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Success Story: पति की हुई मौत तो सास-ससुर ने किया बेघर, फिर किरण ने जुटाया हौसला, किया व्यवसाय

Inspirational Story: किरण ने अपनी जिंदगी की चुनौतियों को बताया कि वे उसे पराजित नहीं कर सकते. अपने सामने आईं मुसीबतों क ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : आदित्य कृष्ण

अमेठी. आपाधापी वाली इस जिंदगी में कई अवसर ऐसे भी आते हैं जब आपका संघर्ष, आपकी कोशिशें हारने लगती हैं. ऐसे में भी अगर जिंदगी की चुनौतियों से जीतने की जिद हो, तो फिर रास्ते के पहाड़ राई हो जाते हैं और आप राई से पहाड़. किरण ने भी अपनी जिंदगी की चुनौतियों को बताया कि वे उसे पराजित नहीं कर सकते. अपने सामने आईं मुसीबतों को उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर पराजित किया और उनके सामने डट कर खड़ी हो गईं.

दरअसल, किरण के पति की मौत असमय हो गई. पति की मौत के बाद सास-ससुर ने भी किरण को घर से निकाल दिया. लेकिन किरण ने इन विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी, बल्कि मुसीबतों का डटकर मुकबला किया. परिवार के भरण-पोषण के लिए कुछ करने की ठानी और एक समूह से जुड़कर खुद का व्यवसाय शुरू किया. वर्तमान समय में किरण इस समूह से न सिर्फ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने उत्पाद की पहचान जनपद के साथ प्रदेश के कई जिलों में भी दिला चुकी हैं.

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संघर्ष ही उम्मीद

किरन गौरीगंज विकासखंड के टिकरिया गांव की रहनेवाली हैं. 2010 में इनके पति की मौत हो गई. पति की मौत के बाद परिवार वालों ने भी साथ छोड़ दिया. ससुराल के लोगों ने इन्हें घर से बाहर निकाल दिया. उस वक्त किरण के सिर पर अचानक जिम्मेदारियों का बोझ आ गिरा. बच्चे छोटे थे. उनकी परवरिश की चिंता थी, आय का साधन जुटाना था. रहने का ठिकाना ढूंढ़ना था. इतनी समस्याओं के बीच किरण घबरा गईं, पर लड़खड़ाई नहीं. हौसला जुटाया और मुसीबतों से लड़कर आगे बढ़ीं. इन्होंने एक समूह से जुड़कर अपना रोजगार शुरू किया. संघर्ष में उनकी किस्मत ने साथ दिया और रोजगार में फायदा होने लगा. धीरे-धीरे व्यवसाय ने रफ्तार पकड़ी. आज समूह के बने उत्पादों से किरण ने न सिर्फ अन्य महिलाओं को रोजगार दिया है, बल्कि अपने उत्पादन से धन अर्जित कर किरण एक बेहतर जिंदगी जी रही हैं.

उम्मीद की किरण

किरन बताती हैं कि पहले उनकी स्थिति काफी खराब थी. 2010 से वे समूह में जुड़ीं. समूह के सहयोग से अब हमारी स्थित पहले से काफी अच्छी है. समूह में काफी फायदा हो रहा है. हम कई चीजें इस समूह में बनाते हैं और हमारे परिवार का भरण-पोषण से चल रहा है.

Tags: Amethi news, Success Story, UP news

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