कभी राजीव और सोनिया के प्रस्तावक रहे हाजी सुल्तान के बेटे हारून लड़ेंगे राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव

साल 2004 में, सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के लिए सीट छोड़ दी, और तब से इस सीट का प्रतिनिधित्व वही कर रहे हैं. अमेठी में चुनाव 6 मई को होने हैं. मतों की गिनती 23 मई को होगी.

News18Hindi
Updated: March 26, 2019, 8:54 AM IST
कभी राजीव और सोनिया के प्रस्तावक रहे हाजी सुल्तान के बेटे हारून लड़ेंगे राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हाजी हारून रशीद
News18Hindi
Updated: March 26, 2019, 8:54 AM IST
उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. एक स्थानीय पार्टी के नेता का बेटा राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेगा. हालांकि स्थानीय नेता की गांधी परिवार से बहुत करीबी है. ये ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रस्तावक थे. यह नेता हैं हाजी सुल्तान खान.

हाजी सुल्तान खान के पुत्र हाजी हारून रशीद, अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे. हाजी सुल्तान ने साल 1991 के संसदीय चुनाव में राजीव गांधी के और साल 1999 में सोनिया गांधी के नामांकन में प्रस्तावक थे. समाचार एजेंसी IANS के अनुसार उन्हें कांग्रेस में 'पूरी तरह से हाशिये पर डाल' दिया गया है.



यह भी पढ़ें:  ओवैसी बोले- 'देश का कारोबारी GST से परेशान है, ये टीशर्ट बेच रहे हैं... वाह क्या चौकीदार है'

हारून ने कहा कि अब पूरा समुदाय यहां के स्थानीय नेतृत्व की वजह से उपेक्षित महसूस कर रहा है. अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने का कारण पूछे जाने पर हारून ने कहा, 'कांग्रेस का स्थानीय नेतृत्व लंबे समय से हमारी उपेक्षा कर रहा है. और इस वजह से क्षेत्र के साथ-साथ समुदाय का विकास में दिक्कतें आईं हैं.'

यह भी पढ़ें:  फारूक अब्दुल्ला ने एयर स्ट्राइक पर उठाए सवाल, कहा- बालाकोट से पहले सब मंदिर, मंदिर करते थे

अमेठी में वे कांग्रेस के खिलाफ कैसे जीत हासिल करेंगे, इस पर हारून ने कहा, 'निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 6.5 लाख मुस्लिम मतदाता हैं और हम सभी कांग्रेस के खिलाफ मतदान करेंगे.'

यह भी पढ़ें:  चुनाव से पहले संजय निरुपम की जगह मिलिंद देवड़ा क्यों बनाया गया अध्यक्ष?
Loading...

उन्होंने स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हाजी सुल्तान खान की तस्वीरों को फुरसतगंज स्थित अपने आवास पर दिखाया, जो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से महज तीन किमी की दूरी पर स्थित है.

यह भी पढ़ें:  जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने इस्तीफा दिया, लेनदारों के रेजॉल्यूशन प्लान को बोर्ड की मंजूरी

कांग्रेस अध्यक्ष को इस बार बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी से कड़ी चुनौती मिल रही है, जो फिर उसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं. साल 2014 के चुनाव में ईरानी दूसरे नंबर पर आई थीं. उन्हें राहुल गांधी द्वारा प्रदत्त 4.07 लाख के मुकाबले तीन लाख से अधिक वोट मिले थे.

यह भी पढ़ें:  लोकसभा चुनाव 2019: राहुल का ऐलान-जीते तो गरीबों के खाते में सालाना आएंगे 72 हजार रुपये

अमेठी में लोगों को यह भी शिकायत है कि राहुल गांधी राजीव गांधी के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में असमर्थ रहे हैं. अमेठी की सीट लगभग चार दशकों से गांधी परिवार के ही खाते में ही रहेगी.

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी ने साल 1980 में चुनाव जीता. उनकी मृत्यु के बाद, उनके बड़े भाई राजीव गांधी ने साल 1981 (उपचुनाव), साल 1984, साल 1989 और साल 1991 में सीट से चुनाव जीता. राजीव गांधी की हत्या के बाद , उनकी पत्नी सोनिया गांधी ने साल 1999 में चुनाव लड़ा और जीता.

यह भी पढ़ें: PUBG खेलते हुए पानी की जगह तेजाब पी गया युवक, कराना पड़ा ऑपरेशन

साल 2004 में, सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के लिए सीट छोड़ दी, और तब से इस सीट का प्रतिनिधित्व वही कर रहे हैं. अमेठी में चुनाव 6 मई को होने हैं. मतों की गिनती 23 मई को होगी.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

News18 चुनाव टूलबार

  • 30
  • 24
  • 60
  • 60
चुनाव टूलबार