इस बाईपास के इर्द-गिर्द घूमती है अमेठी की सियासत, राहुल गांधी भी गड्ढों से होकर गुजरे

बड़े-बड़े गड्ढों से भरे इस बाइपास में राहुल का काफिला बमुश्किल 500 मीटर ही आगे जा सका. इसके बाद उन्हें वापस आना पड़ा. बता दें 2014 के आम चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में ये बाइपास मुख्य मुद्दा था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 5, 2018, 4:53 PM IST
इस बाईपास के इर्द-गिर्द घूमती है अमेठी की सियासत, राहुल गांधी भी गड्ढों से होकर गुजरे
अमेठी बाइपास के गड्ढों से जूझता राहुल गांधी का काफिला. Photo: News 18
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Updated: July 5, 2018, 4:53 PM IST
अमेठी के दो दिन के दौरे पर निकले कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अमेठी बाईपास का निरीक्षण करने पहुंचे. बड़े-बड़े गड्ढों से भरे इस बाइपास में राहुल का काफिला बमुश्किल 500 मीटर ही आगे जा सका. इसके बाद उन्हें वापस आना पड़ा. बता दें 2014 के आम चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में ये बाईपास मुख्य मुद्दा था.

2009 में बसपा सरकार के दौरान करीब 5 किलोमीटर के इस बाईपास का निर्माण कराया गया था. लेकिन बनने के कुछ साल बाद ही ये जगह-जगह से खराब हो गया. ये बाईपास प्रतापगढ़ रोड से मुंशीगंज होते हुए सीधे गौरगंज तक जोड़ता है. समय बीतने के साथ ही बाइपास की योजना फाइलों में दबती चली गई. 2014 के आमचुनाव में फिर से बाईपास के मुद्दे ने जोर पकड़ा, लेकिन अभी तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है.

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अब पिछले 9 सालों से अधर में लटका अमेठी बाईपास का निर्माण बीजेपी शुरू कराकर कांग्रेस के किले को ढहाने के प्रयास में जुटी हुई है. बजट में बाईपास के लिए 115 करोड़ रुपये की स्वीकृत है. दरअसल अमेठी से 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ने आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी चुनाव के समय जमकर बदहाल बाईपास का मुद्दा खुब उठाया और चुनाव बाद बाईपास को ठीक करवाने की बात कही लेकिन चुनाव हारने के बाद मामला दबता चला गया. अब केन्द्र और राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद बीजेपी आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अमेठी बाईपास का निर्माण शुरू कराकर एक बार फिर राहुल गांधी को घेरने के मूड में है.

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बता दें, करीब 5 किलोमीटर लंबी इस सड़क को पार करने के लिए वाहनों को घंटो का समय लगता है. बाईपास के दोनों तरफ बच्चों के कई स्कूल भी स्थित है. वहीं अमेठी के स्थानीय लोगों की मानें तो बाईपास की स्थित बेहद खराब हो चुकी है. लोग चुनाव के समय तो बाइपास के मुद्दे को जनता से वोट लेने के लिए खूब उठाते है लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि इधर नहीं देखता है.

अमेठी से स्थानीय बीजेपी विधायक गारिमा सिंह के बेटे अनंत विक्रम सिंह कहते हैं कि बाईपास की स्थिति बहुत खराब है. इसके लिए आगे बातें भी हो रही है और पैसा भी बजट में है. कुछ महीने पहले हमारी सरकार बनी है लेकिन पहले की सरकारों ने कुछ काम ही नहीं किया है. दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने कोई प्रयास ही नहीं किया.

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वहीं अमेठी जिला प्रशासन का कहना है कि ये सड़क राज्य सरकार द्वारा बनवायी गई थी लेकिन एक साल पहले इसे केंद्र को हैंडओवर कर दिया है और सड़क निर्माण के करीब 115 करोड़ रुपए बजट में भी है. जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन अमेठी बाईपास को लेकर शासन स्तर से पत्राचार कर रहा है. जल्द ही प्रदेश सरकार से एनओसी मिल जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.

(इनपुट: पप्पू पांडेय)

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