Amethi News: नवजात को झोले में जरूरत के सामान और पैसे सहित फेंका, पालने वाले के लिए लिखा भावुक पत्र

पिता ने नब्जात शिशु को फेंका
पिता ने नब्जात शिशु को फेंका

Amethi News: बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए और सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने लोगों के समक्ष बैग खोला तो उसमें बच्चे के लिये गर्म कपड़े, जूता, जैकेट, साबुन, विक्स, दवा, 5 हजार रुपए और एक पत्र रखा मिला.

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अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में बुधवार देर शाम पीआरवी को सूचना मिली कि एक बैग में सामान सहित कोई बच्चा छोड़ गया है. इसकी सूचना कॉलर ने यूपी 112 को दी, जिस पर पीआरवी 2780 राकेश कुमार सरोज और चालक उमेश दुबे कोतवाली मुंशीगंज क्षेत्र के त्रिलोकपुर आनन्द ओझा के आवास के पास पहुंचे. जहां किसी अज्ञात युवक ने त्रिलोकपुर के भगवानदीन का पुरवा गांव में एक नवजात को झोले में रखकर चला गया था.

बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए और सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने लोगों के सामने बैग खोला तो उसमें बच्चे के लिये गर्म कपड़े, जूता, जैकेट, साबुन, विक्स, दवा, 5 हजार रुपए और एक पत्र रखा हुआ था. ख़त में पिता ने बच्चे के पालन-पोषण करने वाले को पांच हजार महीने देने की बात भी लिखी है.

पत्र में लिखी ये बात
पत्र में लिखा गया है कि 'यह मेरा बेटा है. इसे मैं आपके पास छह-सात महीने के लिए छोड़ रहा हूं. हमने आपके बारे में बहुत अच्छा सुना है. इसलिए मैं अपना बच्चा आपके पास रख रहा हूं. 5000 महीने के हिसाब से मैं आपको पैसा दूंगा. आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया इस बच्चे को संभाल लो. मेरी कुछ मजबूरी है. इस बच्चे की मां नहीं है और मेरी फैमिली में इसके लिए खतरा है. इसलिए छह-सात महीने तक आप अपने पास रख लीजिए. सब कुछ सही करके मैं आपसे मिलकर अपने बच्चो को ले जाऊंगा. कोई बच्चा आपके पास छोड़ कर गया यह किसी को मत बताना. नहीं तो यह बात सबको पता चल जाएगी, जो मेरे लिए सही नहीं होगा. सबको यह बता दीजिएगा यह बच्चा आपके किसी दोस्त का है, जिसकी बीवी हॉस्पिटल में कोमा में है. तब तक आप अपने पास रखिए. मैं आपसे मिलकर भी दे सकता था, लेकिन यह बात मेरे तक रहे तभी सही है, क्योंकि मेरा एक ही बच्चा है. आपको और पैसा चाहिये तो बता दीजिएगा. मैं और दे दूंगा. बस बच्चे को रख लीजिए. इसकी जिम्मेदारी लेने से डरियेगा नहीं. भगवान न करे अगर कुछ होता है तो फिर मैं आपको ब्लेम नहीं करूंगा. मुझे आप पर पूरा भरोसा है. बच्चा पंडित के घर का है.'
पीआरवी ने बच्चा मिलने की सूचना कोतवाली प्रभारी मिथिलेश सिंह को दी. जिस पर उन्होंने बच्चे को कॉलर के ही सुपुर्द करने के लिए आदेशित किया. इस अनोखी घटना से लोगों में तरह-तरह की बातें उड़ने लगी हैं. कोई मां को कोस रहा है, तो कोई बाप के स्नेह व मजबूरी में प्यार देख रहा है. लेकिन, अबोध शिशु इस ठंड में मां-बाप से दूर रहने की सजा काटने को मजबूर है.
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