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अमेठी में राहुल की हार की अब एक और शख्स ने ली जिम्मेदारी, भेजा इस्तीफा

राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान अमेठी नगर अध्यक्ष परवेज खान (File Photo)
राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान अमेठी नगर अध्यक्ष परवेज खान (File Photo)

बता दें इससे पहले पहले जिला इकाई के अध्यक्ष ने राहुल गांधी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा की पेशकश कर दी थी.

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लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद अमेठी कांग्रेस में घमसान मचा हुआ है. यहां पहले जिला इकाई के अध्यक्ष ने राहुल गांधी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा की पेशकश कर दी है. वहीं अब चौबीस घंटे के अंदर अमेठी के कांग्रेस नगर अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दे दिया है.

जानकारी के अनुसार अमेठी की नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  परवेज खान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजे इस्तीफे में लिखा है, ' मैं लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 में संसदीय क्षेत्र, अमेठी से कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेते हुए नगर अध्यक्ष, अमेठी के पद से इस्तीफा देता हूं.'

बता दें परवेज खान से पहले अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने इस्तीफे की पेशकश की है. राहुल गांधी को भेजे अपने इस्तीफे में योगेंद्र मिश्रा ने कहा कि 'मैं लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 में संसदीय क्षेत्र अमेठी से कांग्रेस के हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी- अमेठी पद से इस्तीफा देता हूं.'



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नगर अध्यक्ष ने भेजा इस्तीफा

आपको बता दें कि 39 साल बाद गांधी परिवार का कोई नेता अमेठी से बाहर हुआ है. भाजपा की स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष को 55 हजार वोटों से न भूलने वाली शिकस्त दी है. इसके बाद अमेठी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष योगेंद्र मिश्रा ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा राहुल गांधी को भेज दिया है.

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली अमेठी सीट पर 21 साल बाद बड़ा उलटफेर हुआ है. स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल को 55,120 वोटों से हराया है. स्मृति को 4,68,514 तो राहुल गांधी को 4,13,394 वोट मिले हैं. इस लोकसभा सीट को कांग्रेस के अभेद्य दुर्ग के रूप में जाना जाता था.

बता दें कि 2014 में पहली बार स्मृति ईरानी चुनाव लड़ने अमेठी पहुंची थीं और वह हार गईं थी. पिछले चुनाव में राहुल गांधी अब तक के सबसे छोटे अंतर से जीते थे. हार की वजह के सवाल पर राहुल गांधी ने बाद में प्रतिक्रिया देने की बात कही है. बता दें कि सपा-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस का समर्थन करते हुए यहां से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था. राहुल अमेठी से चौथी बार चुनाव मैदान में थे. अमेठी को छोड़कर राहुल ने केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड तोड़ 8 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है.

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