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JNU हिंसा पर स्मृति ईरानी बोलीं- शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 6, 2020, 1:17 PM IST
JNU हिंसा पर स्मृति ईरानी बोलीं- शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं
अमेठी पहुंची केंद्रीय मंत्री और सांसद स्मृति ईरानी ने जेएन हिंसा मामले में अहम बयान दिया है.

जेएनयू हिंसा (JNU Violence) मामले में स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए, इससे छात्रों के जीवन पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि मैं आशान्वित हूं, आशावादी हूं कि राजनीति अखाड़े में मोहरे की तरह इस्तेमाल छात्रों को न किया जाए.

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अमेठी. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smeiti Irani) अमेठी (Amethi) पहुंची हैं. यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान जेएनयू हिंसा (JNU Violence) और राजस्थान (Rajasthan) के कोटा (Kota) में बच्चों की मौत पर अपनी राय दी. जेएनयू हिंसा को लेकर स्मृति ईरानी ने साफ कहा कि शैक्षिणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए, वहीं कोटा में बच्चों की मौत पर स्मृति ईरानी ने सचिन पायल के बयान को आधार बनाकर साफ किया कि कही न कहीं राजस्थान सरकार की कमी है.

जेएनयू हिंसा मामले में स्मृति ईरानी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए, इससे छात्रों के जीवन पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि मैं आशान्वित हूं, आशावादी हूं कि राजनीति अखाड़े में मोहरे की तरह इस्तेमाल छात्रों को न किया जाए.



उपस्थित नहीं थे मेडिकल ऑफिसर्स

वहीं कोटा के अस्पताल में बच्चों की मौत पर स्मृति ईरानी ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई भी गरीब आता है, तो उसे उम्मीद रहती है कि भले ही उसके पास पैसे न हो लेकिन सरकारी व्यवस्था उसे संरक्षण देगी. राजस्थान की दृष्टि से मैंने पहले भी कहा और आज भी कह रही हूं कि जब इस तरह का विषय सामने आया तब से लेकर अब तक अस्पताल के जो मेडिकल ऑफिसर्स हैं,  जिन्हें नेशनल प्रोटक्शन ऑफ चाइल्ड राइट की तरफ से समन किया गया था और जब चेयरमैन वहां गए थे, तभी वो वहां उपस्थित नहीं रहे थे. तो जिम्मेदार लोग अपने दायित्व का निर्वहन किस प्रकार से कर रहे हैं.

'सचिन पायलट ने स्वीकारा- कमी रह गई है'

स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर उस पर भी संवाद न करें तो जनता को समाधान देने में निश्चित रूप से समस्या आती है. मेरा आग्रह है कि राजस्थान सरकार केंद्र की तरफ से जो पहल हुई है, उस पर गौर करे. स्मृति ईरानी ने साथ ही कि सचिन पायलट के बयान पर कहा कि उन्होंने इस बात को स्वीकारा कि कहीं न कहीं राजस्थान सरकार से कमी रह गई है.

इनपुट: पप्पू पांडेय

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First published: January 6, 2020, 10:52 AM IST
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