लाइव टीवी

SC के फैसले से पहले अयोध्या की कार्यशाला में 65 फीसदी बन चुका है 'राम मंदिर'

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 18, 2019, 7:02 PM IST
SC के फैसले से पहले अयोध्या की कार्यशाला में 65 फीसदी बन चुका है 'राम मंदिर'
अयोध्या में राम मंदिर के लिए बनी कार्यशाला में मंदिर का मॉडल.

राम मंदिर (Ram Mandir) में लगने वाले पत्थर (Stone) की आयु करीब 1000 वर्ष (1000 Years) है. जिसका प्रयोगशाला में परीक्षण किया जा चुका है.

  • Share this:
अयोध्या. कई दशकों तक चले मुकदमे के बाद अब अयोध्या केस (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट (SC) में सुनवाई पूरी हो चुकी है. कुछ ही दिनों में देश-दुनिया के इस सबसे चर्चित मामले पर फैसला भी आने वाला है. उधर अयोध्या में फैसला आने को लेकर राम मंदिर निर्माण के लिये 1990 में ही स्थापित राम मंदिर कार्यशाला में अभी से ही खुशी की लहर दौड़ गई है. राम मंदिर निर्माण कार्यशाला एक बार फिर गुलजार हो उठी है. बता दें सुप्रीमकोर्ट के फैसले से पहले ही इस राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में राम मंदिर निर्माण का 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है. जिसे देखने के लिये अब राम मंदिर कार्यशाला में श्रृद्धालुओं का तांता लगने लगा है.

सुप्रीमकोर्ट के फैसले से पहले ही अयोध्या पहुंचने वाले श्रृद्धालुओं की तादाद भी अचानक बढ़ गई है. देश के विभिन्न राज्यों से अयोध्या पहुंच रहे दर्शनार्थी, राम जन्म भूमि और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन तो कर ही रहे हैं साथ ही अब 1990 से ही राम मंदिर के लिये अयोध्या में तराशे जा रहे पत्थरों को देखने के लिये राम मंदिर कार्यशाला भी पहुंच रहे हैं. मंदिर के लिये तराशे गए पत्थरों को देख श्रद्धालु अब जल्द ही अयोध्या में राम मंदिर बन जाने की उम्मीद जताते नजर आ रहे हैं.

Ayodhya1
महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु कार्यशाला में दर्शन को पहुंच रहे हैं.


महाराष्ट्र से आए श्रद्लुओं में दिखा उत्साह

महाराष्ट्र से अयोध्या पहुंचे राहुल कुमार, हनुमान जी से जुड़ी चौपाई 'भूत पिशाच, निकट नही आवें, महावीर जब नाम सुनावे' पढ़ते हुए कहते हैं कि जहां पर हनुमान जी महाराज हैं, वहां हमेशा राम जी की ही जीत होगी. और ऐसी ही कुछ उम्मीद जताते हुए मुम्बई से अयोध्या पहुंचे राजेश कुमार भी कहते हैं कि भगवान राम में हिन्दू समाज की आस्था है और हिन्दू समाज में आस्था पूरी ही होती है, उसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिन्दुओं के पक्ष में ही आना चाहिए. महाराष्ट्र से पहुंची गायत्री भी कहती है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम हमारे धर्म के मुख्य भगवान है, मंदिर बनना चाहिये. दूसरी बार हम यहां आयेंगे तो मंदिर बन जाएगा, हमको इतनी श्रद्धा है.

1990 में कार्यशाला की हुई स्थापना, तभी से चल रहा काम

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा बताते हैं कि सन् 1855 से चल रहे अयोध्या विवाद मामले में भले ही सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई अब जाकर पूरी हुई है, लेकिन अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का माॅडल 1989 में प्रयागराज कुंभ के दौरान ही देवरहा बाबा समेत देश के शीर्ष संतों के अनुमोदन पर तैयार कर लिया गया था. इस राम मंदिर मॉडल के चित्र को घर-घर पहुंचाने का कार्य किया गया. जिसके बाद शिलापूजन का कार्यक्रम कर अयोध्या में सितम्बर 1990 में राम मंदिर कार्यशाला की स्थापना की गई और चंदन की लकड़ी से बने राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को अयोध्या की इस कार्यशाला में रखा गया. जिसके बाद 1992 में राम मंदिर निर्माण के लिये इस कार्यशाला में पत्थरों को मंगाकर तराशने का कार्य भी शुरू कर दिया गया.
Loading...

ayoidhya3
राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थर.


