अमेठी में तालाब से निकली 'मुगलकालीन' देवी की मूर्ति, दर्शन को उमड़ी भीड़

अमेठी के अपर पुलिस अधीक्षक बीएस दुबे का कहना है कि जायस कोतवाली के ठीक सामने तालाब की खोदाई और उसके सौन्दर्यीकरण का काम चल रहा था. इसी दौरान एक प्रतिमा देवी जी की मिली है. पुरातत्व विभाग को बताया गया है, जल्द ही पुरातत्व विभाग आकर देखेगा.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 11, 2018, 4:42 PM IST
अमेठी में तालाब से निकली 'मुगलकालीन' देवी की मूर्ति, दर्शन को उमड़ी भीड़
अमेठी में तालाब की खुदाई में निकली मूर्ति. Photo: News 18
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Updated: July 11, 2018, 4:42 PM IST
उत्तर प्रदेश के अमेठी में मलिक मोहम्मद जायसी कि जन्मस्थली में तालाब की खुदाई के दौरान हजारों साल पुरानी प्राचीन मूर्ति मिलने से मिलने थाना परिसर में मेला लगा हुआ है. हर कोई प्राचीन मूर्ति के दर्शन के लिए दूर-दूर से चला आ रहा है. ये प्राचीन मूर्ति मां दुर्गा की बताई जा रही है. माता के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी हुई है. फिलहाल अमेठी पुलिस ने पुरातत्व विभाग को सूचित कर दिया है. जल्द ही पुरातत्व विभाग इसकी जांच करेगा.

अमेठी का जायस कस्बा सूफी संत मलिक मोहम्मद जायसी की जन्मस्थली है. रविवार को जायस में तालाब की खुदाई के दौरान कई सालों पुरानी मां दुर्गा की अत्यंत प्राचीन मूर्ति व उसके अंश मिले. इसके बाद यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया. वहीं सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन भी हरकत में आया और उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में मूर्ति को स्थानीय पुलिस की निगरानी में कोतवाली परिसर के अंदर मौजूद मंदिर परिसर में दर्शन के लिए स्थापित करवा दिया गया है.

दरअसल जायस नगर पालिका व स्थानीय कस्बे के लोग कोतवाली के पास तालाब में खुदाई कर रहे थे. इस दौरान मजदूरों को अति प्राचीन अष्ठभुजा मां दुर्गा की मूर्ति मिली. स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रशासन ने मजदूरों व नगर पालिका कर्मचारियों कि मदद से मूर्ति निकलवाई. लोग कयास लगा रहे हैं कि मूर्ति मुगलकालीन है.

कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि ये मूर्ति 1191 ई0 की है. उस समय मोहम्मद गौरी ने जब भारत पर आक्रमण किया था, तब तमाम मूर्तियां तोड़ी गई थीं. हो सकता है ये मूर्ति उस समय लोगों ने टूटने से बचाने के लिए जमीन में गाड़ दी हो.

बहरहाल, मामले में अमेठी के अपर पुलिस अधीक्षक बीएस दुबे का कहना है कि जायस कोतवाली के ठीक सामने तालाब की खोदाई और उसके सौन्दर्यीकरण का काम चल रहा था. इसी दौरान एक प्रतिमा देवी जी की मिली है. इसे कारीगर ने इतना बेहतर बनाया है लेकिन देखने से ये साफ लग रहा है कि ये मूर्ति काफी प्राचीन है. इसके आंकलन के लिए पुरातत्व विभाग को बताया गया है, जल्द ही पुरातत्व विभाग आकर देखेगा.

(रिपोर्ट: पप्पू पांडेय)
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