया है. हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किया है. पुलिस ने इस सम्बंध में ट्वीट पर अपनी सफाई देते हुए पिटाई के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि एक मुकदमे के सम्बंध में उसे लाया गया था. और उसी दिन उसका चालान कर दिया गया था.

अम्बेडकरनगर: पुलिस हिरासत में युवक की मौत, SWAT प्रभारी और सिपाहियों पर हत्या, अपहरण का मुकदमा

अम्बेडकर नगर में पुलिस कस्टडी में एक शख्स की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है.  (संकेतिक तस्वीर)

Ambedkar Nagar News: अम्बेडकर नगर में आजमगढ़ के जियाउद्दीन की पुलिस कस्टडी में मौत मामले में स्वाट प्रभारी और सिपाहियों के खिलाफ हत्या और अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई है. ये पहले से ही लाइन हाजिर किए जा चुके हैं.

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अंबेडकरनगर. उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में आजमगढ़ निवासी जियाउद्दीन पुत्र अलाउद्दीन की पुलिस कस्टडी में मौत (Death in Police Custody) के बाद हड़कंप मचा हुआ है. मामले में स्वाट टीम प्रभारी और उनके हमराही सिपाहियों पर हत्या (Murder) और अपहरण (Kidnapping) का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. शुक्रवार देर रात्रि जियाउद्दीन के भाई की तहरीर पर अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया.पुलिस पहले मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी. परिजनों ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेने से इनकार कर दिया था.

बता दें इससे पहले मामले में स्वाट टीम प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह और 7 सिपाही लाइन हाजिर किए जा चुके हैं. दरअसल स्वाट टीम आजमगढ़ जनपद से जियाउद्दीन को लेकर आई थी. आरोप है कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हो गई. पुलिस को जैतपुर थानाक्षेत्र में हुई एक लूट के सिलसिले में जियाउद्दीन पर शक था. इसी को लेकर स्वाट टीम ने उसे गुरुवार की रात उठाया था. बाद में उसे गंभीरावस्था में इसी रात 1.12 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया. कुछ ही देर बाद 1.45 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

7 सदस्यीय स्वाट टीम लाइन हाजिर की गई, अब एफआईआर

मामले में एसपी ने प्रभारी देवेंद्र सिंह और आरक्षी हरिकेश यादव समेत 7 सदस्यीय स्वाट टीम को लाइन हाजिर कर दिया था, वहीं अब इन पर हत्या और अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है. उधर मामले में मजिस्ट्रेट जांच गठित कर दी गई है. मामले में पुलिस का कहना है कि जियाउद्दीन से गाड़ी में पूछताछ के दौरान उसके सीने में दर्द होने लगा. इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.

तीन दिन से गायब था जियाउद्दीन

वहीं परिजन कुछ और कहानी बयां कर रहे हैं. उनका कहना है कि तीन दिन से वे जियाउद्दीन की तलाश कर रहे थे. गुरुवार रात एक अज्ञात नंबर से जियाउद्दीन की पत्नी के मोबाइल पर कॉल आई. कॉल करने वाले ने जियाउद्दीन को हार्डअटैक होने की सूचना दी. आजमगढ़ के पवई थाने से अंबेडकर नगर के जैतपुर थाने जाने के लिए कहा गया, फिर स्वाट टीम का पता मिला. इस बीच देर रात जियाउद्दीन के मौत की सूचना मिली.  उन्होंने कहा कि जियाउद्दीन की पुलिसवालों ने हत्या की है.

UP Panchayat Chunav: चौथे चरण में बुलंदशहर, सोनभद्र सहित 17 जिलों में 29 अप्रैल को वोटिंग, देखें पूरी लिस्ट

यूपी पंचायत चुनाव में चौथे चरण के लिए मतदान 29 अप्रैल को होगा  (सांकेतिक फोटो).

UP Panchayat Election: यूपी पंचायत चुनाव का ऐलान करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि चौथे और आखिरी चरण में मतदान 29 अप्रैल को होगा. इससे पहले 20 जिलों के प्रत्याशी 17 और 18 अप्रैल को नामांकन दाखिल करेंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 (UP Panchayat Election 2021) का ऐलान हो गया है. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) के अनुसार चार चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी. आयोग ने हर चरण के लिए पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों का चयन किया है. इस चुनाव के ऐलान के साथ ही यूपी में आचार संहिता लागू हो गई है. पहले चरण के तहत 15 अप्रैल को वोटिंग होगी. 19 को दूसरे, 26 को तीसरे और 29 अप्रैल को चौथे चरण के लिए वोटिंग होगी. 2 मई को पंचायत चुनाव का परिणाम आएगा.

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चौथे और आखिरी चरण में यूपी के 17 जिलों में 29 अप्रैल को मतदान होगा. इनमें बुलंदशहर, हापुड़, संभल, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मथुरा, फर्रुखाबाद, बांदा, कौशांबी, सीतापुर सहित पूर्वी यूपी के अंबेडकर नगर, बहराइच, बस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, सोनभद्र और मऊ जिले शामिल हैं.

यूपी पंचायत चुनाव चौथा चरण

नामांकन तिथि- 17 और 18 अप्रैल

नामांकन समीक्षा- 19-20 अप्रैल

नामांकन वापसी- 21 अप्रैल

प्रतीक आवंटन- 21 अप्रैल

मतदान- 29 अप्रैल

मतगणना- 2 मई



पंचायत चुनाव से जुड़ी महत्‍वपूर्ण तिथियां

4 चरणों में होगा पंचायत चुनाव
15 अप्रैल को पहले चरण का मतदान
19 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान
26 अप्रैल को तीसरे चरण का मतदान
29 अप्रैल को चौथे चरण का मतदान
2 मई को शुरू होगी मतगणना

3 अप्रैल से नामांकन प्रकिया

3 अप्रैल से शुरू होगी पहले चरण की नामांकन की प्रक्रिया

दूसरे चरण में 7 अप्रैल से 8 अप्रैल तक किया जा सकेगा नामांकन

तीसरे चरण में 13 अप्रैल से 15 अप्रैल तक होगा नामांकन

चौथे चरण में 17 अप्रैल से 18 अप्रैल तक होगा नामांकन

UP में हापुड़, बलिया सहित 7 जिलों में नए DM, 3 सीनियर IAS केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए इम्पैनल, देखें पूरी लिस्ट

यूपी सरकार के पोर्टल पर करीब 2 करोड़ 85 लाख शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.

Lucknow: उत्तर प्रदेश में 7 जिलों को नए डीएम मिल गए हैं, इनमें संभल, बलिया, एटा, जालौन, अंबेडकर नगर, हापुड़ और भदोही जिले शामिल हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने गुरुवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया. इसमें 7 जिलों में नए डीएम के साथ कई अफसर ट्रांसफर (IAS Transfer) किए. जिन जिलों में डीएम बदले गए हैं, उनमें संभल, बलिया, एटा, जालौन, अंबेडकर नगर, हापुड़ और भदोही जिले शामिल हैं. इनके अलावा संजय आर भूसरेड्डी सहित तीन सीनियर आईएएस अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए इम्पैनल हो गए हैं. जबकि आईपीएस अखिल कुमार और भानु भास्कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौट आए हैं.

