अयोध्या: जानिए क्या है राम मंदिर निर्माण का 'मास्टर प्लान', नींव पड़ने में अभी लगेगा इतना वक्त
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अयोध्या: जानिए क्या है राम मंदिर निर्माण का 'मास्टर प्लान', नींव पड़ने में अभी लगेगा इतना वक्त
जानिए अयोध्या में राममंदिर निर्माण का क्या है मास्टर प्लान

राम जन्‍मभूमि कार्यशाला के सुपरवाइजर अन्नू भाई सोमपुरा ने बताया कि राम मंदिर (Ram Temple) के लिए पहले नींव खुदेगी, जिसमें 6 से 7 महीने लगेंगे.

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अयोध्या. दशकों से अयोध्या-(Ayodhya) में राम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर (Ram Temple) निर्माण की बाट जोह रहे भक्तों के लिए खुशखबरी है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पूरी प्रक्रिया कई चरणों में बांटी गई है, यानी राम मंदिर निर्माण के लिए किस चरण में क्या-क्या कार्य होंगे इसकी पूरी कार्य योजना तैयार कर ली गई है. एक सुनियोजित प्लानिंग के तहत मंदिर निर्माण का पूरा खाका खींचा गया है. इसके हिसाब से ही निर्माण होना है. मंदिर निर्माण से जुड़े लोग भी मान रहे हैं कि लॉकडाउन के कारण मंदिर निर्माण में थोड़ी देर हुई, लेकिन इसे काम में तेजी ला कर पूरा कर लिया जाएगा और मंदिर निर्माण समय पर ही होगा. न्यूज18 आपको समझा रहा है कि कैसे एक चरणबद्ध ढंग से खींचे गए ख़ाका के तहत राम मंदिर निर्माण की पूरी प्लानिंग कैसे की गई है. साथ ही यह भी बताते हैं कि आखिर राम मंदिर निर्माण की शुरुआत कब और कैसे होगी?

राम जन्मभूमि परिसर में हो रहा है जमीन का समतलीकरण
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पहले चरण का कार्य शुरू हो गया है. इस चरण में 20 अप्रैल से ही राम जन्मभूमि परिसर के 70 एकड़ भूमि का समतलीकरण किया जा रहा है. समतलीकरण के साथ-साथ उग आये झाड़ झंखाड़ और पेड़-पौधों की कटाई और छंटाई का काम भी किया जा रहा है. इसी के साथ साथ राम मंदिर दर्शन मार्ग पर राम जन्मभूमि परिसर में बनी बैरिकेडिंग को पूरी तरह हटा दिया गया है. जिससे भूमि के समतलीकरण का कार्य समुचित ढंग से किया जा सके.


निर्माण कंपनी का दल पहुंचा अयोध्या


राम मंदिर निर्माण के लिए अधिकृत कम्पनी L&T का 5 सदस्यीय इंजीनियरों का दल भी राम जन्मभूमि परिसर में भूमि के परीक्षण का कार्य कर रहा है. L&T की टीम जमीन की स्वायल टेस्टिंग का कार्य कर रही है. इस परीक्षण से इस बात का अनुमान लगाया जाता है कि किस स्तर पर उक्त भूमि कितना भार उठाने में सक्षम है. इस परीक्षण के पूर्ण होने के बाद L&T का 50 सदस्यों का श्रमिक दल आएगा, जिसके रहने के लिए राम कारसेवक पुरम में आवास बनाया जाएगा. जिस भूमि पर श्रमिकों का आवास बनेगा उसका निरीक्षण भी कर लिया गया है. L&T के परीक्षण के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए नींव तैयार का कार्य शुरू होगा.

मिट्टी की पुख्ता जांच के ही बाद पड़ेगी नींव
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि पर एक दिव्य राम मंदिर निर्माण की जो प्रतीक्षा थी वह खत्म हो रही है. दिव्य मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने जो आहुति दी अब उसका परिणाम आ रहा है. निर्माण कार्य के समतलीकरण का दौर चल रहा है. समतलीकरण में जो हम लोगों को चाहिए, इंजीनियरों को जो चाहिए और भवन निर्माण करने वालों को चाहिए उसे पूरा कर रहे हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो राम जन्मभूमि परिसर के जो 70 एकड़ का परिसर है, उसके समतलीकरण के बाद उस पर भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य प्रशस्त होने लगेगा. फिलहाल L&T नींव खोदने के लिए गड्ढा खोदकर शोध कर रही है. भूमि की उपयोगिता क्या है? किस प्रकार से भूमि सुरक्षित है? कितने वर्ष तक मंदिर यहां विराजमान रह सकता है? इन सभी जांचों के बाद ही एलएंडटी उस पर काम शुरू करेगी.

राम जन्मभूमि कार्यशाला के सुपरवाइजर अन्नू भाई सोनपुरा की मानें तो L&T कंपनी के लोग आए थे. वे श्रमिकों के लिए आवास की जगह देखने के भी आए थे. कारसेवक पुरम भी गए थे, लेकिन उनके ठहरने की जगह राम कारसेवक पुरम में दी जाएगी. वहीं आवास बनेगा. राम जन्मभूमि परिसर में समतलीकरण और साफ सफाई का कार्य पूरा होने के साथ ही L&T का अपने परीक्षण का कार्य भी पूरा कर लेगी और इसके बाद राम मंदिर निर्माण के बेस फाउंडेशन का कार्य शुरू करेगी.

नींव पड़ने में लगेंगे 6 से 7 महीने
कार्यशाला के सुपरवाइजर अन्नू भाई सोमपुरा के मुताबिक राम मंदिर के लिए पत्थर के तराशने का काम अब राम जन्मभूमि परिसर में ही होगा. लेकिन अभी पहले नींव खुदेगी, इसी काम में 6 से 7 महीने लगेंगे.

भगवान शिव की आराधना के साथ शुरू होगा मंदिर के फाउंडेशन का कार्य
यह भी बता दें कि राम मंदिर के लिए फाउंडेशन का कार्य कब से शुरू होगा या यूं कहें कि राम मंदिर की नींव कब पड़ेगी? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन 5 के दौरान ही राम मंदिर निर्माण के लिए फाउंडेशन तैयार करने के लिए नींव खुदने और उसके बाद निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके लिए जून माह के दूसरे सप्ताह में ही L&T मजदूरों का दल अयोध्या पहुंच जाएगा. लेकिन राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले राम जन्मभूमि परिसर के कुबेर टीला में स्थापित प्राचीन शिव मंदिर जिन्हें शशांक शेखर भगवान कहा जाता है, उनकी आराधना और अनुष्ठान किया जाएगा. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी और राम जन्मभूमि न्यास में सदस्य रहे कमल नयन दास की माने तो यह अनुष्ठान 10 जून से शुरू होगा और इस अनुष्ठान में वह खुद शामिल होंगे.

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