अमेठी दौरे पर स्मृति ईरानी और राहुल गांधी, बीजेपी-कांग्रेस में शुरू हुई जुबानी जंग

बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी का स्मृति से कोई मुकाबला नहीं है. जब भी स्मृति अमेठी आकर क्षेत्र की जनता को सौगात देती हैं तो राहुल को मिर्ची लगती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 12, 2018, 6:23 PM IST
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Updated: April 12, 2018, 6:23 PM IST
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बैक-टू-बैक अमेठी दौरे के लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है. एक तरफ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दो दिवसीय अमेठी दौरे पर जाकर करोड़ो रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगी, और 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जान फूकेंगी तो वहीं दूसरी तरफ ठीक उनके दौरे के दूसरे दिन उनको जवाब देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष और अमेठी सांसद राहुल गांधी भी दो दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंच रहे हैं.

दोनों राजनेताओ के अमेठी पहुंचने से पहले सियासी सरगर्मी के साथ ही आरोप-प्रत्यारोपो का सिलसिला भी शुरू हो गया है. कांग्रेस जहां बीजेपी पर सियासी ड्रामा करने का आरोप लगा रही है तो बीजेपी राहुल गांधी को विकास न करने के मुद्दे पर घेरने का प्रयास कर रही है.



अपने दौरे के दौरान स्मृति अमेठी में कृषि विज्ञान केंद्र, पीपरी बांध का उद्धघाटन, दो ब्लॉको में वाई-फाई की सुविधा के अलावा कई योजनाओं का शिलान्यास करेंगी. इस कार्यक्रम को लेकर बीजेपी नेता भी काफी उत्साहित हैं और दौरे को एक सौगात के तौर में देख रहे हैं.

बीजेपी के जिलाध्यक्ष ने जहां स्मृति के इस दौरे को अहम माना है वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं. बीजेपी का कहना है कि राहुल अमेठी में आकर ड्रामा करते हैं और स्मृति के कामों पर पानी फेरते हैं. बीजेपी का कहना है कि केंद्र में 10 साल कांग्रेस की सरकार रही इस दौरान राहुल अमेठी में एक सेंट्रल स्कूल तक नहीं खुलवा सके. स्मृति ने सेंट्रल स्कूल दिया, सैनिक स्कूल दिया, कौशल विकास केंद्र दिया, पिपरी का बांध सहित कई योजनाएं दी.

बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी का स्मृति से कोई मुकाबला नहीं है. जब भी स्मृति अमेठी आकर क्षेत्र की जनता को सौगात देती हैं तो राहुल को मिर्ची लगती है. राहुल हमेशा कहते हैं कि उनकी योजानाएं अमेठी से चली गई लेकिन वो सिर्फ कागजों पर ही थीं. उनकी योजनाएं सिर्फ कागजी थीं जिनके बंद होने का कोई सवाल ही नहीं उठता.

वहीं कांग्रेस भी स्मृति के दौरे पर सवाल उठाने में पीछे नहीं है. कांग्रेस की मानें तो स्मृति ईरानी पर्यटन के लिए अमेठी आती हैं और सिर्फ मीडिया में लीड लेने का काम करती हैं. कांग्रेस का कहना है कि स्मृति जब भी अमेठी आती हैं यहां की योजनाएं लेकर चली जाती हैं.

कांग्रेस ने तंज मारते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जो योजनाएं अमेठी के लिए स्वीकृत कराई थीं स्मृति ने उसी को चालू कर दिया वहीं बड़ी बात है. इसके साथ ही कांग्रेस सवाल किया कि स्मृति ने कुछ दिन पहले ही 10 हजार गाय देने का वायदा किया था उसका क्या हुआ? कांग्रेस का कहना है कि स्मृति अभी तक 8-10 बार अमेठी आई लेकिन केवल पिकनिक मनाने के लिए.
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