संजीव रंजन होंगे संभल के डीएम

ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार विशेष सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन प्रियंका निरंजन का जालौन का डीएम बनाया गया है. वहीं गोरखपुर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे अनुज सिंह अब हापुड़ के डीएम होंगे. विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा आरिका अखौर भदोही की डीएम, जबकि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकारण के सीईओ संजीव रंजन संभल के डीएम होंगे. इनके अलावा ग्रटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारण के परियोजना प्रशासक सैमुअल पॉल एन को अंबेडकरनगर, जबकि हापुड़ की डीएम अदिति सिंह को बलिया का डीएम बनाय गया है. इनके अलावा अभी तक नई दिल्ली में तैनात अपर स्थानिक आयुक्त विभा चहल को एटा का डीएम बनाया गया है.

शशि प्रकाश गोयल, संजय भूसरेड्डी और देवेश चतुर्वेदी इम्पैनल

उधर मुख्यमंत्री योगी के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल, 1989 बैच के अधिकारी देवेश चतुर्वेदी और संजय आर भूसरेड्डी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए इम्पैनल हो गए हैं. देवेश चतुर्वेदी इस समय अपर मुख्य सचिव, कृषि और संजय भूसरेड्डी अपर मुख्य सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के पद पर तैनात हैं.

वहीं यूपी कैडी के आईपीएस अखिल कुमार और भानु भास्कर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौट आए हैं. एडीजी अखिल कुमार और एडीजी भानु भास्कर ने डीजीपी मुख्यायल में उपस्थिति दर्ज करा दी है.

ट्रांसफर लिस्ट

प्रियंका निरंजन (विशेष सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन)- डीएम, जालौन

अनुज सिंह (गोरखपुर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष)- डीएम, हापुड़

आरिका अखौर (विशेष सचिव माध्यमिक, शिक्षा)- डीएम, भदोही

संजीव रंजन ( सीईओ, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकारण)- डीएम, संभल

सैमुअल पॉल एन (परियोजना प्रशासक, ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारण)- डीएम अंबेडकर नगर

अदिति सिंह (डीएम, हापुड़)- डीएम, बलिया

विभा चहल (अपर स्थानिक आयुक्त, नई दिल्ली)- डीएम एटा.

इनपुट: अजीत सिंह

UP Weather Update: उत्‍तर प्रदेश के 17 जिलों में बारिश के आसार, शनिवार से पूरे प्रदेश में खुल सकता है मौसम

उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में आज दिन भर बारिश की संभावना जताई गई है.

UP Weather Update: मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, सीतापुर, कानपुर, लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और बाराबंकी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को पूर्वी पूर्वांचल के ज्यादातर जिलों में बारिश (Rainfall) होने की संभावना जताई गई है. वैसे तो रात से ही मध्य और पूर्वी यूपी के कई जिलों में बारिश जारी है, लेकिन दिन में भी कई जगहों पर छिटपुट बारिश हो सकती है. राजधानी लखनऊ में रात 12 बजे के बाद से अचानक मौसम बदल गया. तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला चलता रहा.

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर तक प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. ये जिले हैं- सीतापुर, कानपुर, लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और बाराबंकी. यहां दोपहर तक बारिश का अनुमान लगाया गया है. बारिश हल्की से मध्यम होने की संभावना है. बहुत संभव है कि बीच-बीच में धूप भी निकल जाए.

शनिवार से मौसम खुलेगा
मौसम विभाग के अभी तक के अनुमान के मुताबिक मौसम के बदले मिजाज में 6 फरवरी को फिर चेंज देखने को मिल सकता है. शनिवार से प्रदेश के सभी इलाकों में मौसम खुल जाएगा. पश्चिमी यूपी में गुरुवार को बारिश रही, लेकिन अब पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में मौसम खुल गया है. यह जरूर है कि पिछले तीन-चार दिनों से हो रही तेज धूप से दिन और रात के तापमान में अच्छा उछाल आ गया था, अब तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिलेगी.

कुछ जगहों पर फिर से कोहरे की स्थिति पैदा हो सकती है. हालांकि, दिन में धूप निकलने से राहत जारी रहेगी. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री के आसपास और रात का तापमान 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा.

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए ओवैसी ने बदला प्लान, जानिए AIMIM की टार्गेट सीटें?

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर मुस्लिम पक्षकारों ने नाराजगी जताई है. (फाइल फोटो)

AIMIM को यूपी में भी एक पॉलिटिकल फोर्स के तौर पर देखा जाने लगा है. कारण ये है कि 2017 के चुनाव में AIMIM को प्रदेश की बहुत पुरानी पार्टी राष्ट्रीय लोक दल के बराबर वोट मिले थे. 38 में से 13 सीटों पर AIMIM भाजपा, सपा और बसपा के बाद चौथी पोजिशन पर थी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सियासी समर में भाजपा (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बाद यदि किसी पार्टी की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है तो वो हैं असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) की. लेकिन क्यों? इस पार्टी में ऐसा क्या है, जिससे राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे उफान पर आ रहा है. आइए विस्तार से नजर डालते हैं...

2017 विधानसभा चुनाव में दर्ज कराई उपस्थिति


2017 के यूपी विधानसभा के चुनाव में उतरी कुल 323 पार्टियों में से एक AIMIM भी थी. उसके 38 उम्मीदवारों में से 37 की चुनाव में जमानत जब्त हो गई थी. फिर भी AIMIM धीरे-धीरे यूपी में अपनी पहचान बनाती जा रही है. यूपी में भी उसे एक पॉलिटिकल फोर्स के तौर पर देखा जाने लगा है. कारण ये है कि 2017 के चुनाव में AIMIM को प्रदेश की बहुत पुरानी पार्टी राष्ट्रीय लोक दल के बराबर वोट मिले थे. 38 में से 13 सीटों पर AIMIM भाजपा, सपा और बसपा के बाद चौथी पोजिशन पर थी. इसलिए भी, क्योंकि संभल में उसने सेकेण्ड पोल किया था. और इसलिए भी, क्योंकि फिरोजाबाद मेयर के चुनाव में वह सपा को पीछे छोड़ बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर रही थी.

सपा को किया परेशान


आंकड़े बताते हैं कि 2017 में ही AIMIM की वजह से सपा को मुरादाबाद की कांठ सीट गंवानी पड़ी थी. उस चुनाव में इसे कुछ और वोट मिले होते तो सपा कई और सीटें गंवा सकती थी. ओवैसी के जोर की चर्चा इसलिए भी ज्यादा हो रही है कि क्योंकि जिस वोट बैंक पर वो सवारी करना चाहते हैं उस पर सवार होकर समाजवादी पार्टी कई बार सत्ता में आ चुकी है.

बिहार में सफलता से हौसलों को उड़ान


AIMIM चर्चा में इसलिए है क्योंकि 2022 के हालात 2017 से जुदा होंगे. CAA-NRC और लव जेहाद कानून के बाद यूपी का ये पहला इलेक्शन होगा. अखिलेश यादव पर दूसरी पार्टियां ये आरोप लगाती रही हैं कि उन्होंने मुस्लिम तबके के वोट तो लिये लेकिन, CAA-NRC के खिलाफ चुप्पी साधे रहे. ऐसे में मुस्लिम समाज किसी और नेतृत्व की तरफ देख सकता है. ओवैसी इसी खालीपन को भरना चाहते हैं. बिहार के चुनाव में सीमांचल की 5 सीटों पर उन्हें मिली जीत इसका ताजा उदाहरण है. वहां ओवैसी का काडर CAA-NRC के मुद्दे पर आंदोलनकारियों के साथ लड़ता रहा.

इस सफलता से ओवैसी के हौसले आसमान छू रहे हैं लेकिन, उन्हें लगता है कि यूपी में उड़ान भरने के लिए रणनीतिक बदलाव जरूरी होगा. ये बदलाव किया जा चुका है. ओवैसी ने 2017 के मुकाबले 2022 की रणनीति बदल दी है. आईये जानते हैं कैसे?

पूर्वांचल नया टार्गेट


2017 में AIMIM ने यूपी की 403 में से 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इनमें पश्चिमी यूपी, अवध और तराई बेल्ट की सीटें शामिल थीं. पश्चिमी यूपी की कुछ सीटों पर तो उसे अच्छा वोट मिला था लेकिन, बाकी जगहों पर मामला उत्साहजनक नहीं रहा. पूर्वांचल की एक भी सीट ओवैसी ने नहीं लड़ी थी. ओवैसी ने गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर और वाराणसी में एक भी कैण्डिडेट नहीं उतारा. लेकिन इस बार असदुद्दीन ओवैसी ने अब पूर्वांचल पर फोकस बढ़ा दिया है. उनका हाल का दौरा पूर्वांचल का ही हुआ. हालांकि वे जानते हैं कि बिना किसी सहारे के चुनावी वैतरणी पार नहीं की जा सकती. इसीलिए उन्होंने अभी से संगी-साथी खोजने शुरू कर दिये हैं.

इन 9 जिलों पर नजर


पूर्वांचल पर उनका फोकस यूं ही नहीं है. प्रदेश का यही वो इलाका है, जहां भाजपा 2017 में कमजोर दिखी थी. सपा और बसपा का बोलबाला था. आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, संतकबीरनगर, चंदौली, अम्बेडकरनगर और प्रतापगढ़ वे जिले हैं, जहां ओवैसी को पनपने की ज्यादा संभावना दिखाई दे रही है. इसीलिए ओवैसी इन इलाकों में सक्रिय छोटे दलों से गठजोड़ करते दिखाई दे रहे हैं.

हमारी लड़ाई भाजपा के कुशासन से: उदयवीर  सिंह


इस मुद्दे पर सपा के विधायक और अखिलेश यादव के करीबी उदयवीर सिंह कहते हैं कि सभी को लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का हक है, ओवैसी भी लड़ें. लेकिन, हमारी लड़ाई सत्ताधारी भाजपा के कुशासन से है और किसी से नहीं. दूसरी तरफ AIMIM के प्रवक्ता असीम वकार ने कहा कि हमारे निशाने पर यूपी की विधानसभा है. हमेशा से विपक्ष की लड़ाई सत्ता पक्ष से होती है और ऐसे में हमारी लड़ाई भी भाजपा से ही है.

अब देखना ये दिलचस्प होगा कि भाजपा के साथ लड़ाई में कौन आगे निकलता है. हालांकि यूपी में राजनीतिक हैसियत के तराजू में AIMIM को सपा के साथ तौला नहीं जा सकता लेकिन, माहौल दिलचस्प बन रहा है.

यूपी अब बेटियों के लिए बना कब्रगाह, योगी सरकार पर नहीं भरोसा: AAP सांसद संजय सिंह

आप सांसद संजय सिंह ने पार्टी की टोपी और पटका पहनाकर संदीप शुक्ला का पार्टी में शामिल किया. (फाइल फोटो)

आप (AAP) सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव में प्रदेश की सभी सीटों चुनाव लड़ेगी.

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अम्बेडकरनगर. आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा. मंगलवार को यूपी के अम्बेडकरनगर पहुंचे संजय सिंह ने कहा कि यूपी अब बेटियों के लिए कब्रगाह बन गया है. क्योंकि योगी सरकार पर अब बेटियों को भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को मिशन शक्ति के नाम पर फोटो चमकाने के बजाय बेटियों को सुरक्षा देनी चाहिए. आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव में प्रदेश की सभी सीटों चुनाव लड़ेगी. संजय सिंह पार्टी के कार्यक्रम में शिरकत करने अम्बेडकरनगर पहुंचे थे.

उन्होंने कहा था कि कुछ दिनों में जो घटनाएं देखने को मिलीं, वह दिल दहला देने वाली है. आत्मा को झकझोर देने वाली हैं. प्रदेश में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार हो रहा है. उनकी हत्याएं हो रही हैं. हाथरस, बलिया, आजमगढ़, बलरामपुर समेत प्रदेश के कई जनपदों में घटनाएं घटी हैं और घटनाओं के बाद राज्य सरकार की जो भूमिका रही है वह शर्मनाक है.

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इससे पहले सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताया है. उन्होंने कहा है कि उनके कार्यकाल में पिछले तीन सालों के दौरान 500 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या की गई है. संजय सिंह ने दावा किया कि 20 ब्राह्मणों को तो फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया गया है. उन्होंने कहा कि गत दिवस ही पप्पू वाजपेयी को पुलिस ने गोलियों से भून दिया और उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण चीख-चीख कर पूछ रहे हैं कि योगी जी हमारा कसूर क्या है.

3 वर्षों में 500 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या

आम आदमी पार्टी के सांसद और वरिष्‍ठ नेता संजय सिंह पिछले 3 वर्षों में 500 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या की गई है और 20 ब्राह्मण फर्जी मुठभेड़ में मारे गये हैं. सिंह ने कहा कि इस स्थिति पर भाजपा के 58 ब्राह्मण विधायकों की खामोशी समझ नहीं आ रही है. उन्होंने कहा कि कहीं भी एक जाति की सरकार नहीं चल सकती है. संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री एक जाति का नहीं, बल्कि जनता का होना चाहिए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्‍त आदेश- कोई भी बिना मास्‍क लगाए बाहर दिखे तो पुलिस करे कार्रवाई

(सांकेतिक तस्वीर)

COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा है कि कोई भी नागरिक घर के बाहर बिना मास्क का नहीं दिखाई देना चाहिए. यदि कोई मास्क नहीं पहनता है तो वह पूरे समाज के प्रति अपराध करेगा.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (COVID-19 Infection) के मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सख्त रुख अपना लिया है. हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कोई भी शख्‍स घर से बाहर बिना मास्क (Mask) लगाए न दिखे. अगर कोई बिना मास्‍क लगाए दिखता है तो पुलिस कार्रवाई करे. बता दें कि यूपी में क्‍वारंटीन सेंटर्स की बदहाली और कोविड अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधा को लेकर पीआईएल पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है.

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा कि कोई भी नागरिक घर के बाहर बिना मास्क का नहीं दिखाई देना चाहिए. यदि कोई मास्क नहीं पहनता है तो वह पूरे समाज के प्रति अपराध करेगा.

होम आइसोलेशन के मरीजों को मिले चिकित्सा सुविधाएं
कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के हर थाने में गठित पुलिस टास्क फोर्स बिना मास्क लगाये घूमने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करे. साथ ही कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को भी चिकित्सा सुविधाएं मिले. कोर्ट ने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों के एक्स-रे और सीटी स्कैन के लिए हर जिले में एक अलग अस्पताल की व्यवस्था हो.

कोविड मरीजों का सहानुभूति से इलाज करें डॉक्टर
इसके अलावा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रदेश में ठेले खोमचे वालों को वेन्डिंग जोन में आवंटन करें. कोर्ट ने कहा अतिक्रमण दुबारा हुआ तो पुलिस जिम्मेदार होगी. कोर्ट ने कहा कि डाक्टर कोविड मरीजों का सहानुभूति के साथ इलाज करें. इस संबंध में हाईकोर्ट ने कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है. 28 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई नियत की गई है.

भोजपुरी में पढ़ें: बाराती लोगन से पहिले शास्त्रार्थ होत रहल ह

समय- समय के फेर बा, अब हर चीज खातिर पइसा लागी.

दुनिया भर में शादी बियाह के मौका पर नाच - गाना त होवे करेला, लेकिन भोजपुरी समाज में शादी के मौका पर एगो अलगे रिवाज है. इहां शादी के मौका पर बाकायदा शास्त्रार्थ होला. यही परंपरा के याद करत हवें लेखक

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जु के नवका पीढ़ी के मालूम नइखे. आजु से चालीस साल पहिले भोजपुरिया समाज में जब शादी होखे त बाराती में अइसन लोग जासु जे शास्त्रार्थ क सके. शास्त्रार्थ माने? पहिले जब बारात केहू किहां जाउ त द्वारपूजा का बाद, बारात ठहरे वाला जगह पर दुलहिन पक्ष के लोग आवसु आ दूल्हा पक्ष के लोगन से साहित्य, धर्मशास्त्र आदि विषय पर प्रश्न पूछसु (एकरे के शास्त्रार्थ कहाउ). एसे कि तनी देखीं त दूलहा पक्ष के लोग पढ़ल- लिखल आ विचारक बा लोग कि ना. ई बहुत पुरान परंपरा रहे. हमहूं कई गो बारात में शास्त्रार्थ कइले बानी. अचानके ई परंपरा गायब हो गइल. आ ओकर जगह जयमाल/ बरमाल ले लिहलस. जयमाल के परंपरा खर्चा बढ़ावे वाला बनि गइल. शास्त्रार्थ ठीक रहल ह. ओमें ज्ञान- विज्ञान के बात होखत रहल ह. अचानक ई परंपरा लुप्त एसे हो गइल कि लोगन के पढ़ाई आ ज्ञान वाला प्रसंग अच्छा ना लागल. तड़क- भड़क अच्छा लागल, एही से जयमाल के परंपरा शुरू भइल.

त परंपरा नया शुरू भइला में देरी ना लागेला. देखा- देखी में कौनो परंपरा स्थापित हो जाले. अब त जयमाल ना होखे तो सिकाइत होखे लागी. लोग कहे लगिहें- अरे जयमाल ना भइल ह? ई काहें? त ई हाल बा. अब सुंदर लय में गारी गावे वाली मेहरारुरुओ नइखी सन. ना त पहिले- “अगुआ के बहिनी छिनार, कइली चारि गो भतार” आ “बात बंद करो साले, सुनो अब गारी”, “देखला में भसुरा भंटा, एकदमे नाटे बा”, “रोल गोल्ड गहना ले अइल, ए भसुरा ई का तू कइल”, “हाथी, हाथी सोर कइल, गदहो ना लेअइल हो”, जइसन गारी अब नइखे सुनात. जेकरा के गारी दिहल जात रहल ह, ऊहो खुस होके सुनत रहल ह. बल्कि ऊ इंतजार करत रहल ह कि गारी गीत सुने के मिलो. अब त कौनो- कौनो गांव में भले कहीं- कहीं एकर झलक भले मिल जाता. बाकिर अब पुरनका जमाना के गारी लुप्त हो रहल बा. अइसना गारी के लोग बड़ाई करी. जे गावता ऊहो खुस, आ जेकरा के गारी दियाता, ऊहो खुस. अब त गारी के जगह पर कान फारे वाला संगीत आ गइल बा.

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एगो अउरी बात बा. पहिले बारात में धोती- कुर्ता आ पैंट- शर्ट दूनो तरह के पोसाक लउकत रहल ह. अब धोती- कुर्ता कहीं लउकते नइखे. सब पैंट- शर्ट में रहता. ई कौनो सिकाइत के बात नइखे, बदलाव के निसानी बा. पहिले गांव में घरे- घरे गाय पोसात रहली ह स. दूध- दही के कौनो कमी ना रहत रहल ह. बाकिर अब सानी- पानी के दुखे, केहू गाय नइखे राखत, कीनिए के मंगावता. आ हम त महानगर में रहतानी, एहिजा “अमूल” के आधा किलो पैकेट वाला दूध खूब मिलता. ओही से काम चलेला. टोंड दूध, माने अइसन दूध, जवना के मलाई निकालि के पैकेट में भरि दिहल जाला. हमनी के टोंड दूध किनेनी जा. त अब दूध कइसन बा ई रउवां नइखी जानत. बस कंपनी बढ़िया बिया, त दूध ठीके होई, मानि के चले के बा. महानगर में सबकरा खातिर गाय पालल भी संभव नइखे. जे तीन कमरा, भा दू कमरा के फ्लैट में रहता, ऊ खुद रही कि गाय के राखी. आ एहिजा लेहना (चारा) कहां से मिली, ईहो समस्या बा. आफिस में काम करे वाला आदमी आफिस आ घर के कामे में अझुराइल रहता त गाय कहां से पाली, खरी- खुदी कहां से ले आई. त ई कुलि देखि के पैकेट के दूध कीनल ढेर बढ़िया बा.

जब बारात के बात चलल त एगो किस्सा मन परि गइल. हमरा जिला में एक जना बाबू साहेब रहले. नांव रहे खखोरन सिंह. अब ई मत पूछीं कि खखोरन कौन नांव ह. किस्सा ई बा कि ऊ कौनो बरात में जासु त 50 गो पूड़ी के पहिले उनकर पेट ना भरे. पूरा खखोरि के खासु. त नांवे परि गइल खखोरन सिंह. उनुकर असली नांव लोग भुला गइल. इहे नांव प्रसिद्ध हो गइल. त एक बेर हमरो गांवे बरात में खखोरन सिंह अइले. पहिलहीं से हल्ला हो गइल कि खखोरन सिंह आवतारे. जेकरा घरे बरात आवत रहे ऊ खियावे के सौकीन आदमी रहले. भगवान उनुका के धन- दौलत भी देले रहले. तय भइल कि खखोरन सिंह के अलग कमरा में बइठा के पसन से खियावल जाई. बारात आइल. खखोरन सिंह तय समय पर खाये बइठले. पहिले उनुका पत्तल पर दू गो पूड़ी रखाइल तो ऊ हंसे लगले. खियावे वाला हाथ जोरि के पुछले कि कौनो गलती भइल होखे त माफ करीं. खखोरन सिंह कहले कि गलती नइखे भइल. रउवां हमरा बगल में एगो स्टूल पर पचास गो पूड़ी राखि दीं, एगो बड़का पत्तल में तरकारी, हर तरकारी खातिर अलग पत्तल. अंत में दही- बुंदिया देब. दही एक जग, आ बुंदिया एक किलो राखीं.

