अयोध्या: राम मंदिर भूमि पूजन के बाद जमीन की कीमतों में बेतहाशा इजाफा, दोगुना हुए रेट

अयोध्या में जमीनों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं.
अयोध्या में जमीनों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं.

अयोध्या (Ayodhya) के बाहरी सीमा की बात करें तो वहां भी जमीन की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल रही है. लोग जमीन में निवेश करना चाह रहे हैं. उनका मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहित करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 8:28 AM IST
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अयोध्या. कोरोना महामारी (COVID-19) के इस दौर में जहां हर सेक्टर आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. वहीं, अयोध्या (Ayodhya) में रियल एस्टेट मार्केट में उछाल देखने को मिल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम जन्मभूमि मंदिर (Ram Temple) के लिए भूमि पूजन किये जाने के बाद से अयोध्या में जमीन की कीमतों (Land Price) में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. पिछले एक महीने में यहां की जमीन की कीमत दोगुनी हो गई है.

अयोध्या के अंदरुनी इलाकों में जमीन की कीमत 1000 से 1500 रुपए प्रति वर्ग फीट तक हो गई है, जबकि शहर के बीचों बीच मौजूदा कीमत 2000-3000 रुपए प्रति वर्ग फीट है. रियल एस्टेट कारोबारियों की मानें तो 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से आए राम जन्मभूमि विवाद के फैसले के बाद कोई भी व्यक्ति 900 रुपए वर्ग फीट में ही जमीन आसानी से खरीद सकता था.

अयोध्या के विकास को देखते हुए निवेश
रियल एस्टेट इंडस्ट्री के मुताबिक जमीन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की वजह केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अयोध्या के विकास और कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर बनाने की घोषणा का भी असर माना जा रहा है.
अगर अयोध्या के बाहरी सीमा की बात करें तो वहां भी जमीन की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल रही है. दरअसल, जो लोग जमीन में निवेश करना चाह रहे हैं, उनका मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहित करेगी. लिहाजा उस वक्त उन्हें इससे फायदा हो सकता हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादातर लोग धर्मशाला, होटल और कम्युनिटी किचन के लिए जमीन खरीद रहे हैं.



भगवान राम की प्रतिमा लगाने के लिए जमीन की तलाश
राम नगरी के सबसे नजदीक बसने वाले 4 गांव हैं- माजा वरहटा, शाहनवा, माझा जमथरा, मीरापुर दुआबा. ये सभी गांव सरयू नदी के किनारे बसे हुए हैं. इन्हीं में से एक गांव में भगवान राम की 251 मीटर विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा लगाने का राज्य सरकार प्रयास कर रही है. सूत्रों की माने तो इन क्षेत्रों में बड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक है. इसके लिए पहले अनुमति लेनी होगी. बीते दिन अयोध्या से सटे मीरापुर दुआबा में भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा लगाने की कवायद शुरू हुई तो मीरापुर दुआबा के लोगों ने कोर्ट का सहारा लिया और प्रशासन पर कम मुआवजे का आरोप लगाते हुए विरोध किया था.

अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय की मानें तो राम मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में रोजगार के व्यापक अवसर बढ़ रहे हैं. देश और दुनिया के लोग अयोध्या आ रहे हैं और केवल व्यवसाय के उद्देश्य से नहीं धार्मिक उद्देश से भी लोग अयोध्या में समाज सेवा चलते अयोध्या में लोग धर्मशाला, रैन बसेरा, कथा मंडप इस तरीके की तमाम चीजें अयोध्या में लोग बनाना चाह रहे हैं. ऐसे में यह स्वाभाविक है कि फिर जमीनों का दाम अयोध्या में बढ़ जाना है.
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