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हड़ताल के चलते अमेठी में धान खरीद बंद, किसान लोकल व्यापारियों को बेचने पर हुए मजबूर

खाद्य व रसद विभाग में हड़ताल के चलते धान क्रय केद्रों पर ताले लटक हुए हैं. विभिन्न मांगों को लेकर अमेठी समेत पूरे प्रदेश में कर्मचारी हड़ताल पर हैं.

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अमेठी में धान खरीद का समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने से खुश किसानों को खरीद शुरू होने से पहले ही बड़ा झटका लगा है. सहकारी समिति के कर्मचारियों, विपरण विभाग के निरीक्षकों की हड़ताल के चलते अमेठी में धान खरीद पूरी तरह से बंद है.

मजबूरन किसान अपने अनाज को औने-पौने दाम पर बेचने पर मजबूर है. जहां सरकार ने 1770 रुपये धान खरीद का रेट तय कर रखा हैं लेकिन हड़ताल के चलते किसानों को लोकल व्यापारियों के यहां 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने को विवश होना पड़ रहा है.

खाद्य व रसद विभाग में हड़ताल के चलते धान क्रय केद्रों पर ताले लटक हुए हैं. विभिन्न मांगों को लेकर अमेठी समेत पूरे प्रदेश में कर्मचारी हड़ताल पर हैं. जिसके चलते अमेठी में धान की खरीद पूरी तरह ठप्प है. एक नवंबर से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की जानी थी. लेकिन करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी सहकारी समितियों के ताले नहीं खुल पाए हैं.



सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के उद्देश्य से धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की थी और 1770 रुपये का रेट रखा गया है. अमेठी में हजारों किसानों ने धान बेचने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा लिया हैं.
लेकिन धान खरीद ना होने से किसानों ने कहा कि सरकार आय को दोगुना करने की बात तो कर रही है, लेकिन जब उपज की समय पर खरीदा ही नहीं होगी तो किसानों की आय कैसे बढ़ेगी. वहीं इस पूरे मामले पर अमेठी कि जिलाधिकारी शंकुतंला गौतम ने कहा कि पूरे प्रदेश में ये हड़ताल चल रही है लेकिन उन लोगों से बात की जा रही है.

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