लोकसभा चुनाव 2019: अमेठी में एक बार फिर स्मृति ईरानी बनाम राहुल गांधी

बता दें 2014 में कांग्रेस के गढ़ अमेठी में स्मृति इरानी ने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी और उनके जीत के अंतर को कम कर दिया था. 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे. जबकि बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी को 300,74 वोट मिले थे.
बता दें 2014 में कांग्रेस के गढ़ अमेठी में स्मृति इरानी ने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी और उनके जीत के अंतर को कम कर दिया था. 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे. जबकि बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी को 300,74 वोट मिले थे.

बता दें 2014 में कांग्रेस के गढ़ अमेठी में स्मृति इरानी ने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी और उनके जीत के अंतर को कम कर दिया था. 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे. जबकि बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी को 300,74 वोट मिले थे.

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2014 के आम चुनाव की तरह की इस बार भी यूपी की हाई प्रोफाइल अमेठी सीट पर मुकाबला कांग्रेस अध्यक्ष और मौजूदा सासद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच होगा. बीजेपी ने गुरुवार शाम यूपी के 28 सीटों के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी. इस लिस्ट में स्मृति ईरानी को अमेठी से मैदान में उतारा गया है.

बता दें 2014 में कांग्रेस के गढ़ अमेठी में स्मृति इरानी ने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी और उनके जीत के अंतर को कम कर दिया था. 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे. जबकि बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी को 300,74 वोट मिले थे. इस तरह जीत का अंतर 1,07,000 वोटों का ही रह गया था. जबकि 2009 में कांग्रेस अध्यक्ष की जीत का अंतर 3,50,000 से भी ज्यादा का रहा था.

पिछले पांच सालों में बीजेपी ने राहुल गांधी को अमेठी में घेरने के लिए काफी मशक्कत की है. हार के बावजूद स्मृति ईरानी लगातार अमेठी के दौरे पर रहीं और खुद को अमेठी की बेटी बताया. उन्होंने यहां कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया. इसके अलावा अमेठी का यह भी कहना है कि उनकी वजह से राहुल गांधी अमेठी आने लगे, वरना वे पांच साल में एक बार चुनाव में ही यहां आते थे.



अमेठी लोकसभा सीट के तहत पांच विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें अमेठी जिले की तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और गौरीगंज सीटें शामिल हैं. जबिक रायबरेली जिले की सलोन विधानसभा सीट आती है. 2017 के विधानसभा चुनाव में 5 सीटों में से 4 सीटों पर बीजेपी और महज एक सीट पर एसपी को जीत मिली थी. हालांकि सपा-कांग्रेस गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतरी थी, फिर भी जीत नहीं सकी थी. सपा ने तो गौरीगंज सीट जीत ली, लेकिन कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली.
अमेठी संसदीय सीट को कांग्रेस का दुर्ग कहा जाता है. इस सीट पर अभी तक 16 लोकसभा चुनाव और 2 उपचुनाव हुए हैं. इनमें से कांग्रेस ने 16 बार जीत दर्ज की है. वहीं 1977 में लोकदल और 1998 में बीजेपी को जीत मिली है. जबकि बसपा और सपा अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल सकीं हैं..
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