राहुल गांधी के गढ़ अमेठी के दो युवाओं को Twitter पर फॉलो कर रहे हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री द्वारा फॉलो किये जा रहे दोनों युवा अमेठी बीजेपी के आईटी सेल के संयोजक है. दोनों युवा इस बात से खासे उत्साहित हैं कि जिसे पूरी दुनिया फॉलो कर रही है, वे उन्हें फॉलो कर रहे हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 31, 2019, 11:25 AM IST
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Updated: January 31, 2019, 11:25 AM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियत ट्विटर पर किसी से छिपी नहीं है. उन्हें फॉलो करने वालों की संख्या वैसे तो साढ़े चार करोड़ से भी अधिक है.लेकिन पीएम मोदी खुद दो हजार एक सौ 22 लोगों को फॉलो करते हैं. इस लिस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी के दो युवा भी शामिल है. एक पेशे से किसान है तो दूसरा इंजिनीयर.

प्रधानमंत्री द्वारा फॉलो किये जा रहे दोनों युवा अमेठी बीजेपी के आईटी सेल के संयोजक है. दोनों युवा इस बात से खासे उत्साहित हैं कि जिसे पूरी दुनिया फॉलो कर रही है, वे उन्हें फॉलो कर रहे हैं. दोनों को ही लगता है कि प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें फॉलो किया जाना नए साल का सबसे बड़ा उपहार है.

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दरअसल अमेठी जिले के तिलोई विधानसभा के जायस कस्बे के रहने वाले विवेक महेश्वरी कई वर्षों से बीजेपी से जुड़े हैं. विवेक महेश्वरी बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन के साथ ही सीडेक मुंबई से पीजी डिप्लोमा किए हुए हैं. विवेक कहते हैं कि मोदी जी आम लोगों से जुडऩे में संकोच नहीं करते हैं. चुनाव हारने के बाद अमेठी के लोगों के सुख-दुख में स्मृति के शामिल होने की आदत की भी वह तारीफ करते हैं. विवेक का कहना है कि पीएम द्वारा फॉलो किया जाना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है.

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वहीं दूसरे युवा बहादुरपुर ब्लॉक के मुबारकपुर मुखेतिया निवासी रवि सिंह हैं. रवि 1992 से बीजेपी से जुड़े हुए हैं और पेशे से किसान हैं. रवि सिंह का कहना हैं कि आज से तीस दिन पहले एक जनवरी को पीएम ने उन्हें ट्विटर पर फॉलो किया तो विश्वास ही नहीं हुआ. पीएम द्वारा फॉलो किया जाना उनके लिए गर्व की बात है.

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बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेठी से 19 साल पुराना रिश्ता है. प्रधानमंत्री यहां पहली बार 1999 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जनसभा के लिए आये थे और दूसरी बार 2014 के आम चुनाव में प्रचार खत्म होने के ठीक पहले स्मृति ईरानी के पक्ष में कौहार में जनसभा को संबोधित करने आये थे. प्रधानमंत्री की जनसभा ने स्मृति ईरानी की जीत-हार के अंतर को काफी कम कर दिया था.

(रिपोर्ट: पप्पू अमेठी)

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