कांग्रेस के गढ़ पर BJP की नजर, अमेठी के लिए शाह ने बनाया ये प्लान!

बीजेपी सरकार अमेठी सीट को खास तवज्जो दे रही है. देश की राजनीति में अमेठी हमेशा से सक्रिय रही है. कहा भी जाता है कि हिंदुस्तान की राजनीति अमेठी से शुरू होती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 20, 2018, 11:28 PM IST
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Updated: July 20, 2018, 11:28 PM IST
कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली अमेठी लोकसभा सीट 2019 के चुनावों में भी सियासी दिग्गजों के दंगल का केंद्र रहेगी. दशकों से कांग्रेस के लिए अभेद्य किले की तरह रही अमेठी आने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए अब शान की लड़ाई बन चुकी है. इसलिए बीजेपी अमेठी में रुके हुए विकास कार्यों को रफ्तार देकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. बीजेपी सरकार अमेठी सीट को खास तवज्जो दे रही है. देश की राजनीति में अमेठी हमेशा से सक्रिय रही है. कहा भी जाता है कि हिंदुस्तान की राजनीति अमेठी से शुरू होती है.

अमेठी में विकास को लेकर तमाम राजनेताओं ने विकास के नारे के साथ चुनाव जीतकर विधानसभा से लेकर लोकसभा तक पहुंचे. लेकिन अमेठी का विकास सिर्फ नेताओं के जुबान तक ही सीमित रहा. ये वो अमेठी है जहां गांधी परिवार का खासा लगवा रहा है. कांग्रेस विपक्ष के हर चक्रव्यूह को भेदने में कामयाब रही है. लेकिन कांग्रेस के इस अभेद्य किले पर बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की नजर पड़ चुकी है. इस बार विकास के मुद्दे को हथियार बनाकर बीजेपी अब कांग्रेसी किले को फतेह करने की फिराक में जुट गयी है.

पिछले 10 सालों से अधर में लटका अमेठी बाई-पास का निर्माण बीजेपी ने शुरू कराकर कांग्रेस के किले को ढहाने की कोशिश में जुटी हुई है. सरकार ने अपने बजट में अमेठी बाइपास के लिए 115 करोड़ रुपये की स्वीकृत दी है.


अमेठी बाई-पास को लेकर अमेठी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा ने कहा कि जब यूपीए सरकार थी, उस समय भी हम लोगों ने बाई-पास की बात की थी. और राहुल गांधी ने केंद्रीय सड़क मंत्री को वहां पर भेजा था. बाईपास बनाने की पूरी व्यवस्था यूपीए सरकार द्वारा की गयी थी. लेकिन केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है लेकिन जिस तरह से वो उपेक्षा का शिकार हुआ है, राहुल गांधी ने इस बात को संज्ञान में लेते हुए पिछले भ्रमण में बाई-पास को देखा और कहा इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखेंगे.

बता दें, अमेठी से 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ने आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी चुनाव के समय जमकर बदहाल बाईपास का मुद्दा खूब उठाया था और चुनाव के बाद बाईपास को ठीक करवाने की बात कही थी. लेकिन चुनाव हारने के बाद दुबारा बाईपास की तरफ मुड़ कर नहीं देखा. लेकिन केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद बीजेपी आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अमेठी बाई-पास का निर्माण शुरू कराकर एक बार फिर राहुल गांधी पर सवाल खड़ा करने के मू़ड में साफ नजर आ रही है.
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