अमेठी: सीएमओ की अभद्रता से तंग डॉक्टरों ने खोला मोर्चा

अमेठी सीएमओ की संतुति पर दो डाक्टरों का तबादला गैर जनपद कर दिया गया. तबादला की खबर मिलते ही जिले भर के डाक्टरों में रोष फैल गया और सभी सीएमओ के खिलाफ लामबंद हो गए.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 26, 2018, 3:36 PM IST
अमेठी: सीएमओ की अभद्रता से तंग डॉक्टरों ने खोला मोर्चा
धरना देते डॉक्टर. Photo: ETV/News18
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Updated: February 26, 2018, 3:36 PM IST
अमेठी में डॉक्टरों से अभद्रता करना सीएमओ को महंगा पड़ गया. सीएमओ के बर्ताव से नाराज जिले के सभी डॉक्टरों ने सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठ गए. धरने की खवर मिलते ही एसडीएम सदर मोतीलाल मौके पर पहुंचे और एक सप्ताह का समय लेकर किसी तरह डॉक्टरों के धरने को समाप्त कराया. डॉक्टरों का आरोप था कि सीएमओ राजेश मोहन श्रीवास्तव डॉक्टरों से गलत बर्ताव करते हैं. इतना ही कई महिला डाक्टरों और नर्सो से भी उन्होंने बुरा बर्ताव किया. अगर इन्हें एक सप्ताह के भीतर हटाया नही गया तो एक सप्ताह बाद बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.

दरअसल अमेठी सीएमओ राजेश मोहन श्रीवास्तव की संतुति पर अमेठी के दो डाक्टरों सौरभ सिंह और अमरनाथ वर्मा का तबादला गैर जनपद कर दिया गया. गैर जनपद तबादला होने की खबर मिलते ही जिले भर के डाक्टरों में रोष फैल गया और सभी डॉक्टर सीएमओ के खिलाफ लामबंद हो गए. प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ के बैनर तले जिले के सभी डाक्टरों समेत सीएचसी और पीएचसी प्रभारी मुख्य चिकित्सा कार्यालय में धरने पर बैठ गए. डाक्टरों के हड़ताल की खबर मिलते ही डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे. जिसके बाद हड़ताल कर रहे डाक्टरों के धरने को समाप्त किया गया.

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ राजेंद प्रसाद कहते हैं कि सीएमओ हमेशा ही डाक्टरों को प्रताड़ित करते हैं. इतना ही नहीं वह महिला डाक्टरों और नर्सो से भी बदसलूकी करते हैं. सीएमओ डाक्टरों को अपना निजी नौकर समझते हैं. सीएमओ को एक सप्ताह का समय दिया गया है अगर एक सप्ताह में इनके खिलाफ बिंदुवार जांच कर कार्यवाही नही की गई और इन्हें अमेठी से नही हटाया गया तो अगले सप्ताह अनिश्चित कालीन धरना होगा.

वहीं अगर एसडीएम मोती लाल यादव कहते हैं कि डाक्टरों का ये आरोप था कि ये डाक्टरों से बदसलूकी करते हैं. आज इनका आंदोलन था, जिसमे हम पहुंचे हैं. डाक्टरों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी कुछ बातों को सीएमओ ने मान लिया है और ट्रांसफर को निरस्त कर दिया गया है. जल्द ही इनके प्रतिनिधि मंडल और डीएम से मुलाकात कराई जाएगी और एक सप्ताह के भीतर इसका हल निकाल दिया जाएगा.

(रिपोर्ट: पप्पू पांडेय)
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