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ऊहे भइल. अब लोगन के उत्सुकता कि खखोरन सिंह खात कइसे बाड़े. सब देखल कि उनुकर एक कौर आधा पूड़ी के बराबर होता. हमरा जिला में हाथी के कान नियर बड़े- बड़े पूड़ी बनेली सन. त आधा कौर के अंदाज लगा लीं. सब खड़े रहे आ एक घंटा में सब पूड़ी- सब्जी खाइ के अब दही- बुंदिया पर टूटि परले. खाना से तृप्त होके जब उठि के डकार लिहले तो लोगन के खुशी भइल. चले के बेर खखोरन सिंह कहले कि शादी- बियाह में हम तनि कम खानी. ई हमार सिद्धांत ह. दुलहिन के चाचा हाथ जोड़ि के कहले कि कवनो कमी रहि गइल होखे त माफ करब. त खखोरन सिंह हंसि के कहले- एतना स्वादिष्ट खाना रहल ह कि मन खुस हो गइल. लेकिन उनुकरा एह बाति से लोग चकित हो गइल कि ऊ शादी- बियाह में कम खाले. जब कम खइला पर ई हाल. त भर पेट कतना खात होइहें. लोग चकित भइल तो होखो, खखोरन सिंह दुआर पर पान लेके बइठे वाला से पान लगववले आ मुंह में डालि के आनंद से बारात ठहरे वाली जगह पर चलि गइले.

बाकिर उनुकर पराक्रम के किस्सा भी बा. एक हाली उनुका गांव के एगो घर में चोर ढुकले सन. घर के लोग जागि गइल. चुपके से एगो घर के आदमी खखोरन सिंह के खबर कइलसि. बस खखोरन सिंह लहेटि के चोरन के ध लिहलन. दूनों हाथ से दू गो चोरन के ध  लिहले तो चोर कतनो हात छोड़ाव सन, खखोरन सिंह के हाथ लोहा नियर मजबूत रहे. चोरन के एगो खंभा में बान्हि के सबेरे के इंतजार भइल. पुलिस के बोलावल गइल आ चोर लोगन के सौंपि दिहल गइल. कतहीं शारीरिक शक्ति के जरूरत बा त खखोरन सिंह असंभव के संभव बना देत रहलन ह. अब ओइन लोग ना खाए वाला बा, ना शक्तिशाली बा. पहिले गांव में अखाड़ा रहत रहल ह. अब त गांव से अखाड़ा आ पहलवानी लुप्त हो गइल बा. छोटे- छोटे शहर में जिम खुलि गइल बा. रुपया जमा करीं आ मशीन पर व्यायाम करीं. फ्री के गांव के अखाड़ा आ कुश्ती- व्यायाम सिखावेवाला अब ना मिली केहू. पहिले के जमाना गइल. अब हर चीज खातिर पइसा लागी. समय- समय के फेर बा. हमनी के मानहीं के परी.

भोजपुरी में पढ़ें: देवार क संत देवरहवा बाबा

एगो जानकारी इहो बा कि जार्ज पंचम भारत क साधु संतन क समझे क खातिर 1911 म यहा आकर बाबा से  मुलाकात कईलन.

देवरहवा बाबा हिंदी पट्टी में बहुत पूज्य रहनी हां. बारहो महीने बिना कउनो कपड़ा मचान पर रहे वाला बाबा के दरशन करे वाला लोगन में बाबू राजेदर परसाद से लेकर मदन मोहन मालवीय. लाल बहादुर शास्त्री. इंदिरा गांधी सब रहल हा. लेखक बाबा के सादा जीवन के याद करत बाने.

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  • LAST UPDATED : September 15, 2020, 12:15 IST
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लेखक: चंद्र प्रकाश सिंह

ईकाई गाँव म गुजरल. देवरिया जिले क मईल नामक जगह वही पासे में आपन गाँव देवसिया. गाँव से सटल घाघरा नदी बहत रहल. जिनकर एगो दूसर नाम सरयू हउए. नदियन क लागल जगह देवार के नाम से जानल जाला. ई जगह साल के आधा त पानी म डूबल रहल. यही छोटे पर एगो संत देखनी. देवार में रहले के कारण लोग उनका के देवरहवा बाबा के नाम से जानत रहलस. बहुते सादा जीवन. पूरे देह पर खाली एगो मृगछाला. खाये क फल. दूध बस.घासफूस के झोपड़ी उचे मचान पर. बाबा राम और किशन दोनो लोगन क उपासक रहनी. उ दुनो क एके मानत रहनी उ कहत रहनी.

"एक लकड़ी हृदय को मानो दूसर राम नाम पहिचानो
राम नाम नित उर पर पे मारो ब्रह्म दिखे संशय न जानो।"

उनकर कृष्णमन्त्र बहुते प्रसिद्ध रहल जेकराके उ आपन सब भक्तन क देत रहन.

"ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने
प्रणतः क्लेशनाशाय . गोविन्दाय नमो नमः."

उ सभन के जीवन म ईमानदारी भगवान के भक्ति क जानकारी देत रहन. उनकाके खेचरी मुद्रा क सिध्दि रहल जौने से उनका अपने भूख प्यास और आयु पर अधिकार रहल. उनके पास कौनो गाड़ी घोड़ा नाही. आशीर्वाद देले क अलग ढंग कोउ भी रहे आपन पैर मचान से लटका देत रहन और लोगबाग ओकरा के अपने माथ से सटा लेत रहनल. बाबू राजेन्द्र प्रसाद. जवाहरलाल नेहरू. लालबहादुए शास्त्री. इंदिरा गांधी. मदन मोहन मालवीय. पुरुषोत्तमदास टंडन जी. सब बड़का नेता वहा आवत रहन लेकिन कौनो पद क लालसा नाही. कौनो जेड प्लस नाही. कौनो हुड़दंगई नाही. सबकर विषय मे सोचत रहन.

बाबू राजेन्द्र प्रसाद क गाँव उहा से कुछ ही दूरी पड़ बिहार क जीरादेई म था. उ उनकर दर्शन करत रहन. उ बाबा क विषय मे लिखने हउन की उ उनके हमेशा ऐके जइसन देखले हउअन. उ त उनकर उमर सैकड़न बरस बतावले हउअन. कही सैकड़न बरस आजकल क संत जी जइतन त का होई. कई पीढ़ी क लोग त ताकते रह जाइतन. प्रयाग हाईकोर्ट के एगो वकील साहब ई बतावत रहन की उनकर सात पीढ़ीयन क लोग बाबा क आशीर्वाद लेत रहनस. एतना नेता मिलन केहू के साथ उनकर फ़ोटो नाही. कौनो एगो पार्टी क बात नाही. सबकर भला चाहे क विचार. बाबू राजेन्द्र प्रसाद जब लड़िकाई में अपना माई क साथ से बाबा से मिलनह बाबा बताईन ई लईका बड़वन होकर ऊँच कुरसी पर बइठि.

