दलित प्रधानपति हत्या: आरोपी के परिजनों का दावा- भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए हुई हत्या

अमेठी में दलित ग्राम प्रधान के पति की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई.
अमेठी में दलित ग्राम प्रधान के पति की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई.

आरोपी (Accused) के मुताबिक संदीप मिश्रा उर्फ रामबाबू और अजय तिवारी पूरी प्रधानी का प्रतिनिधित्व करते थे. पैसा निकालते थे और खाते थे. इन्हीं लोगों ने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए प्रधानपति की हत्या (Murder) कर दी.

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अमेठी. यूपी के अमेठी में गत 29 अक्टूबर को हुई दलित प्रधानपति की हत्या (Murder) के मामले में सोशल मीडिया पर आरोपी के परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं. परिजनों का कहना है कि उनके परिवार पर लगाये गये सारे आरोप निराधार हैं और उनको साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.

आरोपी कृष्ण कुमार तिवारी के परिजन आशीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो वायरल करते हुए कहा है कि इस घटना में घटनास्थल मेरा कैंपस बताया जा रहा है. मेरे घर के दो लोगों को आरोपी बनाया गया है. साजिश के तहत दोनों को फंसाया जा रहा है. दोनों निर्दोष हैं. सबसे पहले मैंने ही घटना की सूचना पुलिस को दी. मेरे घर में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, जिसका फुटेज पुलिस के पास सुरक्षित है. जिसमें हमारे घर के सदस्य घर के अंदर दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में मुझे अपने परिवार और अपनी जान की फिक्र है. हमको सरकार-प्रशासन और पुलिस पर भरोसा है. हम मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिससे असली दोषी तक पुलिस पहुंच सके. उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो.

राजेश मिश्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है, जिसमें वो बता रहे हैं कि प्रधानपति की हत्या के मामले में गांव के ही रहने वाले संदीप मिश्रा उर्फ राम बाबू और अजय तिवारी का सारा किया धरा है. गांव में हुए भ्रष्टचार को छुपाने के लिये सब किया गया है. जिसका नतीजा हमलोगों को भुगतना पड़ रहा है.



आरोपी की माने तो यह भ्रष्टाचार का मामला है. भ्रष्टाचार में गांव के ही दो लोग लिप्त हैं. संदीप मिश्रा उर्फ रामबाबू और अजय तिवारी ये लोग पूरी प्रधानी का प्रतिनिधित्व करते थे. पैसा निकालते थे और खाते थे. इन्हीं लोगों की साजिश के चलते प्रधानपति का मर्डर हुआ.
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