अयोध्या: कल से श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे रामलला के कपाट, एक बार में पांच लोग ही कर सकेंगे दर्शन

कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या में रामलला समेत सभी मठ-मंदिरों के कपाट बंद हैं

कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या में रामलला समेत सभी मठ-मंदिरों के कपाट बंद हैं

अयोध्या (Ayodhya) में क्षद्धालुओं के लिए रामलला (Ramlala) के दर्शन एक जून से प्रारंभ होंगे. इस दौरान कोरोना संक्रमण न फैले, इस मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से उपाय किए जाएंगे. दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को सख्ती से कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा जाएगा

  • Share this:

अयोध्या. कोरोना काल में अयोध्या (Ayodhya) के रामलला परिसर में श्रद्धालुओं के आने-जाने पर प्रतिबंध है. मगर अब राम भक्तों के लिए खुशी की खबर है. कोविड 19 (Covid 19) नियमों का पालन करते हुए एक बार में पांच श्रद्धालुओं को रामलला (Ramlala) के दर्शन की अनुमति देने की तैयारी है. पहले पांच लोगों के दर्शन के बाद ही अन्य पांच श्रद्धालुओं को परिसर में भेजा जाएगा. इस दौरान भक्तों से सैनिटाइजर, फेस मास्क और शारीरिक दूरी बनाए रखने की अपील भी की जाएगी.

दरअसल कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर अयोध्या के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे. रामनवमी मेले से पहले ही यह प्रतिबंध लागू किया गया था जो अभी तक लागू है. दूर-दराज से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी यहां प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. लिहाजा हर समय श्रद्धालुओं से अटी रहने वाली भगवान राम की नगरी इन दिनों वीरान है. मगर अब एक बार फिर अयोध्या में रौनक लौटने वाली है. कोरोना के मामलों में कमी को देखते हुए जिला प्रशासन मठ-मंदिरों और बाजारों को खोलने की अनुमति देने जा रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार एक जून से रामजन्म भूमि को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा.

रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि जिन जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम हो रही है उन जिलों को सशर्त खोलने की अनुमति दी गई है. जिसके बाद अब दुकान, बाजार और मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे. मंदिरों में भीड़ ना हो इसके लिए भी प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की है. एक बार में पांच श्रद्धालु ही दर्शन के लिए जाएंगे. इस दौरान भक्तों को भी कोविड 19 के नियमों का पालन करना होगा. शारीरिक दूरी, मास्क का प्रयोग और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए श्रद्धालुओं को मंदिरों में दर्शन के लिए भेजा जाएगा.

आचार्य दास ने कहा कि रामलला का दर्शन एक जून से प्रारंभ होगा. इस दौरान कोरोना संक्रमण न फैले, इस मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से उपाय किए जाएंगे. श्रद्धालुओं को सख्ती से कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा जाएगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज