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इकबाल अंसारी की मांग- अधिग्रहित 67 एकड़ भूमि में से ही दी जाए बाबरी मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 12, 2019, 6:22 AM IST
इकबाल अंसारी की मांग- अधिग्रहित 67 एकड़ भूमि में से ही दी जाए बाबरी मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन
इकबाल अंसारी ने कहा, ‘अगर वे हमें जमीन देना चाहते हैं, तो हमें हमारी सुविधा के मुताबिक दी जानी चाहिए और वह 67 एकड़ अधिग्रहित जमीन में से ही होनी चाहिए.'

मुस्लिम पक्ष की तरफ से एक अन्य याचिकाकर्ता हाजी महबूब ने कहा, ‘हम इस झुनझुने को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्हें निश्चित रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि वो हमें कहां जमीन देना चाहते हैं.’

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अयोध्या. अयोध्या मामले में मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कुछ स्थानीय मुस्लिम नेताओं (Muslim Leaders) के साथ मिलकर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के तहत मस्जिद (Masjid) के निर्माण के लिए आवंटित की जाने वाली पांच एकड़ जमीन (5 Acre Land) अयोध्या में अधिग्रहित (Acquired) 67 एकड़ जमीन में से ही दी जाए. केंद्र सरकार ने 1991 में विवादित स्थल समेत यह 67 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी.

अंसारी ने कहा, ‘अगर वे हमें जमीन देना चाहते हैं, तो हमें हमारी सुविधा के मुताबिक दी जानी चाहिए और वह 67 एकड़ अधिग्रहित जमीन में से ही होनी चाहिए. तब हम यह लेंगे. अन्यथा हम इस पेशकश को ठुकरा देंगे क्योंकि लोग कह रहे हैं चौदह कोस से बाहर जाओ और वहां मस्जिद बनाओ, यह उचित नहीं है.’

अगर चिन्हित होकर मिलेगी मनमाफिक 5 एकड़ जमीन,  तो हम जरूर लेंगे
बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर मनमाफिक 5 एकड़ जमीन चिन्हित होकर मिलेगी तो हम जरूर लेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार और कोर्ट ने 5 एकड़ जमीन देने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक मुझे कोई प्रस्ताव तो मिला नहीं है.

अयोध्या को लेकर पूछे गए सवाल पर इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या में कोई विवाद नहीं है. हिंदू और मुसलमान एक हैं. हिंदू मस्जिद बनाने में सहयोग करें और मुस्लिम मंदिर बनाने में. हम कहां पीछे हटने वाले हैं. हमें किसी से परहेज नहीं है.

मस्जिद बनाने के लिए खुद जमीन खरीद सकते हैं मुस्लमान
स्थानीय मौलवी, मौलाना जलाल अशरफ ने कहा कि मुसलमान मस्जिद बनाने के लिये खुद जमीन खरीद सकते हैं और उसके लिये सरकार पर निर्भर नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘अदालत या सरकार हमारी संवेदनाओं को कुछ हद तक शांत करना चाहती है तो पांच एकड़ जमीन अधिग्रहित इलाके में ही मिलनी चाहिए क्योंकि कई कब्रिस्तान और दरगाह इसी इलाके में आते हैं.’झुनझुने को स्वीकार नहीं करेंगे
ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के महासचिव खलिक अहमद खान ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए. मुस्लिम पक्ष की तरफ से एक अन्य याचिकाकर्ता हाजी महबूब ने कहा, ‘सरकार को निश्चित रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि वो हमें कहां जमीन देना चाहते हैं.’

67 एकड़ जमीन में से ही चाहिए मस्जिद के लिए जमीन
अयोध्या नगर निगम में पार्षद हाजी असद अहमद ने कहा, ‘अगर अदालत या सरकार मस्जिद के लिए जमीन देना चाहती है तो उन्हें इसे अधिग्रहित 67 एकड़ जमीन में से ही देना चाहिए, अन्यथा हमें दान नहीं चाहिए.

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First published: November 12, 2019, 4:32 AM IST
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