2019 लोकसभा चुनाव: बीजेपी के स्टार प्रचारक बनकर उभरे योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्यप्रदेश में 17 रैलियां की. इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ में 23 और राजस्थान में 26 रैलियों में भाग लिया.

Pranshu Mishra | News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 2:04 PM IST
2019 लोकसभा चुनाव: बीजेपी के स्टार प्रचारक बनकर उभरे योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Pranshu Mishra | News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 2:04 PM IST
पिछले एक महीने के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे व्यस्त नेता बन गए हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव के पांच में से चार राज्यों में प्रचार किया. इस दौरान उन्होंने 74 रैलियां की है. सबसे ज़्यादा 26 रैली उन्होंने राजस्थान में की. इतना ही नहीं सीएम योगी ने चुनावी प्रचार में इस बार पीएम नरेन्द्र मोदी को भी पीछे छोड़ दिया. उन्होंने मोदी से ज़्यादा रैलियां की.

हाल के दिनों में चुनाव योगी आदित्यनाथ  बीजेपी के स्टार प्रचारक बनकर उभरे हैं. योगी की लोकप्रियता पार्टी की बदलती राजनीतिक रणनीति की ओर भी इशारा करती है.

बीजेपी के एक सीनियर नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ''राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ इन तीन राज्यों में इस बार पार्टी को कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिली है. ऐसे में बीजेपी ने यहां हिन्दुत्व का मुद्दा जम कर उठाया और इस मुद्दे का प्रचार-प्रसार योगी से बेहतर कौन कर सकता था.''

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्यप्रदेश में 17 रैलियां की. इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ में 23 और राजस्थान में 26 रैलियों में भाग लिया. योगी ने तेलंगाना में भी प्रचार किया. बीजेपी के किसी भी स्टार प्रचारक ने इस बार इन चुनाव में इतनी रैलियां नहीं की.

सीएम योगी ने अपनी ज्यादातर रैलियों में हिन्दुत्व का मुद्दा उठाया साथ ही उन्होंने कई बार भगवान राम का भी नाम लिया. उन्होंने ऐसे वक्त में ये मुद्दा उठाया, जब अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग लगातार उठ रही है.

जानकारों की मानें तो ज्यादा से ज़्यादा वोटरों को अपने पक्ष में मोड़ने की ये रणनीति थी. योगी आदित्यनाथ ने हिन्दुत्व का मुद्दा उठाया. जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद को विकास पुरुष के तौर पर पेश किया.

लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया एडवाइज़र इस बात से सहमत नहीं रखते हैं कि बीजेपी ने अपनी चुनावी रणनीति बदली है. इन पांच राज्यों में चुनाव से पहले भी योगी आदित्यनाथ की काफी डिमांड थी. गुजरात और कर्नाटक में भी उन्होंने चुनावी रैली की थी. लेकिन गुजरात और कर्नाटक में उन्होंने हिन्दुत्व का मुद्दा जोर-शोर से नहीं उठाया था.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्यप्रदेश में विवादित बयान दिया, ''आपको अली मुबारक, हमारे लिए तो बजरंगबली ही काफी है.'' राजस्थान में उन्होंने ये कह कर विवाद खड़ा कर दिया कि भगवान हनुमान 'दलित' थे.

सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में योगी की मांग इसलिए ज़्यादा थी क्योंकि आरएसएस से उनकी नजदीकियां है. राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राजस्थान जैसे राज्यों में वोट दिलाने में मोदी से ज्यादा योगी असरदार साबित हो सकते हैं. वो ज़्यादा से ज़्यादा एससी/एसटी समुदाय का ध्यान खींच सकते हैं. गोरखनाथ मठ से उनका जुड़ाव भी काफी फायदेमंद साबित होता है.

हाल के दिनों में राजनीतिक कमिटमेंट के चलते योगी आदित्यनाथ की उत्तरप्रदेश में आलोचना भी हुई है, खासकर बुलंदशहर हिंसा में. अब 11 दिसंबर को ये साफ हो जाएगा कि योगी का प्रचार कितना असरदार रहा.

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