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राष्ट्रपति बनला के बाद राजेन्द्र बाबू एगो पाती लिखाकर उनकरा क धन्यवाद करनह. बाबा अष्टांग योग म माहिर रहनी ह. लेकिन कौनो प्रचार प्रसार और ब्रांड नाही. कई सौ करोड़ क मालिक नाही. कौनो नात रिश्तेदार नाही जेके आश्रम क मालिक बनाकर दे गईल होखे. 1977 क चुनाव हरले क बाद इंदिरा जी बाबा से मिले की खातिर आईल रहली. बाबा आशीर्वाद देलन और हाथ के पंजा देखइलन. कहल जाला की वही के बाद ई कांग्रेस क निशान बनल. आज त ई सिम्बल की खातिर मुकदमा हो जाइत. बाबा भक्तन के प्रसाद हाथ घुमा लावत रहन. भक्तन के चकचोनी आवत रहल. जैसे आजकल चुनाव म ई वी एम क वोट देख कर होला.

कहल जाला की उ पनिवो पर चलत रहन. मन क बात जान लेत रहन. कही आवे जावे की खातिर कौनो वाहन नाही प्रयोग कईलन. जइसे नेता  जी लोग कौनो पार्टी म भोर से रात म आवत जात रहत बानी. और कहल बानी की ई त लोगन क मन रहल ह. मईल में बाबा साल क 8 महीना गुजारत रहन. बाकी समय अलग अलग जगहन पर साधना करत रहन. कब्बो उ कौनो चमत्कार क दावा नाही कईनन. चाहे गरीबन क धनी बनावेके होखे. चाहे स्मार्ट सिटी बनावेके होखे. चाहे कौनो नालायक क लायक पद पर बैठावेके होखे. कहल त इहो जाला की उ एक साथ दू जगह पर रहत रहन. जईसे नेता लोग कई ठो दल में रहत बान.

जौने समय बाबा ई जगह पर अइले न ई जगह बहुत पिछड़ल रहल लेकिन उनकर केहू से कौनो शिकायत नाही. जीवन कठिन रहल. जंगली जन्तु आपराधिक लोग भी रहल लेकिन उ यहा रहकर आपन काम करत रहनअ.  उनकर आश्रम क लग्गे बबूल का बहुत पेड़ रहनल लेकिन कौनो पेड़ म काटा नाही. उ बबुल भी शरीफ हो गईल. लोग कब आपन स्वभाव सुधारी. मथुरा म 1987 जून क महीना बाबा उहा दर्शन देत रहन. उस समय उहा राजीव गांधी आवेके रहन उ वो समय प्रधानमंत्री रहन. अफसर लोग वहा हेलीपैड बनावे के खातिर एगो बबूल क पेड़ काटे के कहन. बाबा अफसर के बुलाके पुछन्ह पेड़ काहे काटे के बा अफसर बतइलस ई हेलीकाप्टर क उतरे के खतिर जरूरी बा ये पर बाबा कहन तू लोग प्रधानमंत्री क लाइब लेकिन वोकर नुकसान त पेड़ उठाई उ पेड़ हमार साथी ह उ हमसे पूछी त हम का जबाब देइम. नाही ई पेड़ नाही कटी. अफसर बहुत ही परेशान हों गए त बाबा कहलन घबरा लोगन मत प्रधानमंत्री नाही आईहन और उहे भईल.

भोजपुरी में पढ़ें: कुंवर सिंह के कहानी बहुते तूफानी 

कहल जाला की उ सब कुछ याद रखत रहन कई साल पुराना लोग उनकर के याद रहत रहल. नेतावन जइसन ना कि चुनाव बाद भूल गइलन. एगो जानकारी इहो बा कि जार्ज पंचम भारत क साधु संतन क समझे क खातिर 1911 म यहा आकर बाबा से  मुलाकात कईलन. कहल जाला की आपन देह त्यागले क बात उ पांच साल पहले ही बता देले रहनल. एक हफ्ते पहले से उ लोगन क दर्शन दिहल बंद कर देन. 19 जून 1990 मंगलवार को मथुरा में उ आपन शरीर छोड़ देन. इनकर समाधि स्थल वृन्दावन म यमुना नदी के वो पार तट पर बनल बा. कहल जाला कि इनकर दर्शन से जीवन बन जाला. अइसन दिव्य आत्मा के नमन.

भोजपुरी में पढ़ें: बिग बास में आम्रपाली दुबे के हालि निरहुआ आ खेसारी जइसन ना होखे के चाहीं

बिग बास जइसन रियल्टी सो में पहुंचाला के बाद भोजपुरी स्टार लोग गाबाड़ा जाता.

भोजपुरी से हर छेत्र में बड़ बड़ लोग निकल हा. कलाकारन के भी कमी नइखे, लेकिन बिग बॉस जइसन शो में काहें भोजपुरी कलाकारन के परफार्मेस बहुत अच्छा नइखे होत. अगर आम्रपाली दुबे एमे जात हई त उनके एकर खयाल राखे के होई... 

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जे बा कि सामाचार आइल बा कि आम्रपाली दुबे के बिग बास 14 के नेवता मिलल बा. बिग बास 14 बानावेवालन के तरफ से भोजपुरी एक्टर आम्रपाली दुबे से बातचीत के कोसिस हो रहल बा. स्पॉटबॉय वेबसाइट बातावले बिया कि आम्रपाली दुबे भोजपुरी फिलिमी दुनिया के जानल मानल एक्टर हई आ एहि से बिग बास वालन के नजर आम्रपाली दुबे के चाहे वालन पर बा.

अभी ले ना त आम्रपाली दुबे नेवता मिलला के बारे में बतवले बाड़ी आ नाहिंये बिग बास वाले कुछ कहले बाड़े स. अभी त ईहो नइखे पाता चलल कि आम्रपाली दुबे बिग बास रिअल्टी सो में जाये खारित हं कहले बाड़ी कि ना. बाकिर जावना हिसाब से आम्रपाली आपाना के सलमान खान के फैन बातावेली, लागत त ईहे बा कि नेवता मिलते दउरल पहुंचि जइहें. बातावल जाला कि आम्रपाली दुबे कहेली कि ऊ सलमान खान के एतना बड़ फैन हई कि उनुका से बिआह तक करे के तेयार रहली.

वइसे ई कवनों पहिल बार नइखे कि भोजपुरी फिलिमी दुनिया से केहू के बिग बास के घरे बोलावल जाता. ए से पहिले कइगो बाड़का बाड़का लोग बिग बास के घरे हो आइल बा, लेकिन अभी ले केहू ऊंहा देर तकटीकि नइखे पावल.

भोजपुरी स्पेशल- गायक बन गइले नायक, भोजपुरी सिनेमा अपना समाजे से कटि गइल

कहे के त स्वेता तिवारी बिग बास के विनर तक भईल बाड़ी आ रस्मि देसाइओ ढेर दिन तक बिग बास के घर में रहल बाड़ी, बाकिर अइसन तब भइल बा जब ई दूनो लोग हिंदी के दुनिया में अपना गोड़ जामा ले ले बा. ए दूनों में से केहु के भोजपुरी के पहचान के चलते ऊंहा सोहरत नइखे मिलल. कवनो जामाना में स्वेता तिवारी आ रस्मी देसाई भोजपुरी फिलिम में खूबे काम आ नाम कइले रहली लोग, बाकिर जब बिग बास पहुंचली त ओ लोग पर से खांटी भोजपुरी कालाकार के ठाप्पा मिचकरि गइल रहे.

