अमेठी: जमीन पर गांव के दबंगों ने किया कब्जा, सैनिक न्याय के लिए परिवार संग SDM ऑफिस के बाहर धरने पर बैठा

सैनिक बृजेश कुमार दुबे जम्मू के पुंछ में तैनात हैं. ( सांकेतिक फोटो)

अमेठी (Amethi) में देश की सीमा की सुरक्षा में तैनात एक सैनिक न्याय के लिए एसडीएम ऑफिस के बाहर पत्नी और बच्चे के साथ धरने पर बैठा है. सैनिक बृजेश कुमार दुबे (Brijesh Kumar Dubey)का आरोप है कि उसकी जमीन पर अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है.

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अमेठी. एक तरफ जहां चीन विवाद के बाद लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को लेकर पूरे देश मे गुस्सा और शोक की लहर है तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Union Minister Smriti Irani) के संसदीय क्षेत्र अमेठी (Amethi) में देश की सीमा की सुरक्षा में तैनात एक सैनिक न्याय के लिए एसडीएम ऑफिस के बाहर पत्नी और बच्चे के साथ धरने पर बैठा है. सैनिक बृजेश कुमार दुबे (Brijesh Kumar Dubey) का आरोप है कि उसकी जमीन पर अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है और साथ ही उसे एससी-एसटी के मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं.

सैनिक ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय प्रसाशन से की, लेकिन प्रसाशन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे परेशान होकर सैनिक ने एसडीएम ऑफिस परिसर में जमीन पर परिवार संग बैठकर न्याय की गुहार लगा रहा है. जबकि दबंग लोग सैनिक और उसकी पत्नी बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहें हैं.

सैनिक 40 राष्ट्रीय रायफल डोगरा रेजिमेंट के सदस्‍य है
मामला संग्रामपुर थाना क्षेत्र के कनू केवलापुर गांव का है, जहां के रहने वाले सैनिक बृजेश कुमार दुबे 40 राष्ट्रीय रायफल डोगरा रेजिमेंट जम्मू के पुंछ में तैनात हैं. सैनिक ने घर के सामने एक जमीन खरीद कर उसमें एक मढ़हा बनवाया है. मड़हे पर पड़ोस के रहने वाले अनुसूचित जाति के लोगों के जबरन कब्जा कर किया गया है. वह जब भी मड़हे में जाते है तो उन लोगों द्वारा एससी-एसटी के मामले में फंसाने की धमकी दी जाती है. सैनिक द्वारा इस मामले की शिकायत भी जिले में डीएम और एसडीएम से की गई, जिसमें स्थानीय पुलिस ने दबंगों पर मुकदमा भी दर्जकर दिया, लेकिन उसके बाद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

फिलहाल इस पूरे मामले पर स्थानीय प्रसाशन की बड़ी संवेदनहीनता भी सामने आई, जहां सैनिक अपनी पत्नी और बच्चे के साथ घंटो धूप में बैठा रहा. जबकि एसडीएम योगेंद्र कुमाए सिंह अपने एसी कमरे में बैठे रहे और एक बार भी बाहर आकर फौजी से बात करना भी मुनासिब नहीं समझा.

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पीड़ित सैनिक ने ही ये बात
जबकि पीड़ित सैनिक ने कहा कि हमने जमीन का बैनामा कराया था जिसकी खारिज दाखिल भी हो गई है और जबरन गांव के लोगों द्वारा उस पर कब्जा कर लिया गया है. मैंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है और हमें कोर्ट जाने के लिए कह रहे हैं. जबकि दबंग लोग सैनिक और उसकी पत्नी बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहें हैं. वहीं, पूरे मामले पर अमेठी के उपजिलाधिकारी ने मीडिया से बात करने से मना कर दिया.