अयोध्या केस: रामलला विराजमान के वकील ने कहा- मस्जिद बनाने के लिए तोड़ा गया मंदिर

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 20, 2019, 1:12 PM IST
अयोध्या केस: रामलला विराजमान के वकील ने कहा- मस्जिद बनाने के लिए तोड़ा गया मंदिर
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस की सुनवाई का आठवां दिन

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अयोध्या विवाद (Ayodhya Dispute) मामले की सुनवाई जारी है. मंगलवार को रामलला विराजमान (Ramlala Virajman) की तरफ से वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि एएसआई (ASI) की रिपोर्ट में मगरमच्छ और कछुए का जिक्र किया है, जो मुस्लिम संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं.

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) में अयोध्या विवाद (Ayodhya Dispute) को लेकर सुनवाई लगातार जारी है. फिलहाल रामलला विराजमान के वकील अपना पक्ष रख रहे हैं. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष रामलला विराजमान के वकील ने एएसआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल पर मस्जिद बनाने के लिए हिंदुओं का मंदिर तोड़ा गया. रामलला विराजमान की तरफ से वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट में मगरमच्छ और कछुए का जिक्र किया है, जो मुस्लिम संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं.

इस दौरान वरिष्ठ वकील ने एएसआई (ASI) रिपोर्ट के आधार पर कई अन्य पुरातात्विक सबूतों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करते हुए कहा कि विवादित स्थल एक हिंदू मंदिर था.

12वीं सदी के शिलालेख का हवाला
इस दौरान रामलला के वकील ने 12वीं सदी के शिलालेख का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि पत्थर की जिस पट्टी पर संस्कृत का ये लेख लिखा है, उसे विवादित ढांचा विध्वंस के समय एक पत्रकार ने गिरते हुए देखा था. इसमें साकेत के राजा गोविंद चंद्र का नाम है. साथ ही लिखा है कि ये विष्णु मंदिर में लगी थी.

उन्होंने कहा कि 115 सेमी लंबाई और 55 सेमी चौड़ा शिलालेख तीन चार सप्ताह तक राम कथा कुंज में रखा रहा. यह मस्जिद ढहने को बाद मिला, इस पर किसी पक्षकार कि ओर से आपत्ति नहीं जताई गई है.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि क्या ये सब ASI द्वारा इकट्ठा किया गया था? रामलला के वकील वैद्यनाथन ने कहा कि ये ASI रिपोर्ट में नहीं था, ASI काफी बाद में आई थी. सीएस वैद्यनाथन ने ASI रिपोर्ट का हवाला देते हुए मगरमच्छ, कछुओं का भी जिक्र किया और कहा कि इनका मुस्लिम कल्चर से मतलब नहीं था.

'जन्मस्थान पर था एक बड़ा मंदिर'
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विराजमान ने कहा कि ASI कि रिपोर्ट में जो तथ्य दिए गए हैं कि मस्जिद के स्थान पर मंदिर था और मंदिर पर मस्जिद बना दी गई. यह शिलालेख इस निष्कर्ष पर पहुंचाता है कि जन्मस्थान पर एक बड़ा मंदिर था. इस दौरान वैद्यनाथन ने विवादित ढांचा ढहाने के समय की पांचजन्य के रिपोर्टर का रिपोर्ताज कोर्ट के सामने बयान किया.

- ढहाने के दौरान मैंने शिलाएं गिरती हुई देखीं थीं तब कुछ पुलिस वाले उन पत्थरों को उठाकर रामकथा कुंज ले गए.
- ये शिलाएं 4 फुट x 2 फुट आकार वाली थीं.
- वो शिलालेख राज्य पुरातत्व विभाग के अभिरक्षा (कस्टडी) में हैं.

वैद्यनाथन ने कहा कि खुदाई से मिले अवशेषों की वैज्ञानिक पड़ताल के बाद ASI की रिपोर्ट, मौके से मिले सबूत से कोई शंका या विवाद की गुंजाइश नहीं रह जाती. ये सब 11वीं सदी के दौरान निर्मित हैं.

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First published: August 20, 2019, 12:29 PM IST
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