स्वेता तिवारी के साथे बिग बास सीजन 4 के घर में ग्रेट खली आ भोजपुरी गायक आ एक्टर मनोज तिवारी भी गइल रहले. बाकिर जब चारचा होखे त मनोज तिवारी के बारे में कम आ डाली बिंद्रा के संगे उनुकर झागड़ा के ढेर होखे. मनोज तिवारी बिग बास 4 के घर में पहलिके दिन घुसले आ 62 दिन तक जमल रहले. बिग बास सीजन चारि जीतली स्वेता तिवारी आ खली रनर अप कहइले. ऊ पहिल मोका रहे जब सलमान खान बिग बास के होस्ट बनले आ तबे से आजु ले ऊहे होस्ट करत आवतारे.

अभी ले 'बस जिनिगी झंड बा, फिर भी घमंड बा' वाले रवि किसने एगो बाड़े जे बिग बास में 'सेकंड रनर अप' तक पहुंचि पावेवाला काहाले. रवि किसन बिग बास के पहलिके सीजन में ओकरा घरे गइल रहले. ए घरि त रवि किसन गोरखपुर से एमपी हो गइल बाड़े. मनोजो तिवारी अब दोसारका बेरि दिली से एमपी के चुनाव जीतले बाड़े.

बिग बास 2 में भोजपुरी स्टार संभावना सेठ खूबे ऊधम मचवले रहली. हारल जीतल आपाना जगहि होला, बाकिर संभावना सेठ के हांगामा से एतना पारचार मिलल कि बिग बास के घर से बाहारा अइला के बाद खूबे नाम भइल आ खूबे कामो मिले लागल. समझल जाला कि बिग बास के घर संभावना सेठ के जिनिगी बहुते नीमन बाना देलेसि.

भोजपुरी में पढ़िए – अस्लील दुअर्थी के साथ उन्मादी गीत-कविता से भी निबटे के पड़ी

संभवने सेठ लेखा निरहुओ के बिग बास के घरे गइला के फाएदा मिल रहे. निरहुआ जेकर नाव दिनेस लाल यादव हवे बिग बास के सीजन 6 में ऊंहा गइल रहले. बिग बास के चलते निरहुआ के भी खूबे पहचान मिलल आ ढेर लोग जाने लागल. बिग बास के घर में राहला के समे लो के उनकर सादगी खूबे नीमन लागल रहे.

ए रियल्टी सो से बाकि कालाकारन के जवन मिलल ऊ त मिलबे कइल, मोनालिसा खातिर सबसे आछा बात ई भइल कि ऊ बिग बास के घरे जाके आपन घर बासा ले ली. मोनालिसा बिग बास के सीजन 10 में घर के भीतर गइल रहली आ उहवें आपाना बॉयफ्रेंड से सादी कई ले ली.

अभी बिग बास के 13वां सीजन में भोजपुरी एक्टर खेसारी लाल यादव के बोलावल गइल रहे, लेकिन जलदिये उनुका के बेघर कई दीहल गइल. खेसारी लाल यादव के यूपी, बिहार आ झारखंड के चाहे वालन के तरफ से त खूबे सपोट मिलत रहे, लेकिन घर के भीतरवालन के ऊ ना पसन अइले. सलमानो खान कई बार खेसारी लाल यादव के कहले कि ऊ सो से ठीक से लउकत नइखन. मानल जात रहे कि खेसारी लाल यादव अपने में कुछु खोअल खोअल रहत रहले. तले घर के भीतरिये रहेवाले सब उनुका के बहरियावे खातिर ओट दे देले.

आम्रपाली के कुछु दिन टीवी में काम कइला के बाद भोजपुरी फिलिम में मोका मिलल आ फेरू ऊ कई गो भोजपुरी एल्बमो में काम कइले बाड़ी. आम्रपाली दुबे आ निरहुआ के हिट जोड़ी बहुते फिलिम में काम आ नाम कइले बा.

आम्रपाली दुबे के ए घरी निरहुआ के साथे एगो गाना खूबे हिट होखता - 'करेला मन की पट जाई'. भोजपुरी फिल्म 'आसिक आवारा' के ए गाना के बोल प्यारे लाल यादव लिखले बाड़े आ निरहुआ आ कल्पना मिलि के गवले बा लोग.

भोजपुरी में पढ़ें: जब लोकसभा में गूंजलs फिलिमी गीत—कवन गीत लालू जी गवले अउर कवन गीत रवि किशन

आम्रपाली दुबे के एगो डांसो बीडिओ भी खूबे वाइरल भइल बा. ए बीडिओ में आम्रपाली दुबे एगो गांव में बाड़ी आ निरहुआ के दुलहिन बनल बाड़ी. एहि बीचे पवन सिंह के गाना 'लालीपाप लागेलू...' बाजता आ कान में आवाज पड़ते आम्रपाली दूबे कूदि कूदि के लापालप नाचे लाग तारी.

बिग बास सीजन 14 के बारे में पाता चलल बा कि अबकी 13 गो बड़ लोग त रहबे करिहें, आम लोगन के भी डिजिटल आडिसन से एंट्री दीहल जाई. सुनाता कि अबकि बारी अनू मलिक आ राधे मां से भी बिग बास वालन के बातचीत चलि रहल बा.

बाड़ा ताजुब के बात बा कि भोजपुरी इलाका के लोग देस के प्रधानमंत्री तक बनि जाता. प्रधानमंत्री चंद्रसेखर बलिये के रहले आ अबहिओं मनोज तिवारी आ रवि किसन संसद में बड़ले बा लोग. निरहुआ आजमगढ़ से अखिलेस यादव से हारि गइले ना त ऊहो नेता हो गइल रहिते - बाकिर का बात बा कि बिग बास जइसन रियल्टी सो में पहुंचाला के बाद भोजपुरी स्टार लोग गाबाड़ा जाता.

अब ई त नाहिये कहल जा सकेला कि भोजपुरी बेल्ट के लोग वोट देबे में कोताही करत होई बाकिर बिग बास में गइला के बाद भोजपुरी कालाकार लोग के भी सोचे के चाहीं कि आपाना ओरि से कवनो कसर बाकी ना राखे लोग – ए बात के ध्यान जरूर रहे के चाहीं कि बिग बास में आम्रपाली दुबे के हालि निरहुआ आ खेसारी जइसन ना होखे के चाहीं.

UP News Live: अम्बेडकरनगर के BSP सांसद रितेश पांडेय ने इंग्लैंड की कैथरीन से किया शादी का ऐलान

सांसद रितेश पांडेय ने फेसबुक पर अपनी और कैथरीन की एक फोटो भी शेयर की है.

39 साल के सांसद रितेश पांडेय (MP Ritesh Pandey) ने लिखा है कि दोनों परिवारों की सहमती के बाद ये फैसला लिया गया है. हालांकि अभी शादी की तारीख तय नहीं हुई है.

