लाइव टीवी

स्मृति ईरानी के हलफनामे पर कांग्रेस का तंज, कहा- 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं'

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 12, 2019, 4:40 PM IST
स्मृति ईरानी के हलफनामे पर कांग्रेस का तंज, कहा- 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थीं'
स्मृति ईरानी

दरअसल, स्मृति ईरानी की शिक्षा को लेकर काफी विवाद होता रहा है. उन्होंने 2004 और 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता को लेकर अलग-अलग दावे किए थे.

  • Share this:
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को अमेठी लोकसभा सीट से नामांकन किया. नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामे में स्मृति ईरानी ने कहा है कि वे ग्रेजुएट नहीं हैं. उन्हें बीच में ही कॉलेज छोड़ना पड़ा. जिसके बाद से कांग्रेस पार्टी स्मृति ईरानी की डिग्री को लेकर हमलावर है. कांग्रेस का कहना है कि स्मृति ईरानी का हलफनामा प्रमाणित करता है कि पूर्व में उन्होंने झूठ बोला था. लिहाजा उनका नामांकन ख़ारिज किया जाना चाहिए.

पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की थीम लाइन पर स्मृति ईरानी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं, एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते एफिडेविट नए हैं'. न्यूज एजेंसी ANI ने ट्विटर पर इसका वीडियो शेयर किया है.

यूपी प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि स्मृति ईरानी द्वारा डिग्री के अपने झूठ को नामांकन हलफनामे में प्रमाणित करने पर उनकी जगह जनता और संसद में नहीं जेल में है. उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी जो बार-बार जनता से और चुनाव आयोग से झूठ बोल रही हैं, एक बार फिर से उनका झूठ उजागर हुआ है. आज हकीकत सामने आ गई है.

बीजेपी ने ऐसे नेता को देश का महत्वपूर्ण पद मानव संसाधन विकास मंत्रालय अर्थात शिक्षा मंत्री बनाया, जिसकी खुद की योग्यता पर हमेशा संदेह बना रहा. आख़िरकार हकीकत निकलकर सामने आ गई है कि वह स्नातक भी पूर्ण नहीं हैं. यही मोदीजी की बीजेपी के न्यू इंडिया का विजन है.


Loading...



उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी कभी अपने आप को बीए पास तो कभी बी.कॉम और इस बार के चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपने झूठ को स्वयं प्रमाणित किया है कि वह बी.कॉम फेल हैं. हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि स्मृति ईरानी का नामांकन खारिज करें. ऐसे लोगों की जगह जनता और संसद में नहीं बल्कि जेल में है.

दरअसल, स्मृति ईरानी की शिक्षा को लेकर काफी विवाद होता रहा है. उन्होंने 2004 और 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता को लेकर अलग-अलग दावे किए थे.

यह भी पढ़ें: जब सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी की डिग्री पर खड़े कर दिए थे सवाल

2004 में दिल्ली के चांदनी चौक से लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान स्मृति ईरानी ने शपथ पत्र में कहा था कि उन्होंने बीए पास किया है. लेकिन 2014 में उन्होंने जब अमेठी से नामांकन भरा तो शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता बी.कॉम बताई थी. इन दोनों शपथ पत्रों में बताई गई अलग-अलग शैक्षिक योग्यता के कारण काफी विवाद उठा था और सार्वजनिक बहसों और मंचों पर उनसे इस बारे में सवाल भी पूछे गए थे. मामला इतना बढ़ा कि कोर्ट तक जा पहुंचा था. जिस समय यह विवाद हुआ था, उस समय स्मृति मानव संसाधन विकास मंत्री के पद पर कार्यरत थीं.

यह भी पढ़ें: कैराना: बटन दबाया कमल का, वोट पड़ी कप-प्लेट पर, शिकायत के बाद बदली EVM

यह भी पढ़ें: दस्यु सम्राट मलखान सिंह ने कहा, चंबल का बागी धरौहरा के सियासी डाकुओं का करेगा सफाया

यह भी पढ़ें: 5 साल में घटी सोनिया गांधी की इनकम, इटली में लाखों की संपत्ति

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अमेठी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 12, 2019, 11:45 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...