UP Panchayat Chunav 2021: नई आरक्षण व्यवस्था से 50 फीसदी तक बदल गया समीकरण, जानिए कब जारी होगी सूची

यूपी पंचायत चुनाव में  आज से कई जिलों में नामांकन पत्र मिलना शुरू हो रहे हैं. (File photo)

यूपी पंचायत चुनाव में आज से कई जिलों में नामांकन पत्र मिलना शुरू हो रहे हैं. (File photo)

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी नई व्यवस्था में कम से कम 40 से 50 फीसदी सीटों प आरक्षण की व्‍यवस्‍था बदल जाएगी. नई व्यवस्था में जो सीटें 2 मार्च को आरक्षित की गई थीं, वे अनारक्षित तो जो अनारक्षित थीं वे आरक्षित हो सकती हैं.

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अमेठी. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) में आरक्षण के तौर-तरीके पर इलाहाबाद हाइकोर्ट (HC) के दखल के बाद जारी नई आरक्षण नीति (Reservation Policy) से अमेठी में कम से कम 40 से 50 फीसदी सीटों की आरक्षण व्यवस्था में बदलाव होने जा रहा है. इससे यहां त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का समीकरण भी बदल जाएगा. शासन का निर्देश मिलने के बाद अमेठी का पंचायती राज विभाग नई व्यवस्था के तहत आरक्षण सूची को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है. जिले में आरक्षण सूची शनिवार देर शाम तक सार्वजनिक करने की तैयारी चल रही है.

शासन की ओर से साल 2015 की आरक्षण नीति में किए गए संशोधन के बाद अमेठी में पंचायत आरक्षण की सूची पिछले 2 मार्च को जारी की गई थी. उस सूची में जिले की कुल 682 ग्राम पंचायतों में से 100 सीटें अनुसूचित जाति और 56 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थीं. इसी तरह 644 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाएं, 117 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग और 112 सीटें महिला के लिए आरक्षित की गई थीं. जिले में 233 सीटें अनारक्षित रखी गई थीं.

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नए सिरे से आरक्षण हो रहा है तय
शासन की ओर से बुधवार रात जारी नई व्यवस्था में भी आरक्षित सीटों का आंकड़ा पहले जैसा ही रहेगा, लेकिन न्यूनतम 40 से 50 फीसदी सीटों का आरक्षण बदल जाएगा. नई व्यवस्था में जो सीटें 2 मार्च को आरक्षित की गई थीं, वे अनारक्षित और जो अनारक्षित थीं वे आरक्षित हो सकती हैं.

शनिवार देर शाम तक जारी हो सकती है आरक्षण सूची

निदेशालय से जारी निर्देश के अनुसार, विभिन्न पदों के लिए आरक्षण सूची को अंतिम रूप देने का कार्य जिले में गुरुवार को शुरू हो गया. अनंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन 20 से 22 मार्च के बीच होगा. इसके बाद 21 से 23 मार्च तक प्रत्याशियों से आपत्तियां ली जाएंगी. 24 से 25 मार्च के बीच आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद पंचायती राज विभाग 26 मार्च की शाम तक अंतिम आरक्षण सूची सार्वजनिक कर देगा.



जिला पंचायत भवन में भी चस्‍पा होगी सूची

अमेठी डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने कहा कि अमेठी में अनंतिम सूची शनिवार या रविवार को जारी कर दी जाएगी. आरक्षण नीति के अनुसार ग्राम पंचायत सीटों का आरक्षण बनाया जा रहा है. आरक्षण की अनंतिम सूची बन जाने के बाद उसे ब्लॉक, जिला पंचायत और विकास भवन में कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी.

जिला पंचायत अध्यक्ष का पद हुआ अनारक्षित

पहले शासनादेश के अनुसार जारी व्यवस्था में अमेठी में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट महिला के लिए आरक्षित हुई थी, लेकिन बुधवार की देर रात जारी नई व्यवस्था के अनुसार इस पद को अनारक्षित कर दिया गया है. अध्यक्ष का पद अनारक्षित होने से जिले में इस पद के लिए घमासान और बढ़ेगा. सीट अनारक्षित होने से ऐसे नेता भी इस चुनाव में सक्रिय दिखेंगे, जो पहले चुप बैठे रहते. सीट पर आरक्षण की स्थिति तय होने के बाद सभी दल नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटे हैं.

बदलती रही है स्थिति

अमेठी में साल 2010 में जिले का गठन होने के तत्काल बाद हुए जिला पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था. इस चुनाव में कांग्रेस की कमला सरोज जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं. उसके बाद साल 2012 में प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद इन्होंने सपा का दामन थाम लिया था, फिर साल 2015 में यह सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हुई. इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने शिवकली मौर्य का तो कांग्रेस ने कृष्णा चौरसिया का नामांकन कराया. बाद में कृष्णा चौरसिया के नामांकन वापस लेने से शिवकली निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हो गई थी.

जिले के 13 ब्लॉकों में गठित क्षेत्र पंचायत सदस्य के 877 पदों में 78 अनुसूचित जाति महिला, 144 पद अनुसूचित जाति, 83 पद पिछड़ा वर्ग महिला, 147 पिछड़ा वर्ग व 137 पद महिला के लिए आरक्षित किया गया है. बीडीसी के शेष 288 पद अनारक्षित रखे गए हैं.

कुछ दावेदार होंगे हिट तो कुछ फ्लॉप

शासन की ओर से पूर्व में जारी आरक्षण व्यवस्था के अनुसार 2 मार्च को आरक्षण की अनंतिम सूची सामने आने के बाद अलग-अलग पदों के लिए तैयार बैठे प्रत्याशी तन, मन, धन से जुट गए थे. कइयों ने तो पूरे क्षेत्र को होर्डिंग्स व फ्लैक्स से पाट दिया. नई व्यवस्था में इनमें से अधिकांश सीटों पर दावेदारों की गुढ़ा गणित ही बिगड़ने का आसार बनता दिखाई दे रहा है. इस अंदेशे ने दावेदारों की मानसिक परेशानी को बढ़ा दिया है तो कुछ प्रत्याश्यी अपने क्षेत्र की सीट आरक्षित मान बैठे है और अपनी जगह प्रत्यशियों की खोज बीन में जुट गए हैं.

बैठकों का दौर रहा जारी

गुरुवार को अमेठी में दिन भर अधिकारियों का बैठकों का दौर जारी रहा. जिलाधिकारी अरुण कुमार, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर लाठर और जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा समेत पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बैठक करते नजर आए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समय-समय पर शासन के अधिकारियों ने फीडबैक लिया.
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