अमेठी: टीचर मिल नहीं रहे कैसे शुरू होगा 'इंग्लिश मीडियम'?

बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार पंडित ने कहा कि अमेठी जिले में 13 ब्लॉक है और हर ब्लॉक में 5 विधालय खोले जाने हैं. आवेदन कम आए हैं इसलिए आवेदन की तिथि आगे बढ़ा दिया गया है.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 1, 2018, 1:13 PM IST
अमेठी: टीचर मिल नहीं रहे कैसे शुरू होगा 'इंग्लिश मीडियम'?
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार पंडित. Photo/News18
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Updated: March 1, 2018, 1:13 PM IST
प्रदेश सरकार ने शिक्षा की दशा सुधारने के लिए 5000 प्राइमरी विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षको की नियुक्ति का फरमान तो सुना दिया, लेकिन जिलों का हाल ये है कि खााली पदों पर टीचर जुटाना सिरदर्द बन चुका है. अमेठी में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है. यहां 65 विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने का आदेश मिला, जिसके लिए 325 पद अध्यापकों के लिए रिक्त किए गए. बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के आदेश के बाद अमेठी के 65 विद्यालयों में 325 शिक्षकों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू भी की. अभी तक सिर्फ 112 आवेदन ही आए हैं. अब प्रशासन ने आवेदन की ​तिथि आगे बढ़ा दी है.

इस मामले को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार पंडित से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 325 में से अभी तक सिर्फ 112 शिक्षको ने ही आवेदन किया है. अमेठी जिले में 13 ब्लॉक है और हर ब्लॉक में 5 विधालय खोले जाने हैं. इसके लिए एक प्रधानध्यापक और 4 सहायक अध्यापक रखे जाने है और अभी तक 112 आवेदन आये हैं. अभी आवेदन कम आए हैं इसलिए आवेदन की तिथि आगे बढ़ा दिया गया है.

एक अप्रैल से विद्यालय का संचालन होना है और अभी एक माह का समय है इसलिए इसे जल्दी पूरा कर लिया जाएगा. कही न कहीं शिक्षकों को भी इस बात का डर है कि उनके आवेदन के बाद उन्हें घर से दूर स्थानांतरण कर दिया जाएगा. वहीं जिले में अभी तक दो मॉडल स्कूल चल रहे हैं, जिससे कहीं न कही शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने का प्रयास किया जा रहा है.

बीएसए कहते हैं कि जिले के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है इस प्रकिया को जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की प्रकिया पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने साथ ही कहा कि अमेठी के गौरीगंज स्थित पचेहरी मॉडल को काफी बेहतर चल रहा हैं. उस विद्यालय में एडमिशन के लिए प्रवेश परिक्षा आयोजित करना पड़ता है और अभिवाहक भी जागरूक हो रहे हैं वो ऐसे स्कूलों की तरफ आगे बढ़ रहें है. समाज भी इसे स्वीकार कर रहा है.

वहीं गौरीगंज ब्लॉक के पचेहरी में 2015 मॉडल स्कूल के तौर पर शुरू किये गये थे उन स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है. साथ ही बच्चों के लॉनिंग लेवल भी बढ़ा है और आज सरकार हर ब्लॉक में पांच विद्यालय खोल रही है. ऐसे विद्यालय से सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि बच्चों का ठगरावा हो और गरीब घर के बच्चों को इग्लिश मीडियम की पढ़ाई पढ़ सकेंगे. इस मुमिम से गरीब घर के बच्चों के सपने भी पूरे होंगे. इससे देश और समाज दोनों का फायदा होगा.

(रिपोर्ट: पप्पू पांडेय)
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