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पिछले 2 सालों में यूपी पुलिस में 360 डिग्री में सुधार किया: डीजीपी ओपी सिंह

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 2, 2019, 3:16 PM IST
पिछले 2 सालों में यूपी पुलिस में 360 डिग्री में सुधार किया: डीजीपी ओपी सिंह
अमेठी पहुंचे डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में काफी सुधार हुआ है.

डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने 360 डिग्री में विकास किया है. हम अपराधियों पर प्रहार के साथ ही अपना आचरण और व्यवहार भी दुरुस्त कर रहे हैं.

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अमेठी. उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) शनिवार को अमेठी (Amethi) पहुंचे. इस दौरान उन्होंने न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रदेश पुलिस की बदलती कार्यशैली से लेकर अपराध नियंत्रण (Crime Control) और कम्युनिटी पुलिसिंग (Community Policing) आदि पर जानकारी दी. डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने 360 डिग्री में विकास किया है. हम अपराधियों पर प्रहार के साथ ही अपना आचरण और व्यवहार भी दुरुस्त कर रहे हैं.

'हमारे पुलिसकर्मी कर रहे अच्छा परफॉर्म'

डीजीपी ने कहा स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी और उन्होंने बताया था कि हम स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था कर सकते हैं. स्मार्ट मतलब पुलिस संवेदनशील हो, मॉडर्न हो, मोबिलिटी ज्यादा हो, टेक्नोलॉजी युक्त हो. डीजीपी ने कहा कि यूपी पुलिस ने 360 डिग्री में विकास किया है क्योंकि एक तरफ जहां हम अपराधियों पर प्रहार कर रहे हैं, अपराधियों पर ऑपरेशन कर रहे हैं, उसी तरह हमने अपने कम्युनिटी पुलिसिंग पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया है. यही कारण है कि हमारे पुलिसकर्मी अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं.

बुजुर्गों के लिए 'सवेरा' कार्यक्रम से बेहतर होगा रिस्पांस टाइम

बच्चों को पढ़ाना, उनकी सेवा करना, महिलाओं के क्षेत्र में उनकी मदद करना, बुजुर्गों के किस प्रकार हम सेवा कर सकते हैं? अभी हाल ही में हम लोगों ने सवेरा करके प्रोग्राम शुरू किया है. उसमें हमने जितने भी वरिष्ठ नागरिक हैं, उन्हें पंजीकृत करने जा रहे हैं. ताकि उनको रिस्पांस दिया जा सके. उनके साथ हमारी रेगुलर मीटिंग हो. डीजीपी ने कहा कि इस व्यवस्था को हम हम आने वाले दो-तीन महीने में पूरे प्रदेश में लागू कर सकेंगे ताकि हम रिस्पांस अच्छे से कर सकें.

5 लाख अपराधियों की कुंडली त्रिनेत्र ऐप पर

डीजीपी ने कहा कि इसी को ध्यान में रखकर हमने एक मोबाइल एप बनाया है. तकनीकी क्षेत्र में भी हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. हमने एक ऐसा त्रिनेत्र ऐप तैयार किया है, जिसमें 5 लाख ऐसे क्रिमिनल हैं जिनकी फोटोग्राफ्स को हमने उस में ऐड किया है. हमारा इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर उसी स्मार्टफोन को लेकर जाता है और वह तुरंत पहचान में लाने की कोशिश करता है कि कौन ऐसे क्रिमिनल हैं?
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पहली बार यूपी में हुए 44  हजार पुलिसकर्मियों के प्रमोशन

डीजीपी ने कहा कि पिछले 2 सालों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 360 डिग्री में काम किया है. उनके परफॉर्मेंस और व्यवहार, आचरण में सुधार हुआ है. हमने फास्टेस्ट प्रमोशन देने का काम किया है. 2018 में 44,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिए गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में आज तक प्रमोशन नहीं दिए गए थे. 80,000 पुलिसकर्मियों को रिक्रूट किया गया. ट्रेनिंग का कार्यक्रम चलाया गया.