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  • LAST UPDATED : September 15, 2020, 08:22 IST
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अम्बेडकरनगर. लोकसभा (Lok Sabha) में बीएसपी (BSP) संसदीय दल के उपनेता और अम्बेडकरनगर (Ambedkar Nagar) के सांसद रितेश पांडेय (MP Ritesh Pandey) ने फेसबुक पर अपनी शादी का ऐलान कर दिया है. उन्होंने इंग्लैंड (England) की कैथरीन (Catherine) से अपने प्यार का  इजहार करते हुए सोमवार को एक पोस्ट शेयर किया. 39 साल के सांसद रितेश पांडेय ने लिखा है कि दोनों परिवारों की सहमती के बाद ये फैसला लिया गया है. हालांकि अभी शादी की तारीख तय नहीं हुई है. कैथरीन के बारे में जानकारी शेयर करते हुए रितेश पांडेय ने लिखा कि वह मनोविज्ञान में पीएचडी कर रही हैं और उनके पिता इंग्लैंड में डॉक्टर हैं. दोनों की मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान इंग्लैंड में हुई थी. पिछले कई सालों से इनका प्रेम चल रहा है. जिले में सांसद का परिवार काफी रसूख वाला है. पिता राकेश पांडेय भी सांसद और विधायक रह चुके हैं. सांसद रीतेश ने अपने फ़ेसबुक वॉल पर अपनी और कैथरीना की एक पुरानी फ़ोटो शेयर करते हुए लिखा कि आप सभी के साथ यह शुभ समाचार साझा करते हुए मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि कैथरीना और मैंने जीवनसाथी के रूप में आगे की यात्रा साथ पूरा करने का निर्णय लिया है.

यूपी बीजेपी की नई टीम का ऐलान, 16 उपाध्यक्ष और 7 महामंत्री, देखें पूरी लिस्ट

यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है.

लंबे समय के इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (UP BJP) के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. टीम में युवाओं के साथ अनुमभवी नेताओं को साथ रखने की कोशिश की गई है.

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लखनऊ. करीब 1 साल के इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janata Party) की नई टीम का ऐलान हो गया है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) की सहमति के बाद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने प्रदेश पदाधिकारियों का ऐलान किया है. स्वतंत्र देव सिंह की नई टीम में 16 प्रदेश उपाध्यक्ष होंगे, जबकि 7 प्रदेश महामंत्री बनाए गए हैं. इनके अलावा 16 प्रदेश मंत्री और 2 कोषाध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई है.

प्रदेश उपाध्यक्ष

प्रदेश उपाध्यक्षों की सूची में लक्ष्मण आचार्य, पंकज सिंह, विजय बहादुर पाठक, कांता कर्दम, सलिल विश्नोई, दयाशंकर सिंह, सुरेंद्र नागर, सतपाल सैनी, पदमसेन चौधरी, नीलम सोनकर,कमलावती सिंह, प्रकाश पाल,संतोष सिंह, देवेन्द्र चौधरी, ब्रजबहादुर उपाध्याय, सुनीता दयाल हैं.

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यूपी की बीजेपी की नई कार्यकारिणी


बाराबंकी पूर्व सांसद प्रियंका रावत बनीं महामंत्री

प्रदेश महामंत्रियों की सूची में जेपीएस राठौड़, गोविंद नारायण शुक्ल, अश्विनी त्यागी, अमरपाल मौर्य, सुब्रत पाठक, अनूप गुप्ता, प्रियंका रावत हैं.

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यूपी की बीजेपी की नई कार्यकारिणी


उपाध्यक्षों में जुड़े कई नए नाम

इनके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष में त्रयंबक त्रिपाठी, सुभाष यदुवंश, संजय राय, चंद्रमोहन सिंह, देवेश कोरी, शंकर गिरी, अंजुला माहौर, अशोक जाटव, प्रांशुदत्त द्विवेदी, मीना चौबे, रामचंद्र कन्नौजिया, विजय शिवहरे, शंखर लोधी, शकुंतला चौहान, अनामिका चौधरी और पूणम बजाज के नाम हैं. वहीं यूपी बीजेपी के कोषाध्यक्ष मनीष कपूर और संजीव अग्रवाल होंगे.

यूपी के 17 जिलों में 4 लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से प्रभावित, सीएम योगी ने 2 मंत्रियों को दी अहम जिम्मेदारी

कठमुल्लों के फतवों से नहीं संविधान से चलेगा देश (File photo)

यूपी के कई जिलों में बाढ़ (Flood) की समस्या को देखते हुए सीएम योगी ने 2 मंत्रियों अनिल राजभर और बलदेव सिंह औलख को बाढ़ निरीक्षण और राहत कार्यों की जिम्मेदारी दी है.

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लखनऊ. अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण के लिए भूमि पूजन से फ्री होते ही सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बाढ़ (Flood) की समस्या पर समीक्षा बैठक की. राहत आयुक्त की मौजूदगी में बाढ़ के हालात और इससे निपटने के उपायों पर सीएम ने जानकारी ली. राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि अफसरों को बाढ़ग्रस्त जिलों के दौरे करने के निर्देश दिये गए हैं. इसके साथ ही सिंचाई विभाग के अफसरों को नदियों के तटबंधों पर लगातार निगरानी के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं. जो इलाके पूरी तरह पानी में डूबे हैं, वहां नावों के जरिये जरूरी सामान तत्परता से पहुंचाने के भी निर्देश दिये गए हैं.

बाढ़ की समस्या को देखते हुए सीएम योगी ने 2 मंत्रियों अनिल राजभर और बलदेव सिंह औलख को बाढ़ निरीक्षण और राहत कार्यों की जिम्मेदारी दी है. प्रमुख सचिव सिंचाई टी वेंकटेश के साथ ये दोनों मंत्री बाढ़ग्रस्त जिलों का दौरा करेंगे. गोंडा, संत कबीर नगर, मऊ, देवरिया और गोरखपुर जैसे जिलों का शुक्रवार को निरीक्षण करेंगे. दौरे के बाद मंत्री और प्रमुख सचिव अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे.

कैसे हैं प्रदेश में बाढ़ के हालात
प्रदेश में बाढ़ की मार गुरुवार तक 17 जिलों तक पहुंच गई है. 4 लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित हुई है. कुल 666 गांव प्रभावित हैं, जिनमें से 446 पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं. इन गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए लगभग एक हजार नावें लगाई गई हैं. प्रभावित 17 जिलों में कुल 219 बाढ़ शरणालय बनाये गए हैं. बाढ़ के पानी में अपनी गृहस्थी गंवा चुके लगभग 4000 लोग इनमें शरण लिए हुए हैं. सबसे ज्यादा मार मऊ की मधुबन तहसील में पड़ी है, जहां घाघरा नदी का रिंद बांध टूट जाने से 5000 परिवार प्रभावित हुए हैं.

ये हैं प्रभावित जिले
जो 17 जिले बाढ़ की मार झेल रहे हैं वे हैं- अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, गोण्डा, गोरखपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, मऊ, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और सीतापुर.

नदियों के गिरते जलस्तर से राहत की उम्मीद
सिंचाई विभाग में बाढ़ के मामलों को देख रहे इंजीनीयर इन चीफ डिजाइन एण्ड प्लानिंग अशोक सिंह ने बताया कि नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है. जलस्तर में कमी आने से इलाके में रूका हुआ पानी नदियों के जरिये निकल सकेगा और ज्यादा बरसात नहीं हुई तो जल्द ही इससे निजात मिल सकेगी.
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