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अयोध्या: जनता कर्फ्यू के बाद आज से शुरू होगा रामलला को बुलेटप्रूफ मंदिर में शिफ्ट करने का अनुष्ठान
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News18 Uttar Pradesh
Updated: March 23, 2020, 8:05 AM IST
अयोध्या: जनता कर्फ्यू के बाद आज से शुरू होगा रामलला को बुलेटप्रूफ मंदिर में शिफ्ट करने का अनुष्ठान
आज से शुरू होगा रामलला को शिफ्ट करने का अनुष्ठान

25 मार्च की सुबह रामलला को नए अस्थाई भवन में सुबह 4:00 बजे शिफ्ट किया जाएगा.

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अयोध्या. रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में कोरोनावायरस (Coronavirus) की वजह से रामलला (Ramlala) के शिफ्टिंग का कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहा है. अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद विराजमान रामलला को दूसरे बुलेटप्रूफ अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया जाना है. जिसको लेकर तेजी के साथ रामलला के गर्भ गृह के परिसर में काम शुरू हो चुका है. 25 मार्च की सुबह रामलला को नए अस्थाई भवन में सुबह 4:00 बजे शिफ्ट किया जाएगा. लेकिन कोरोनावायरस की वजह से तमाम कार्यक्रमों को सीमित कर दिया गया है. अब साधारण तरीके से रामलला के शिफ्टिंग का कार्य होगा.

सोमवार सुबह 7:00 बजे 15 से अधिक वैदिक विद्वान रामलला को शिफ्ट करने के लिए भूमि पूजन और अनुष्ठान करेंगे. यह अनुष्ठान मात्र 2 दिन ही चलेगा. 25 मार्च को सुबह रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा. प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फिलहाल ट्रस्ट के पदाधिकारियों का यहमानना है कि अब इस कार्यक्रम को सीमित किया जाएगा. सूत्रों की माने तो अब मुख्यमंत्री के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीदें कम है. सिर्फ वैदिक विद्वानों के साथ ट्रस्ट के पदाधिकारी रामलला को आस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर देंगे.

30 अप्रैल को हो सकता है राम मंदिर के लिए भूमि पूजन

बता दें कि और रामलला को शिफ्ट करने के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन का समतलीकरण शुरू हो जाएगा. अप्रैल के आखिरी सप्ताह में भूमि पूजन भी किया जा सकता है. 4 अप्रैल को अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाना है.



राम जन्मोत्सव भी होगा साधारण

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय के अनुसार अब इस पूरे कार्यक्रम को बहुत ही साधारण से संपन्न कराया जाएगा, क्योंकिसबसे ज्यादा जरूरी है इस बड़ी समस्या से निजात पाना. देश में श्रद्धालुओं और देशवासियों की सुरक्षा की भावना को प्राथमिकता देते हुए इस कार्यक्रम को सीमित किया गया है. आगे का कार्यक्रम भी अब परिस्थितियों पर ही निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष भव्यता के साथ राम की नवमी मना लेंगे. रामलला के शिफ्टिंग पर बोलते हुए कहा कि सारे कार्यक्रम होंगे, लेकिन जैसी परिस्थितियां होंगी उसी के अनुरूप. साथ ही मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे को भी बताया कि जैसी स्थितियां रहेंगी उसी पर कार्य किया जाएगा.

15 वैदिक विद्वान कराएंगे शिफ्टिंग

वहीं रामलला को शिफ्टिंग करने वाले वैदिक विद्वान पंडित इंद्र देव मिश्रा ने बताया कि सोमवार सुबह 7:00 बजे पूजन शुरू होगा. यह पूजन 2 दिन चलेगा और 25 मार्च की सुबह रामलला 4:00 बजे अपने नए अस्थाई मंदिर में विराजमान होंगे. इस काम में 15 वैदिक विद्वान लगेंगे जो दिल्ली, प्रयागराज, काशी और अयोध्या के होंगे.

रास्ते का भी शुद्धिकरण होगा

रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र के अनुसार किसी भी नए मंदिर में भगवान को विराजमान कराने से पहले उसकी धर्म संगत मान्यताएं हैं. भगवान को विराजमान करने से पहले जमीन और मंदिर दोनों को पवित्र कराया जाएगा. 2 दिन का यह कार्यक्रम है. 23 और 24 मार्च को अनुष्ठान होगा और 25 मार्च की सुबह 4:00 बजे और रामलला नए मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. रामलला को शिफ्ट करने से पहले रास्ते का भी शुद्धिकरण होगा और वैदिक मंत्रोचार के साथ रामलला पुराने मंदिर से नए आस्था मंदिर में विराजमान होने के लिए निकलेंगे.

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First published: March 23, 2020, 8:05 AM IST
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