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UP Chunav: अमेठी में BJP ने डॉ. संजय सिंह को बनाया कैंडिडेट तो बसपा ने खेला ब्राह्मण कार्ड, जानिए जातीय समीकरण

UP Chunav: अमेठी में BJP ने डॉ. संजय सिंह को बनाया कैंडिडेट तो बसपा ने खेला ब्राह्मण कार्ड, जानिए जातीय समीकरण

अमेठी में BJP ने डॉ. संजय सिंह को बनाया कैंडिडेट तो बसपा ने ब्राह्मण कार्ड खेला है.

अमेठी में BJP ने डॉ. संजय सिंह को बनाया कैंडिडेट तो बसपा ने ब्राह्मण कार्ड खेला है.

UP Assembly Election 2022: यूपी की सियासत में अमेठी विधानसभा सीट का खूब जिक्र हो रहा है. भाजपा ने इस बार अमेठी रियासत के महाराज डॉ. संजय सिंह (Dr. Sanjay Singh) पर दांव खेला है. कांग्रेस ने आशीष शुक्ला (Ashish Shukla), समाजवादी पार्टी ने पूर्व मंत्री और सजायाफ्ता गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महाराजी देवी और बसपा ने ब्राह्मण नेत्री रागिनी तिवारी (Ragini Tiwari) पर विश्वास जताया है.

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अमेठी. यूपी के अमेठी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक विरासत की लड़ाई है. दरअसल यहां पिछली बार मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी में था और भगवा खेमे की गरिमा सिंह ने बाजी मारी थी. इस बार भाजपा ने अमेठी रियासत के महाराज और केंद्र व राज्‍य की राजनीति में अलग स्थान रखने वाले डॉ. संजय सिंह (Dr. Sanjay Singh) को प्रत्याशी बनाकर राजनीति को गर्म कर दिया है. वहीं, भाजपा से बगावत कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए आशीष शुक्ला (Ashish Shukla) को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाकर ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र में दांव खेल दिया है. इसके साथ समाजवादी पार्टी ने सरकार में पूर्व मंत्री और सजायाफ्ता गायत्री प्रसाद प्रजापति (Gayatri Prasad Prajapati) की पत्नी महाराजी देवी को उम्मीदवार बनाया है. जबकि बसपा ने ब्राह्मण नेत्री रागिनी तिवारी (Ragini Tiwari) पर विश्वास जताया है.

बता दें कि अमेठी में ब्राह्मण जाति की बहुलता है. अमेठी की जनता का मानना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसके साथ ही असल क्षेत्र के लोगों का कहना है कि 36 गांव को सुल्तानपुर जिले में शामिल किए जाने का वादा भाजपा सरकार ने किया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया है. हालांकि कुछ का कहना है कि जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे.

अमेठी विधानसभा की है अलग पहचान
देश में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली अमेठी में विधानसभा का चुनाव इस बार दिलचस्प हो गया है. एक तरफ जहां अमेठी विधानसभा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह पर भाजपा ने भरोसा जताया है, तो दूसरी तरफ सजायाफ्ता जेल में बंद सपा सरकार में पूर्व कद्दावर मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महाराजी देवी को सपा ने टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाया है. वही, कांग्रेस ने भी बड़ा दांव खेलते हुए ब्राह्मणों के बड़े नेता और पूर्व दर्ज प्राप्त मंत्री आशीष शुक्ला को मैदान में उतारा है. बीएसपी ने भी ब्राह्मणों पर भरोसा करते हुए रागिनी तिवारी दांव लगाया है. साफ है कि एक क्षत्रिय, एक बैकवर्ड और दो ब्राह्मण प्रत्याशी होने के बाद अमेठी सीट का मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है.

भाजपा ने मौजूदा विधायक का काटा टिकट
भाजपा ने मौजूदा विधायक गरिमा सिंह का टिकट काटकर अमेठी रियासत के राजा डॉ. संजय सिंह को भाजपा का प्रत्याशी बनाया है. वह राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं. यही नहीं, 80 के दशक के शुरुआत में राजनीति में एंट्री करने वाले संजय सिंह कई बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा दो बार राज्यसभा और दो बार लोकसभा के साथ वह केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. करीब तीन दशक बाद डॉ. संजय सिंह एक बार फिर विधानसभा के लिए चुनाव मैदान में हैं. वहीं, उनकी पत्नी अमिता सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा तीन बार विधायक और तत्कालीन सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार रह चुकी हैं.

अमेठी रियासत के इर्द गिर्द घूमता रहा चुनाव
आजादी के बाद से अमेठी विधानसभा का चुनाव अमेठी रियासत के इर्द गिर्द घूमता रहा है. वहीं, कांग्रेस ने भी अंतिम समय में भाजपा नेता आशीष शुक्ला को अपने पाले में लाकर विधानसभा का प्रत्याशी बना दिया है. वह ब्राह्मणों के बड़े नेता हैं और अमेठी विधानसभा से बीजेपी के टिकट के दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. यह नहीं, वह बीएसपी सरकार में खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे.

सपा ने महाराजी देवी तो बसपा ने रागिनी तिवारी पर खेला दांव
सपा ने भी गैंगरेप के आरोप में जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महाराजी देवी को टिकट देकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. वह लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क कर रही हैं और घर-घर जाकर अपने पति को न्याय दिलाने के नाम पर वोट मांग रही हैं. वहीं, बीएसपी ने भी ब्राह्मण बाहुल्य इलाके में ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए बसपा के प्रवक्ता और व्यापारी शशिकांत तिवारी की पत्नी रागिनी तिवारी को मैदान में उतारा है. वह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली हैं, जो लगातार क्षेत्र में प्रचार प्रसार करने में जुटी हुई हैं.

फिलहाल करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले ब्राह्मण बाहुल्य इस अमेठी विधानसभा में कौन बाजी मरेगा ये तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन इस बार अमेठी के राजा डॉ. संजय सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है. पांचवें चरण में 27 फरवरी को अमेठी में चुनाव होना है और सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी जनसभा के साथ जनसंपर्क करने में जुटे हैं.

2017 के विधानसभा चुनाव में कुछ इस प्रकार थे नतीजे
2017 विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो यहां पर 3,33,944 मतदाता थे, जिसमें से 1,87,716 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. भाजपा नेत्री गरिमा सिंह को 64226 वोट मिले थे, तो उनकी प्रतिद्वंदी रहे सपा के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को 59,161 वोट मिले थे. भाजपा प्रत्याशी ने 5065 मतों से जीत हासिल की थी.

अमेठी के ये हैं मुद्दों
वैसे तो अमेठी जिले की चारों विधानसभा सीटों पर बड़े मुद्दों पर लड़ाई है, लेकिन इसके साथ स्थानीय प्रत्याशी भी बेहद अहम हैं. अमेठी विधानसभा में विधायक के खिलाफ नाराजगी का माहौल है. इसके अलावा अधूरे पड़े प्रोजेक्ट, रोजगार के साधनों का अभाव, आवारा पशु, बढ़ती घूसखोरी और पुलिसिया उत्पीड़न को लेकर लोग परेशान हैं. वहीं, जेल में बंद सपा के पूर्व मंत्री के परिवार के प्रति सहानुभूति की लहर दिख रही है.

Tags: Amethi news, Gayatri Prasad Prajapati, Uttar Pradesh Assembly Elections, Uttar Pradesh Elections

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