बाबरी विध्वंस  के फैसले की तारीख पर बोले आरोपी- राम मंदिर के लिए फांसी भी मंजूर

बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी शिव सेना नेता संतोष दुबे
बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी शिव सेना नेता संतोष दुबे

संतोष दुबे ने कहा कि राम मंदिर के लिए जो लड़ाई उन्होंने लड़ी उसका यह परिणाम रहा कि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है. अब जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है, अब उसी समय बाबरी विध्वंस का मुकदमा भी फाइनल हो रहा है.

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अयोध्या. 30 सितंबर 2020 का दिन भी अयोध्या (Ayodhya) के लिए ऐतिहासिक दिन होगा. बुधवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट बाबरी विध्वंस (Babri Demolition Case) मामले पर अपना फैसला सुनाएगी. बाबरी विध्वंस के आरोपी व पूर्वी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख संतोष दुबे (Santosh Dubey) ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमने बाबरी मस्जिद तोड़ा. अगर बाबरी मस्जिद न तोड़ा होता तो आज राम मंदिर निर्माण न शुरू हुआ होता.

खुद की तुलना भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से

संतोष दुबे ने कहा कि राम मंदिर के लिए जो लड़ाई उन्होंने लड़ी उसका यह परिणाम रहा कि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है. अब जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है, अब उसी समय बाबरी विध्वंस का मुकदमा भी फाइनल हो रहा है. संतोष दुबे ने खुद की तुलना सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से करते हुए कहा कि ये देश प्रेमी देश के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए और हम राम मंदिर के लिए फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हैं. कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा वो उन्हें सहर्ष मंजूर होगा.




जीते जी मिला मोक्ष

संतोष दुबे ने कहा कि पावन सलिल सरयू में स्नान कर व हनुमंत लला का दर्शन पूजन कर कोर्ट में पेश होंगे. उन्होंने कहा कि मेरा पूरा जीवन राम जन्मभूमि के लिए बीत रहा है. हमने अपना सारा जीवन भगवान राम के लिए समर्पित कर दिया है. अगर आज राम मंदिर अयोध्या में बन रहा है वह उसी कारण बन रहा है कि हम जैसे कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहाया था. संतोष दुबे ने कहा कि लोगों को मरने के बाद मोक्ष मिलता है, लेकिन हमें जीते जी मोक्ष मिल रहा है. उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाबरी विध्वंस का फैसला क्या होगा> उन्हें खुशी है कि राम मंदिर निर्माण के वक्त बाबरी विध्वंस का फैसला आ रहा है. बाबरी विध्वंस के आरोपी संतोष दुबे उस समय शिवसेना के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रमुख थे, लेकिन उसके बाद काफी अंतराल तक शिवसेना से बाहर रहे. अब फिर शिवसेना ने संतोष दुबे को पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है.
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