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दशकों बाद थमी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने की आवाज, फैसले का इंतजार

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 7, 2019, 1:47 PM IST
दशकों बाद थमी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने की आवाज, फैसले का इंतजार
अयोध्या के राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में रुका काम

राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में 1990 से ही पत्थर तराशने का काम चल रहा था. लेकिन अब पत्थर तराशी का काम विवादित जमीन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने का बाद ही शुरू होगा.

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अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) के कारसेवकपुरम स्थित राम मंदिर निर्माण कार्यशाला (Ram Temple Workshop) में पिछले दो महीनों से पत्थर तराशने का शोर पूरी तरह से थमा हुआ है. इसकी वजह अयोध्या विवाद (Ayodhya Dispute) पर आने वाला फैसला नहीं, बल्कि दो महीने पहले मुख्य कारीगर के आकस्मिक निधन है. तभी से ही पत्थरों को तराशने का काम नहीं हो रहा है. दरअसल, राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में 1990 से ही पत्थर तराशने का काम चल रहा था. लेकिन अब पत्थर तराशी का काम विवादित जमीन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने का बाद ही शुरू होगा. फिर से तराशी का काम शुरू करने पर फैसला राम जन्मभूमि न्यास की बैठक में लिया जाएगा.

इन दिनों अयोध्या में कार्तिक पूर्णिमा से पहले 14 कोसी और पंच कोसी यात्रा की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है. लेकिन कार्यशाला में पत्थर तराशी का काम देखने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लग रही है. क्योंकि कार्यशाला पूरी तरह से खाली है और वहां कोई काम नहीं चल रहा है. हालांकि कुछ श्रद्धालु कार्यशाला की परिक्रमा कर रहे हैं और तराशे हुए पत्थर को नमन करके चले जा रहे हैं. युवाओं में इन पत्थरों के साथ सेल्फी लेने का भी क्रेज देखने को मिल रहा है.

अब फैसले के बाद शुरू होगा पत्थर तराशी का काम

कार्यशाला में कार्य ठप होने पर विश्व हिंदू परिषद् के प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं, " सितंबर 1990 से ही कार्यशाला में लगातार पत्थर तराशने का काम चल रहा था. अब तक 65 फ़ीसदी काम भी पूरा हो चूका है. लेकिन दो महीने पहले मुक्य मूर्तिकार की मौत हो गई. तभी से काम रुका हुआ है. अब जब विवादित भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कभी भी आ सकता है तो यही तय किया गया है कि नए कारीगरों की नियुक्ति उसके बाद ही की जाएगी. अब कार्यशाला में काम की शुरुआत राम जन्मभूमि न्यास की बैठक के बाद ही शुरू होगा.

Ram temple stone
पत्थर तराशने का 65 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है. (फोटो- काजी फराज अहमद)


कारीगरों की संख्या बढ़ाने पर भी होगा फैसला

शरद शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में काम रोकने के लिए सरकार की तरफ से कोई दबाव नहीं था. सिर्फ मूर्तिकार की मौत के वजह से काम रोक दिया गया है. उन्होंने बताया कि एक ही मूर्तिकार कई महीनों से अकेले ही काम कर रहा था. अब फैसले के बाद न्यास की होने वाली बैठक में कारीगरों की संख्या बढ़ाने पर फैसला होगा.
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बता दें राम नादिर निर्माण कार्यशाला का शिलान्यास 10 नवंबर 1989 में किया गया था. 30 अगस्त 1990 को इस कार्यशाला में निर्माण कार्य शुरू हुआ था. तब से लेकर आज तक इस कार्यशाला में में लगातार काम हो रहा है.

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First published: November 7, 2019, 1:08 PM IST
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