VIDEO: बछड़े के जन्म पर 20 हजार लोगों ने किया भोज, जमकर हुआ डांस

खुशी के इस पल को यादगार बनाने के लिए नौटंकी भी बुलाई गई और ढोल-ताशों पर महिलाओं ने डांस भी किया. कार्यक्रम को लेकर पूरे अमेठी में होर्डिंग्स लगाए गए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 27, 2019, 9:13 AM IST
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Updated: January 27, 2019, 9:13 AM IST
राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के रहने वाले पूर्व ग्राम प्रधान विनोद सिंह ने ऐसी पहल की है, जो सुनने में भले ही हास्यापद लगे लेकिन इस पहल की चर्चा चारों तरफ हो रही है. दरअसल, यहां के एक गांव में गाय ने बछड़े को जन्म दिया, तो उसके मालिक ने इसके लिए बाकायदा बड़े पैमाने पर जन्मोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया.

इस कार्यक्रम में दर्जनों गांवों से लगभग 20 हजार लोगों को खाना खिलाया गया. साथ ही जहां महिलाओं ने बछड़े के लिए गीत गाए. वहीं, नौटंकी के प्रोग्राम में ढोल-ताशे पर लोगों ने नाच भी किया.



बता दें कि चंदईपुर के रहने वाले विनोद सिंह को गायों से बेहद प्रेम है और इन्होंने दो गाय भी पाली है, जिसमें से एक ने बीती 16 जनवरी को एक बछड़े को जन्म दिया. बछड़े की ख़ुशी में विनोद सिंह और उसका पूरा परिवार झूम उठा. पूरे परिवार ने सहमति से एक बड़े कार्यक्रम का प्लान किया और देखते-देखते ये कार्यक्रम इतना बड़ा हो गया कि इसकी चर्चा अमेठी में हर जगह होने लगी.

शहरभर में लगे होर्डिंग्स


इस कार्यक्रम में दर्जनों गांव के लगभग दस हजार लोग जुटे और कई दिनों से महिलाएं सोहर गीत से इस कार्यक्रम को परम्परागत बनाने में जुट गई. खुशी के इस पल को यादगार बनाने के लिए नौटंकी भी बुलाई गई और ढोल-ताशों पर महिलाओ ने डांस भी किया. कार्यक्रम को लेकर पूरे अमेठी में होर्डिंग्स लगाए गए, जिसे देखकर लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं. वहीं गोवंश के निकासन समारोह के पुरोहित रामापति शास्त्री ने बताया कि गोवंश के निकासन संस्कार का कार्यक्रम किया गया है. इससे पहले महाराजा दिलीप सिंह ने इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया था.

डांस करती महिलाएं


इस गांव के साथ-साथ आस-पास के गांव के कल्याण की कामना के लिए ये कार्यक्रम हो रहा है. उन्होंने बताया कि जहां एक तरफ लोग आज गाय को आवारा छोड़ दे रहे हैं, वहीं विनोद सिंह जैसे लोग उदाहरण बन रहे हैं. चंदईपुर के रहने वाले विनोद सिंह ने बताया कि अगर इस तरह सबकी सोच हो जाए, तो जानवरों के प्रति हो रहे अत्याचार पर अंकुश लग सकता है और इससे समाज में बड़ा बदलाव हो सकता है.
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(रिपोर्ट: पप्पू पांडेय)

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