CM योगी के दीपोत्सव के लिए देश के 8 राज्यों से 1 लाख दीये लाए जाएंगे अयोध्या

अयोध्या में चौथे दीपोत्सव की तैयारी जोर शोर से चल रही है. (सांकेतिक तस्वीर)
अयोध्या में चौथे दीपोत्सव की तैयारी जोर शोर से चल रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

दीपोत्सव (Deepotsav) के लिए देश के 8 राज्यों के 70 हजार परिवारों से दीये आ रहे हैं. ये सारे दीये 11 नवंबर को अयोध्या पहुंच जाएंगे.

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अयोध्या. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के चौथे दीपोत्सव (Deepotsav) में इको फ्रेंडली दीये जलाने की योजना है. यह दीये गोबर और मिट्टी से बनाए जा रहे हैं, जो राम की पैड़ी अयोध्या के अन्य स्थलों पर जगमगाएंगे. गोबर व मिट्टी से बने एक लाख दीये इस बार के दीपोत्सव में जलाने का लक्ष्य रखा गया है.

नगर आयुक्त विशाल सिंह का दावा है कि अगले वर्ष के दीपोत्सव में लगभग 5 लाख गोबर के दीये जलाए जाएंगे. सहकार भारती व नगर निगम अयोध्या के सहयोग से बेसिंग गोशाला में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था कि वे गोबर व मिट्टी मिलाकर एक लाख दीये बनाएं जिससे इको फ्रेंडली दीये दीपोत्सव में जगमग हो सके. इसकी कीमत प्रति दीया एक रुपये से सवा रुपये है. इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है, जो मुख्यधारा से जुड़ रही हैं.

नगर आयुक्त ने बताया कि यह दीये जल्द ही मिट्टी में मिल जाते हैं जबकि सिर्फ मिट्टी के दीये गलने में समय लगता है. दीपोत्सव के लिए देश के 8 राज्यों के 70 हजार परिवारों से दीये आ रहे हैं. माय एफएम अहमदाबाद व अयोध्या नगर निगम के सहयोग से देश के 8 राज्यों से 70 हजार परिवार दीपोत्सव से जुड़ रहे हैं. ये सभी परिवार दीपोत्सव में दीए जलाने के लिए नगर निगम को दीयों का सेट भेज रहे हैं. ये सारे दीये 11 नवंबर को अयोध्या पहुंच जाएंगे.




उधर, अयोध्या प्रशासन चौथे दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है. कोविड-19 प्रोटोकॉल के चलते आम जनता को दीपोत्सव में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी, लेकिन अवध विश्वविद्यालय के 10 हज़ार वालंटियर्स मेहमानों की सुरक्षा को लेकर तैनात रहेंगे. यानी लगभग 25 हजार की भीड़ अयोध्या में होने का अनुमान लगाया जा रहा है.
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