अमेठी में राहुल गांधी जो 15 साल में नहीं कर सके, वह करेंगी स्मृति ईरानी
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अमेठी में राहुल गांधी जो 15 साल में नहीं कर सके, वह करेंगी स्मृति ईरानी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में घर बनवाएंगी. (फाइल फोटो)

स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधते हुए कहा, 'नामदार लोग यहां से सांसद चुन कर जाने के बाद पांच साल लापता रहते थे. अमेठी की जनता चिराग लेकर यहां से दिल्ली तक खोजती थी फिर भी नहीं मिलते थे.'

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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी लोकसभा चुनाव में अमेठी से मिली शानदार जीत के बाद अपने संसदीय क्षेत्र पहुंची थीं. उन्होंने इस दौरान एक ऐसी घोषणा की, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. उन्होंने ऐलान किया कि वे अमेठी में अपना घर बनवाएंगी. यहां गौर करने वाली बता यह भी है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 15 साल तक सांसद रहने बाद भी यहां पर अपना घर नहीं बनवाया.

स्मृति ईरानी ने अमेठी में घर बनाने की घोषणा उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और PWD मंत्री केशव प्रसाद मौर्या की उपस्थिति में की. केंद्रीय मंत्री ने गौरीगंज में अपने घर के लिए प्लॉट भी देख ली है. उन्होंने कहा, 'अमेठी में अब मेरा स्थायी घर होगा और यह सबके लिए खुला रहेगा. अब मैं यहां की अतिथि नहीं रहूंगी.'

राहुल गांधी पर जमकर साधा निशाना
स्मृति ईरानी ने अपने दो दिवसीय अमेठी दौरे के पहले दिन एक जनसभा को राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'नामदार लोग यहां से सांसद चुन कर जाने के बाद पांच साल लापता रहते थे. अमेठी की जनता चिराग लेकर यहां से दिल्ली तक खोजती थी फिर भी नहीं मिलते थे.'



उन्होंने कहा कि अमेठी की जनता के फैसले की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी है. अमेठी की जनता ने नामदारों की विदाई कर विकास को चुना है. एक सामान्य परिवार के सदस्य को अमेठी ने मौका दिया है. उन्होंने कहा, 'पूरी ईमानदारी से सेवा करूंगी.'



कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी से पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को 50 हजार से अधिक वोट से हराने वाली स्मृति ईरानी ने कहा कि जिन लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया है, उन्हें विकास कार्यों और योजनाओं से वंचित नहीं रखा जाएगा. कांग्रेस को वोट देने वाले चार लाख लोगों से कोई भेदभाव नहीं होगा.

15 साल तक राहुल रहे यहां से सांसद
राहुल गांधी अमेठी से पहली बार 2004 में चुनकर लोकसभा पहुंचे थे. राहुल 2019 तक यानी 15 साल यहां के प्रतिनिधि रहे. इससे पहले 1999 में यहां से सोनिया गांधी को जीत मिली थी. इतने समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी गांधी परिवार ने यहां पर अपने लिए कोई स्थायी घर नहीं बनवाया था. वे यहां आने पर गेस्ट हाउस में रहा करते थे.

अमेठी में स्मृति ईरानी के घर बनवाने के फैसले से यह साफ हो रहा है कि वे इस क्षेत्र से अपना लगाव लंबे समय तक बनाए रखना चाहती हैं. घर बनाने के ऐलान के अलावा केंद्रीय मंत्री ने अमेठी के लिए कई अन्य योजनाओं की भी घोषणा की.

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