Ayodhya Ram Temple: चंपत राय ने सामने रखा भूमि सौदे का पूरा लेखा-जोखा, कहा- दुष्प्रचार में विश्वास न करें भक्त

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के लगाए आरोपों पर चंपत राय ने लगातार दूसरे दिन बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है (फाइल फोटो)

चंपत राय (Champat Rai) ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह भूखंड हमारे उपयोग के लिए अनुकूल पाये जाने पर संबंधित व्यक्तियों से संपर्क किया गया. भूमि का जो मूल्य मांगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की गयी, अंतिम देय राशि लगभग 1,423/-रुपये प्रति वर्गफीट तय हुई जो पास के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है

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अयोध्या. श्रीराम जन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने सोमवार को फिर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जमीन अनुबंध विवाद (Land Registration Dispute) पर अपनी बात स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र श्रीराम जन्म-भूमि मंदिर को वास्तु शास्त्र के अनुसार भव्य स्वरूप प्रदान कराने, शेष परिसर को सभी प्रकार से सुरक्षित और दर्शनार्थियों के लिए सुविधापूर्ण बनाने के लिए कार्य कर रहा है. इस निमित्त मंदिर के पूर्व और पश्चिम भाग में निर्माणाधीन परकोटा व रिटेनिंग वॉल की सीमा में आने वाले महत्वपूर्ण मंदिरों/स्थानों को परस्पर सहमति से क्रय किया जा रहा है.

तीर्थ क्षेत्र का निर्णय रहा है कि इस प्रक्रिया में विस्थापित होने वाले प्रत्येक संस्थान/व्यक्ति को पुनर्वासित किया जायेगा. पुनर्वास हेतु भूमि का चयन संबंधित संस्थानों/व्यक्तियों की सहमति से किया जा रहा है. बाग बिजेसी, अयोध्या स्थित 1.20 हेक्टेयर भूमि इसी प्रक्रिया के अंतर्गत महत्वपूर्ण मंदिरों जैसे कौशल्या सदन आदि की सहमति से पूर्ण पारदर्शिता के साथ क्रय की गयी है. ध्यान देने योग्य है कि उपर्युक्त वर्णित भूमि अयोध्या रेलवे स्टेशन के समीप मार्ग पर स्थित एक प्रमुख स्थान (प्राइम लोकेशन) है. इस भूमि के संबंध में वर्ष 2011 से वर्तमान विक्रेताओं के पक्ष में भिन्न-भिन्न समय (2011, 2017 और 2019 ) में अनुबंध संपादित हुआ.

चंपत राय ने जमीन के सौदे पर पूरी स्थिति स्पष्ट की

खोजबीन करने पर यह भूखंड हमारे उपयोग के लिए अनुकूल पाये जाने पर संबंधित व्यक्तियों से संपर्क किया गया. भूमि का जो मूल्य मांगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की गयी, अंतिम देय राशि लगभग 1,423/-रुपये प्रति वर्गफीट तय हुई जो पास के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है. मूल्य पर सहमति बन जाने के बाद संबंधित व्यक्तियों को अपने पूर्व के अनुबंधों को पूर्ण करना आवश्यक था, तभी संबंधित भूमि तीर्थ क्षेत्र को प्राप्त हो सकती थी.

तीर्थ क्षेत्र के साथ अनुबंध करने वाले व्यक्तियों के पक्ष में भूमि का बैनामा होते ही तीर्थ क्षेत्र ने अपने पक्ष में पूर्ण तत्परता और पारदर्शिता के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित किया और पंजीकृत कराया. तीर्थ क्षेत्र का प्रथम दिवस से ही निर्णय रहा है कि सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किये जायेंगे, संबंधित भूमि की क्रय प्रक्रिया में भी इसी निर्णय का पालन हुआ है. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि सरकार द्वारा लगाये गये सभी कर आदि का भुगतान हो जाये.

आरोप की भाषा में वक्तव्य देने वाले व्यक्तियों ने आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की. इससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है. समस्त श्रीराम भक्तों से निवेदन है कि वो ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें. ताकि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का पूर्ण पारदर्शिता के साथ चल रहा निर्माण कार्य शीघ्र और बिना रुकावट के संपन्न हो.

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