हार के बाद संजय गांधी की तर्ज पर राहुल मजबूत करेंगे अमेठी से रिश्ता!

कांग्रेस के इस दुर्ग को राहुल गांधी ने न छोड़ने का फैसला लेते हुए यहां अपनी सक्रियता बढ़ाने का निर्णय लिया है.

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 11:18 AM IST
हार के बाद संजय गांधी की तर्ज पर राहुल मजबूत करेंगे अमेठी से रिश्ता!
अमेठी दौरे पर आएंगे राहुल गांधी
Amit Tiwari
Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 11:18 AM IST
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 10 जुलाई को अमेठी पहुंच रहे हैं. अमेठी से तीन बार तक संसद का सफ़र तय करने वाले राहुल गांधी इस बार बीजेपी के स्मृति ईरानी से करीब 55 हजार वोटों से हार गए. उनके अमेठी दौरे को लेकर कहा जा रहा है कि वे अपने चाचा संजय गांधी की राह पर चलकर अपने दुर्ग में वापसी की तैयारी में जुटे हैं.

दरअसल, अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान राहुल गांधी कार्यकर्ताओं के साथ हार की समीक्षा करेंगे. साथ ही वह अमेठी की जनता को यह सन्देश देने की कोशिश करेंगे कि हार के बावजूद अमेठी से उनका रिश्ता टूटा नहीं है. यह ठीक वैसा ही है जैसा कि इमरजेंसी के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में संजय गांधी अमेठी से चुनाव हार गए थे. उसके बाद वे लगातार अमेठी दौरे पर आते रहे और पारिवारिक रिश्तों की दुहाई देकर जनता से रिश्तों को मजबूत किया. वे जब भी अमेठी आते अलग-अलग होर्डिंग लगाई जाती थी, जिसमे गांधी परिवार और अमेठी की जनता के बीच पारिवारिक संबंधों का जिक्र होता था. अब राहुल के दौरे पर भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिल सकता है.

हार के बाद राहुल-प्रियंका नहीं आए अमेठी

लोकसभा चुनाव में अमेठी की सीट हारने के बाद से राहुल गांधी और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी अमेठी नहीं आए. जिसके बाद अटकलें लगने लगी थी कि राहुल वायनाड की सीट से ही अपने रिश्तों को मजबूत करेंगे. लेकिन कांग्रेस के इस दुर्ग को राहुल गांधी ने न छोड़ने का फैसला लेते हुए यहां अपनी सक्रियता बढ़ाने का निर्णय लिया है.

उधर राहुल गांधी के दौरे को लेकर अमेठी की जनता के बीच अलग-अलग राय है. कुछ का मानना है राहुल गांधी ने अमेठी में काम किया होता तो उन्हें अमेठी की जनता नकार नहीं देती तो कुछ ने कहा कि अमेठी गांधी नेहरू परिवार का गढ़ है राहुल गांधी को अमेठी आना चाहिए.

अमेठी कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा


कांग्रेस जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा ने बताया कि राहुल एक दिवसीय कार्यक्रम पर यहां आ रहे हैं. वे यहां ग्रामसभा अध्यक्ष, न्याय पंचायत अध्यक्ष, पार्टी के वरिष्ठ नेता फ्रंटल संगठन के पदाधिकारी के साथ बैठक करेंगे. साथ ही वे कुछ शोक संतप्त परिवारों से भी मिलेंगे. योगेश मिश्रा ने बताया कि राहुल गांधी अपने घर और परिवार के बीच आ रहे हैं. उनका यहां हमेशा स्वागत रहा है. उनके आने से कार्यकर्ताओं में जोश का संचार होगा. जो निराशा का भाव कार्यकर्ताओं के मन में बना हुआ था. उनके आने से उन्हें उर्जा मिलेगी और अमेठी फिर से उसी तरफ आगे बढ़ेगी जिस तरह अमेठी ने राजीव जी से लेकर संजय जी के समय देखा था. उस परिवार का जो रिश्ता है वह अमेठी से मजबूत रहा है और चुनाव में हार जीत से इसका कोई मूल्यांकन नहीं हो सकता.
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जीत के बाद भी स्मृति अमेठी में हैं एक्टिव

2014 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद भी स्मृति ईरानी ने अमेठी से नाता जोड़े रखा. उन्होंने खुद को दीदी बताकर अमेठी के लोगों में अपने लिए जगह बनाई और 2019 में कांग्रेस के अभेद्य माने जाने वाले किले को फतेह किया. चुनाव प्रचार के दौरान भी स्मृति ईरानी राहुल गांधी पर अमेठी की अनदेखी का आरोप लगाती रही. उनका कहना था कि राहुल सिर्फ नामांकन और चुनाव जीतने के बाद ही अमेठी आते हैं.

सुरेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा देती स्मृति ईरानी


स्मृति ईरानी जीत के बाद भी अमेठी का तीन बार दौरा कर चुकी हैं. पहली बार वे 26 मई को अमेठी पहुंची जब उनके करीबी नेता सुरेंद्र सिंह की हत्या हो गई थी. इस दौरान उन्होंने सुरेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा देकर सभी के दिलों में जगह बनाई थी. दूसरी बार वे अमेठी के दौरे पर 22 जून को पहुंची. इस दौरान उन्होंने एक बीमार महिला को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया था. इसके बाद वे 6 जुलाई को भी अमेठी के दौरे पर पहुंची.

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First published: July 9, 2019, 11:18 AM IST
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