आचरण में सुधार की उदाहरण है कुंभ की सफलता

डीजीपी ने बताया कि ट्रेनिंग में बहुत सुधार हुआ है. हमने थर्ड पार्टी असेसमेंट कराया, जिसमें 75 से 80 प्रतिशत जनता ने इस बात को स्वीकार किया कि हमारे पुलिसकर्मियों के आचरण में व्यवहार में सुधार आया है. यही कारण है कि कुंभ मेले में सुरक्षा को लेकर उनके आचरण, व्यवहार की भी शिकायत कहीं नहीं आई. पूरे विश्व में इस बात की चर्चा रही कि उत्तर प्रदेश की पुलिसकर्मियों ने बहुत ही अच्छे ढंग से लोगों की सेवा करते हुए पुलिसिंग की.

महिलाओं की समस्या के लिए महिला पुलिस अफसर

डीजीपी ने बताया कि हमने 2 प्रयोग किए हैं. महिला पुलिस ऑफिसर को हम लोगों ने नोडल ऑफिसर बनाया है. ये 75 जिले हैं और वहां जाकर ज्यादातर महिलाओं की समस्याओं को सुनती हैं. इसके साथ ही सीनियर ऑफिसर्स को हम लोगों ने नोडल ऑफिसर बनाए हैं, उनको अलग-अलग जिलों में भेजा गया है. उनकी रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा और उसका एक सकारात्मक निष्कर्ष निकाला जाएगा कि कैसे हम एक बेहतर पुलिसिंग कर सकें. उन्होंने कहा कि हम इस रिपोर्ट को सरकार को सौंपेंगे.

प्रदेश में पुलिसकर्मियों को  वीकली ऑफ जल्द

डीजीपी ओपी सिंह ने बॉर्डर स्कीम और जो पुलिसकर्मियों की छुट्टियां लैप्स हो जाती हैं, उसको लेकर कहा कि हमने जो रिपोर्ट मंगाई थी, उसमें हमारा फीडबैक बहुत अच्छा है. वीकली ऑफ हम बाराबंकी और कानपुर में दे रहे हैं. उसका फीडबैक बहुत अच्छा आया है. आने वाले समय में उसे हम प्रदेश के अन्य जनपदों में लागू करेंगे. साथ ही हम बॉर्डर स्कीम पर भी हम कार्य कर रहे हैं. निकट भविष्य में उस पर भी कोई निर्णय लिया जाएगा.

अयोध्या फैसले को लेकर जमीन पर काम कर रही पुलिस

डीजीपी ने कहा कि अयोध्या केस पर आने वाले फैसले को लेकर हमने रणनीति बनाई है. पूरे प्रदेश की स्थिति को देखते हुए हमारा रिस्पांस कैसा है? समुदायों से हमा कितना व्यापक रिश्ता रख पाते हैं? उनसे कितनी हम मीटिंग कर पाते हैं? इस पर ध्यान दिया जा रहा है. डीजीपी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 2000 से अधिक पीस कमेटी की बैठक की जा चुकी है. हम कम्युनिटी पुलिसिंग, डिपार्टमेंटल कोआर्डिनेशन पर बहुत अच्छी तरीके से काम कर रहे हैं. हमने अपना सूचना तंत्र मजबूत किया है. यदि कोई भी पूरे माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

मेरे कार्यकाल में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ

डीजीपी ने कहा कि मेरे कार्यकाल में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हमने पेट्रोलिंग के माध्यम से, कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से लोगों के साथ संपर्क रखा है. अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करके और जितने भी हमारे केस हैं, उन्हें हम कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, ये सब साबित करता है कि हमने बहुत ही सशक्त पुलिसिंग प्रदेश को दी है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अराजक तत्वों की हिम्मत नहीं है कि कोई ऐसा काम करें, जिससे प्रदेश का माहौल बिगड़ सके.

कमलेश तिवारी हत्याकांड में जल्द लगाएंगे चार्जशीट

वहीं कमलेश तिवारी हत्याकांड में डी कंपनी का नाम सामने आने पर डीजीपी ने कहा कि हमने इन्वेस्टिगेशन कंप्लीट कर ली है. गुजरात हरियाणा अन्य प्रदेशों से बातचीत हो गई है. जल्दी हम इस मामले पर चार्जशीट लगाएंगे.

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First published: November 2, 2019, 3:16 PM IST
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