अमेठी: महिला टोली के हाथों गांव की कमान, वैक्सीनेशन के लिए ऐसे कर रहीं जागरूक

गांवों में वैक्सिनेशन के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है.

गांवों में वैक्सिनेशन के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है.

Fight Against COVID-19: उत्तर प्रदेश के अमेठी में महिलाओं की टोली स्थानीय भाषा के गानों के लिए लोगों को कोरोना वैक्सिनेशन (Corona Vaccine) के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

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अमेठी- उत्तर प्रदेश के अमेठी (Amethi) में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से निजात पाने शासन और प्रशासन  द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है. संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए समूचे प्रदेश में लॉकडाउन भी लगाया गया है. लोगों को घरों में रहने के लिए लगातार जन जागरूकता भी फैलाई जा रही है. अमेठी जिले के भेटुआ ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री और आशा बहुओं के एक समूह ने जन जागरूकता फैलाते के लिए लोकल गीतों के माध्यम से कोविड-19 का टीका लगवाने लोगों से अपील कर रहे हैं. इसमें महिलाओं ने लॉकडाउन का पालन करते हुए लोगों से घरों में रहने की भी गुजारिश की है. भेटुआ ब्लॉक कस्बे में महिलाओं का समूह लगातार जन जागरूकता को लेकर काम कर रहा है जिसके तहत महिलाओं के समूह  द्वारा लोगों को अलग-अलग प्रकार के कार्यों के लिए जागरूक किया जाता है. महिलाओं ने अब कोविड- 19 का टीका लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने का ये नया तरीका अपनाया है.

गांव-गांव पहुंच रही है निगरानी समिति की टोलियां

वहीं भेटुआ ब्लॉक की सीडीपीओ पुष्पा मिश्रा ने बताया कि प्रशासन द्वारा गठित की गई निगरानी समिति के जरिए अमेठी के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को टीकाकरण के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. लोकल गीत के माध्यम से अमेठी की जनता को जागरूक किया जा रहा है जिसमें अमेठी की आम महिलाएं जिस तरीके से शादी विवाह कार्यक्रमों में सोहर कजरी या फिर लोकगीत गाती हैं उन गीतों को गाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव में भ्रमण कर लोगों को ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन के लिए सेंटर पर पहुंचने की अपील कर रही हैं. इसके साथ ही कोरोना महामारी से बचने के लिए सरकार द्वारा जो भी गाइडलाइन बनाई गई है उसका पालन करने के विषय में ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

अमेठी में लोकल गाने और स्लोगन के जरिए गांवों में चलाया जा रहा अभियान
वहीं अमेठी में चल रहे टीकाकरण अभियान को लेकर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अशिक्षित होते हैं इसलिए उनमें जानकारी का अभाव रहता है. वे टीकाकरण कराने से बच रहे हैं इसलिए लोकल गीत के माध्यम से गांव-गांव में मुनादी कर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है जिससे वो टीकाकरण कराकर अपने परिवार को कोरोना महामारी से बचा सकें. वहीं जागरूक करने वाली टीम की एक महिला ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके घर में कोई घटना हो चुकी है उन्हें ऐसा लगता है कि इस टीकाकरण से उन्हें और उनके परिवार को नुकसान हो रहा है इसलिए वो टीका लगवाने से बचते हुए नजर आ रहे हैं. इसलिए लोकल गाने और स्लोगन के जरिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है जिसे ज्यादा से ज्यादा संख्या में ग्रामीण टीकाकरण सेंटर पर पहुंचे और अपना टीकाकरण कराएं.

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