इतना भव्य होगा राम मंदिर

शरद शर्मा के मुताबिक प्रस्तावित राम मंदिर 265 फिट लंबा, 165 फिट चौड़ा और 128 फीट ऊंचा होगा. जिसके प्रथम तल पर सबसे पहले सिंह द्वार, रंग मंडप, नृत्य मंडप और फिर परिक्रमा के बाद गर्भगृह होगा. जबकि मंदिर के दूसरे मंजिल पर राम दरबार और उसके ऊपर शिखर होगा. राम मंदिर के हर तल पर 106 खंम्भे और हर एक खम्भे में 16 मूर्तिंया होगी. सम्पूर्ण राम मंदिर राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से आने वाले पिंक सैंड स्टोन से बनाया जाएगा.

सम्पूर्ण मंदिर में 1 लाख 75 हजार घन फिट पत्थर लगना है, जिसमें से 1 लाख घन फिट से अधिक पत्थर को गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कारीगरों द्वारा तराशा जा चुका है. मंदिर का भूतल समेत करीब 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है. सुप्रीमकोर्ट का आदेश आते ही राम जन्म भूमि पर मंदिर का भूतल पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो जाएगा.

Ayodhya
अयोध्या की राम मंदिर कार्यशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है.


गुजरात के अन्नू भाई सोमपुरा की देखरेख में चल रहा काम

अयोध्या स्थित राम मंदिर कार्यशाला में राम मंदिर निर्माण का कार्य गुजरात से आए अन्नू भाई सोमपुरा की देखरेख में किया जा रहा है. अन्नू भाई सोमपुरा सन् 1990 में 45 वर्ष की आयु में गुजरात से अयोध्या आये थे. राम मंदिर कार्यशाला के पर्यवेक्षक अन्नू भाई सोमपुरा की देखरेख में 1992 से ही इस कार्यशाला में राम मंदिर के लिये पत्थरों को तराशा जा रहा है.

अन्नू भाई सोमपुरा कहते है कि 1992 में इस कार्यशाला में सबसे पहले राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से खूबसूरत गुलाबी पत्थरों को मंगाया गया. पत्थरो को काटने के लिये पत्थर काटने वाली मशीनें लगाई गईं. इन पत्थरों पर खूबसूरत आकृतियों और मूर्तियों को बनाने के लिये शुरुआती दौर में 80 से 90 कुशल कारीगरों को भी लगाया गया. जिसके चलते अब तक राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल के मुताबिक प्रथम तल का कार्य पूरा भी कर लिया गया है.

राम मंदिर में लगने वाले पत्थर की आयु करीब 1000 वर्ष

राम मंदिर के प्रथम तल पर लगने वाले 106 पिलर को बनाया गया है. हर एक पिलर में 16 मूर्तियां लगाई जाएंगी. बीम, छज्जा और किवाड़ के साथ गर्भगृह भी तैयार कर उसकी नंबरिंग भी कर ली गई है. राम मंदिर में लगने वाले पत्थर की आयु करीब 1000 वर्ष है. जिसका प्रयोगशाला में परीक्षण किया जा चुका है. कार्यशाला के पर्यवेक्षक अन्नू भाई सोमपुरा कहते है कि जब तक मंदिर की नींव खुदेगी तब तक दूसरे तल का भी कार्य पूरा कर लिया जाएगा.

इस दौरान अन्नू भाई सोमपुरा अयोध्या मामले पर सुप्रीमकोर्ट से उम्मीद के सवाल पर कहते है कि मंदिर तो अब बनना ही है, हमारी भी उम्र हो गई है, मंदिर बनना शुरू हो जाए तो हमें भी राहत मिले. अंत में अन्नू भाई सोमपुरा फिलहाल पत्थरों को तराशे जाने का कार्य बंद होने से जुड़े सवाल का भी जवाब देते हुए कहते हैं कि अभी दिवाली का समय है जिसके चलते सभी कारीगर अपने घर चले गए हैं. दिवाली के बाद फिर कारीगर आ जाएंगे और काम शुरू हो जाएगा. मंदिर निर्माण का काम चालू रहेगा, कभी काम बंद नहीं हुआ है.

ये भी पढ़ें:

आजम का नाम लिए बिना बोले सीएम योगी-तलवार अपात्र व्यक्ति के हाथ मे होगी तो...

राम मंदिर का मॉडल बनाने वाले आर्किटेक्ट बोले- 3 साल में पूरा होगा निर्माण

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अयोध्या से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 18, 2019, 6:17 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...