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Ayodhya News: संत परमहंस दास ने डीएम से की मांग, बोले- शहर से पांच कोस दूर बने कब्रिस्तान

संत परमहंस दास ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

संत परमहंस दास ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

Ayodhya News: संत परमहंस ने कहा कि 1950 में कब्रिस्तान को आबादी से दूर रखने का एक शासनादेश जारी हुआ था लेकिन वह कतिपय कारणों से लागू नहीं हो सका, जिसे अब लागू करना चाहिए.

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अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) तपस्वी छावनी के संत परमहंस दास (Saint Paramhans Das) ने जिला प्रशासन से एक नई मांग उठाई है. डीएम अयोध्या अनुज झा (Anuj Jha) से मिलकर संत परमहंस दास ने उन्हें ज्ञापन सौंपा और कब्रिस्तान को आबादी से दूर करने की मांग की. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि आबादी में अब नई मजार नहीं बननी चाहिए. उन्होंने मांग किया कि अयोध्या शहर से 5 कोस दूर कब्रिस्तान बनाया जाए.

संत परमहंस ने कहा कि 1950 में कब्रिस्तान को आबादी से दूर रखने का एक शासनादेश जारी हुआ था लेकिन वह कतिपय कारणों से लागू नहीं हो सका, जिसे अब लागू करना चाहिए. हिंदू समाज शहर से बाहर नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार करता है जबकि मुस्लिम समाज शहर के अंदर ही बने कब्रिस्तान में शव को दफन करता है, जिससे आम जनता भयभीत होती है और गंदगी भी फैलती है. ऐसे में कब्रिस्तान को शहर से पांच कोस दूर रखा जाए.

मांग पूरी न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी 
संत परमहंस दास ने यह भी मांग की कि अब शहर में कोई नई मजार न बने क्योंकि नई मजार पक्की होती है जो सदियों तक विद्यमान रहती है और अब शहर में जमीनें कम पड़ रही है, जिसकी वजह से दिक्कतें होती है. जब कब्रिस्तान शहर के बाहर होगा तो शहर में आबादी भी ढंग से रह सकेगी. परमहंस ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. इससे पूर्व संत परमहंस ने अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा के भीतर मांस मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित करने की मांग की थी लेकिन शासन ने अभी इनकी मांग पर विचार नहीं किया है. चेतावनी देते हुए संत परमहंस ने कहा कि यह धर्म नगरी है यहां पर मांस मदिरा नहीं बिकना चाहिए था, लेकिन शासन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है.
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